00:00उत्तर प्रदेश पुलिस की फिर क्या ही जरूरत? बहतर होगा कि इसे खतम कर देना चाहिए. ये टिपनी किसी विपक्ष
00:08के नेता ने नहीं, बलकि देश के सर्वोच अदालत ने की है. सुप्रीम कोट ने यूपी पुलिस की कार्य प्रणाली
00:16और मनमानी पर अब तक की सबसे
00:18तीखी और तलक तिपनी की है. सुप्रीम कोट ने एक मामले की सुनवाई के दौरान यूपी पुलिस को आड़े हातों
00:27लेते हुए, यूपी पुलिस द्वारा कानूनी प्रक्रियाओं का माक हॉल उड़ाने का आरोप लगाया है. सबसे पहले तो ये सुनिए
00:36कि आखिर सु�
00:48वरोसा करेंगे. बहतर होगा कि हम यूपी पुलिस की सभी जाचों में CBI को शामल करने के लिए कहें. इससे
00:56तो अच्छा है कि हम यूपी पुलिस को ही खतम कर दे. यह बकवास किसी ना किसी मोड पर तो
01:02रुकनी ही चाहिए. आप आरोपी को मौके पर पकड़ते हैं, लेकिन
01:06F.I.R. में उसका नाम नहीं देना चाहते. शायद अगर समीकरण आपके पक्ष में बन जाए तो आप नाम
01:14बदल सकते हैं. अपने किसी व्यक्ति का नाम डाल सकते हैं. क्या वहाँ इसी तरह काम होता है? व्यवस्था और
01:22कानून के साथ चल रहा यह खिलवार और बकवास अ�
01:36यह तिपनी एक F.I.R. में आरोपी का नाम खाली छोड़ देने और बाद में नाम जोड़ने पर की
01:42है. पूरा मामला क्या है हम आपको समझाते हैं. हम आपको बताते हैं कि सुप्रीम कोट में किस मामले पर
01:50यूपी पुलिस पर तीक ही तिपनी की है. दरसल यूपी पुलिस �
01:54एक मोटर साइकल सवार के खिलाफ अग्यात व्यक्ति के नाम से F.I.R. दर्ज की. जबकि शिकायत करता का
02:02कहना था कि उसने आरोपी को मौके पर ही पकड़ लिया था और पुलिस के हवाले कर दिया था. पीट
02:09ने सवाल किया कि F.I.R. अग्यात लोगों के खिलाफ क्यू दर्
02:24से ही जाच को एक तरफा तरीके से आगे बढ़ाया. उसका कहना था कि मौके पर पकड़े गए मोटर साइकल
02:33सवार का नाम F.I.R. में दर्च नहीं किया गया और आरोपी वाले कॉलम को खाली छोड़ दिया गया.
02:40बाद में हाई कोट के स्टेटस रिपोर्ट मांगे जाने के �
02:43बाद पुलिस ने चार्च शीट में बाइकर का नाम शामिल किया. लेकिन बाद में उसे क्लीन चिट दे दी गई.
02:51याचिका करता ने यह भी बताया कि जब मोटर साइकल जब्ट की गई थी तब उस पर नंबर प्लेट नहीं
02:58था. लेकिन जाच के दौरान बाद में उसमें ए
03:13पार्टी अध्यक्ष और उनके नेताओं ने सुप्रीम कोट की आड में सीधा योगी सरकार पर तीखा हमला बोला है. और
03:22यूपी पुलिस पर मन मर्जी करने का आरोप लगाया है.
03:26इस सुप्रीम कोट ने कहा है कि पुलिस ख़तम कर देनी चीए. ये बात पहली बार नहीं हुई है. मैं
03:34मानिये सुप्रीम कोट, मानिये हाई कोट. समय समय पर सरकार पर इस से भी इसी तरह की टिपड़ियां हुई है.
03:45सुप्रीम कोट, हाई कोट से इसी तरह की टिपड़िया
03:48foreign
04:22The Supreme Court has not done it, many times he has done it.
04:30If you see the Supreme Court in the period of time, when the Supreme Court has done something,
04:39the Supreme Court has stopped.
04:55The Supreme Court has stopped.
04:59राज्य सरकार और पुलिस के आला अधिकारियों को सक्त निर्देश दिये हैं।
05:05कोट ने साफ कहा है कि कोई भी पुलिस अधिकारी कानून और सविधान से उपर नहीं है।
05:11अगर पुलिस ने अपनी इस मनमानी कारेशली को तुरंग नहीं सुधारा,
05:16तो अधालत को सक्त कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
05:21जिसकी पूरी जिम्मेदारी सीधे तौर पर उत्तर प्रदेश शाशंकी होगी।
05:27वहीं यूपी पुलिस को मिली इस चेतावनी के बाद राज्य की सियासत भी गर्माई हुई है।
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