00:28।
00:33उनका तर्क है कि बहुस अदस्य चुनावायोग में फैसले सर्वसेमती या बहुमत के आधार पर होने चाहिए।
01:00उनका सूचियों से जुड़ी शक्तियां व्यक्तिगत रूप से CEC में नहीं बलकि चुनावायोग में निहित है।
01:07याचिका में SIR यानि Special Intensive Revision से जुड़े फैसलों पर भी सवाल उठाए गए है।
01:13इनमें दावा किया गया कि दोनों चुनावायोगतों ने कुछ फैसलों पर आपतियां दर्च कराई थी।
01:19याचिका करता ने अदालत से ये सपष्ट करने की मांग की है कि अगर आयोग के भीतर सहमती थी तो
01:27सम्मंधित फैसले किस कानूनी अधिकार के तहत लिये गए।
01:31बता दें कि चुनावायोग ने इन आरोपों से अलग अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि पिछले एक साल में
01:38लिये गए सभी फैसले ऐसा यार समेत पूरे आयोग के सर्व सम्मत निर्ने थे।