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Jitiya Nahay Khay Kaise Kare: जितिया पर्व का पहला दिन 2 अक्टूबर 2026 शुक्रवार को नहाय-खाय के रूप में मनाया जाएगा. इस दिन व्रत रखने वाली महिलाएं सुबह स्नान आदि करके पूजा करती हैं और इसके बाद भोजन ग्रहण करती हैं. इस दिन झिंगनी यानी तोरी, नोनी का साग और मडुआ की रोटी खाने की परंपरा बताई गई है.Jitiya Nahay Khay Kaise Kare: Kya Khana Chahiye Kya Nahi ?

The first day of Jitiya festival will be celebrated as Nahay-Khaay on Friday, October 2, 2026. Women observing the fast on this day bathe in the morning, perform puja, and then eat food. It is customary to eat jhingni (sliced ​​zucchini), noni greens, and ragi roti.

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~ED.120~HT.408~PR.111~VG.MX~

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Transcript
00:02जीतिया वृत हर साल अश्वन मास के कृष्ण पक्ष की अश्टमी तिथी को रखते हैं इसे जीवित पुत्र का या
00:09जीवतिया वृत के नाम से भी जानते हैं
00:11इस दिन माताएं अपनी संतान की लंबी आयू अच्छे स्वास्त और सुखी जीवन की कामना से वृत रखती हैं और
00:18भगवान से संतान की रख्षा के लिए प्रातना करती हैं
00:21वृत के शुरुवात नहाय खाय से होती है जो कि इस साल दो अक्टूबर को पढ़ रही है वही तीन
00:27अक्टूबर को वृत रखा जाएगा और पारण चार अक्टूबर को किया जाएगा
00:32बतादे की दो तरीक की सुबह उटकर सबसे पहले घर विशेशकर रसोई घर की अच्छी तरह से साफ सफाई करके
00:38नदी तालाव या घर के पानी में ही गंगा जल मिलाकर स्नान करें
00:42साफ शुद्वस्त्र पहने, तांबे के लोटे में जल रोली और लाल फूल डालकर भगवान सूरिदेव को अर्ग दें, भोजन सात्विक
00:49रखें, सेंधा नमक और सरसो तेल या घी का इस्तमाल करें
00:53पता दें कि कुछ खास समुदाईयों और परिवारों में जीतिया के नहाय खाय के दिन मचली, विशेश कर मंगरी या
01:01रोहू खाने की कुल परमपरा है
01:03ऐसा मानते हैं कि मचली को शुब और जल्चर माना जाता है, जिन घरों में ये पुरानी पीडियों से चला
01:09रहा है, वहाँ इसे प्रसाद या परमपरा के रूप में खाते हैं
01:12केवल नहाय खाय के दिन ही दोपहर के समय खाई जाती है, इसके बाद रसोई को पूरी तरह से साफ
01:18करके अगले दिन वरत की तैयारी कर लेते हैं
01:21इसके अलावब भोजन बढने के बाद सबसे पहले भगवान जी मूत वहान, पितरों, चील, श्रियार के नाम का अंश निकाल
01:29कर अलग रखते हैं
01:30इसके बाद अवरती महलाओं को स्वेम साथपिक भोजन ग्रहन करना होता है
01:34नहाय खाय के दिन दोपहर में एक बार ही पेड़ भर कर खा लेना चाहिए
01:38इसके बाद अगले दिन सूर्यदे के पश्रात से वरत की शुरुवात हो जाती है
01:44शाम को घर के मंदर में दीपक जला कर अगले दिन नर्जला वरत का संकल पले
01:49जीतिया में नहाय खाय की राद तीन से चार बजे की बीच ओठगन किया जाता है
01:53इसमें मीठा मडवा की रोटी दही या फल खाकर जल ग्रहन करें
01:58सूर्यास्तिया ब्रह्म मुहूर्त के बाद
02:00एक बार भोर में ओठगन करने के बाद नर्जला वरत शुरू हो जाएगा
02:06नहाय खाय की समय नोनी का साग, तोरई, मडवा की रोटी, अरवा चावल, चना दाल, सिंधा नमक, सरसो का तेल
02:14आदी चीजों का सेवन किया जा सकता है
02:16वहीं बैंगन, प्याज, लहसुन, मूली, मैदा, गेहू, सामाने चावल, मसूरदाल, सफेद नमक, तली भुनी चीजें, पांसाहार, अंडा, बासी भोजन, आदी
02:27का सेवन ना करें
02:27फिलहाल इस वीडियो में इतना ही, वीडियो को लाइक और शेयर करें, साथी चानल को सब्सक्राइब करना ना भूलें

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