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  • 19 minutes ago
उत्तर प्रदेश की सड़कों पर कौतूहल बना 308 पहियों वाला बाहुबली ट्रक अब बनारस की सीमा में दाखिल हो चुका है. चंदौली से बनारस तक पहुंचने में इस ट्रक को कुछ परेशानियों का भी सामना करना है... 200 टन वजनी विशालकाय मशीन को अपनी पीठ पर लादे इस महाकाय ट्रक को आगे बढ़ाने में NHAI के अधिकारियों और पुलिस प्रशासन को भारी मशक्कत करनी पड़ रही है.. बता दें कि 200 टन का ये वेसल बेल्जियम से समुद्री रास्ते भारत आया जहां ओडिशा के पारादीप पोर्ट पर लैंड हुआ...

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00:01ुत्तरपिदेश की सरकों पर कौतूहल बना 308 पहियों वाला बाहुबली ट्रक अब बनारस की सीमा में दाखिल हो चुका है।
00:09चंदौली से बनारस तक पहुचने में इस ट्रक को कुछ परिशानियों का भी सामना करना पड़ा।
00:14दोसो टन वजनी विशालकाय मशीन को अपनी पीट पर ला दे इस महाकाय ट्रक को आगे बढ़ाने में NHAI के
00:23अधिकारियों और पुलिस प्रशासन को भारी मशक्कत करनी पर रही है।
00:27बता दें कि दोसो टन का ये वेसल बेल्जियम से समुद्री रास्ते भारत आया जहां ओडीसा के पारादी पोर्ट पर
00:36लैंड हुआ।
00:36वही से शुरू हुआ इसका लंबा सड़क सफर। चलिए सबसे पहले इसका पूरा रूट समझे।
00:45दोसो टन की मशीन को लेकर जाने वाले बाहुबली ट्रक के पूरे सड़क रूट की बात करें तो ये ट्रक
00:51ओडीसा के पारादी पोर्ट से चला है और उसके बाद ये जारखन पहुँचा।
00:57जारखन में राची, राची के पास नगडी टोल प्लाजा, पिसका रेलवे क्रॉसिंग के बाद इसका रूट सीधा बिहार की तरफ
01:05रहा।
01:06बिहार में पहले औरंगाबाद, फिर रोहतास और उसके बाद कैमूर से होते हुए बाहुबली ट्रक ने यूपी में एंट्री लीूपी
01:16के चंदॉली और वारा नसी से होते हुए अब ये बाहुबली ट्रक गासीपुर की ओर निकलने वाला है।
01:23उसके बाद आजमगड और फिर लखीमपुर खीरी होते हुए कुम्भी यूनिट में पहुचेगा।
01:31ट्रक की सबसे बड़ी खासियत। बाहुबली ट्रक में 308 पहिये हैं।
01:36विशेश मल्टी एक्सल हाइड्रोलिक ट्रेलर का इस्तमाल। ट्रेलर की लंबाई करीब 100 फीट।
01:43बाहुबली ट्रक की खास बात ये भी है कि इसके साथ पूरा काफिला चलता है।
01:49इस बाहुबली ट्रक के आगे पाइलट गाडियां चलती हैं।
01:53पाइलट गाडियों के साथ ही तकनीकी विशेशक्यों की टीम भी साथ चलती हैं।
01:58जो पूरे रास्ते ट्रक के निगरानी रखती हैं।
02:01और साथ ही इस्थानिय पुलिस, NHAI की टीम और इस्थानिय प्रिशासन इसके साथ रहता हैं।
02:08ताकि इतने बड़े और भारी कंसाइन्मेंट को सुरक्षित निकाला जा सके।
02:12अब जानते हैं कि आखिर इतनी बड़ी मशीन की जरूरत क्यों पड़ी।
02:17दरसल लखीम पूर खीरी के कुम्भी में बड़ा बायो प्लास्टिक प्रोजेक्ट बन रहा है।
02:23गन्य से बनने वाले उत्पादों की मदद से बायो डिग्रेडेबल प्लास्टिक पी ले तैयार करने की योजना है।
02:31रिपोर्टों के मताबिक परियोजना की लागत करीब 3,000 करोड से जादा बताई गई है।
02:37यही कारण है कि बेलजियम से आई भारी भरगम और ध्योगिक मशीनरी को कुमभी पहुचाया जा रहा है।
02:45इस 200 टन वजनी रियक्टर वेसल से चीनी और एथनॉल का उत्पादन किया जाएगा।
02:51बता दें कि यह पूरा मामला बलरामपुर, चीनी मिल और एथनॉल प्लांट से जुड़ा है।
02:57जिसके लिए विदेश से एक विशाल वेसल मंगाया गया है।
03:01गौर करने वाली बात यह है कि इस ट्रक के लिए सफर इतना आसान नहीं रहा है।
03:07इसके लिए रूट भी एक बड़ी समस्या के तौर पर सामने आई है।
03:11इस बात में कोई दोराय नहीं कि सडक पर चलता हुआ यह अनोखा बाहो बली ट्रक किसी अजूबे से कम
03:17नहीं है।
03:18जिसे देखने के लिए लोग सडकों के किनारे इखटा हो रही है।
03:23ऐसे में अब देखना यह है कि यह महा ट्रक अपनी तमाम बाधाओं को पार करते हुए कब तक सुरक्षित
03:30अपनी मन्जिल पहुच पाता है।

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