00:00मस्कार्स, वागेट है आपका अब देख रहे हैं विशेश, आपके साथ हुमे नेहा बातम
00:03क्या देश के सामने एक बहुत बड़ा खाध्यान संकट आने वाला है
00:08विदेश मंतिया जैशंकर ऐसी आशंका क्यों जता रहे हैं
00:11जैशंकर ने अमेरिका में कारकम के दरान दुनिया की चनौतियों का लिख्र किया
00:15और भारत के संदर्ब में बात की तो उर्जा, वर्टिलाइजर के साथ साथ
00:19खाध्यान संकट का भी जिक्र किया जिसके बाद कई सारी आशंकार जताई जा रहे हैं
00:24वो भी तब जब क्रिशीमंदी कह चुके हैं कि कहीं भारी बारिश और कहीं सूखा पहले से ही फसल खराब
00:30कर रहा है
00:51क्या भारत पर बहुत बड़ा खाद्यान संकट आने वाला है
00:56कहीं बहुत ज़ादा पारिश और बाड और कहीं सूखा
00:59ये किस तबाही के संकेत है
01:03क्या सूपर अल्नीनो भारत में बड़ी तबाही लाने वाला है
01:06पूरी दुनिया इस वक्त एक भीशन संकट की चपेट में है
01:11पश्यम एशिया तनाव के चलते पहले ही दुनिया में उर्जा का संकट है
01:15अंतरराष्ट्रिय बाजार में तेल की किमते सारे रिकॉर्ड तोड़ चुकी है
01:19रूस यूकरेन युद्ध के चलते रासाइनिक खाथ संकट भी सामने है
01:23भारत में कहीं सूखा है तो कहीं बहुत जादा बारिश की वजह से फसलें खराब हो गई है
01:28और उपर से अल नीनो की चेतावनी ने चिंताएं बढ़ा दी
01:33और ऐसे में विदेश मंत्री S. जैशंकर के बयान ने बड़ी खलबली पैदा कर दी
01:37अमेरिका में एक कारिक्रम में जैशंकर ने मध्यपूर और ब्लैक सी में चल रहे युद्धों की वजह से
01:43दुनिया में हो रही किल्लत पर चिंता जताएं
01:47जैशंकर ने भारत में खाद्यान और फटिलाइजर संकट का जिक्र किया तो हंगामा मच गया
01:51मध्य एशिया और रूस यूकरेन के बीच छड़ी जंग की वजह से जैशंकर अपनी चिंताएं जता रहे हैं
01:57लेकिन भारत की समस्या इसके अलावा मौसम भी है
02:01महराश्ट में सूखा पट रहा है
02:03खड़ी फसलों को पानी नहीं मिला तो फसलें ही खराब हो गई
02:06दूसरी तरफ बहुत से ऐसे राज्य हैं जहां भारी बार की वजह से फसलें बरबाद हो गई
02:11खेतों में खड़ी धान की फसल बार के पानी में डूब गई
02:16खाने का अबान आज नहीं बज़ेगा
02:18कितने गाओ परभावित हो रहे हैं इससे मने कम से कम परेविश गाओ परभावित हो जाएगा
02:23उन लोग को खाने के लिए दाना नहीं मिलेगा
02:34खुद देश के क्रिशी मंतरी स्विकार कर रहे हैं कि इस बारहे परसंट बारिश कम हुई है
02:39सोचिए पूरा मौनसून का सीजन निपट गया
02:42सितंबर खत्म हो गया और बारिश का डेफिसिट खत्म ही नहीं हुआ
02:46यही वज़े है कि खरीफ की फसल में बुआई का एरिया कम हो गया है
02:51अभी साल अल्मीनों का सग्ड़ट उसकी आसंगा थी
03:01और अल्मीनों से निपटने का ब्यापन प्रत्मिन अप्रेल से हमने प्रारंप कर लिया
03:11अभी इस वीच में जो बरसा की इस्ति है लगवक बारा परसेंट बरसा की कमी है
03:22पहले है यह 24-25 सारी तक 14 परसेंट की कमी थी लेकिन अब यह पिछले 3-4 तनों में
03:30जो बारा परसेंट रह रही है
03:35लेकिन बरसा भी असमान हुई है तो जगे सामाने से कम हुई है
03:42कमी है लेकिन के जगे सामाने से ज़्यादा बरसा भी हुई है
03:50लेकिन बरसा के कारण, कम बरसा के कारण और अल्लीनों के संकट के कारण
03:55जो आसंका थी के खरीव की फसल में जो एलिया होता है सोहिंक का बोनी का वो काफी कम हो
04:06जाएगा
04:07खाद्यान संकट को लेकर चिंता इस बात से भी है कि इस बार खरीव की बुआई का क्षेतरफल पिछले स्ताल
04:13के मुकाबले एक परसंट कम रहा
04:15जिससे धान का क्षेतरफल करीब 16.32 लाक हेक्टेर घटा तो मक्का, सोयबीन और कापास में भी कुछ कमी रही
04:23हालां कि उड़द, बाजरा, ज्वार, तिल, सूरजमुखी और तुवर का रखबा बढ़ा है लेकिन भारी बारिश बारिश बार्ट से करीब
04:296.1 एक एक लाक हेक्टेर फसल प्रभावित हुई है
04:33बारिश के चलते करनाटग, महराष्ट, आंधिप्रोदेश, तिलंगाना और राजस्थान के कुछ हिस्तों में नुकसान की जानकारी मिली है
04:42महराष्ट के तो कई जिले सूखा प्रभावित घोचित हो चुके हैं
04:46इन जिलों के किसान मौनसून का इंतजार करते ही रह गए
04:49खेतों में सोयबीन, कपास की फसल, पानी की कमी की वज़ह से बरबाद हो गई
04:53हालात ये हैं कि सूखे के चलते, अवक किसान कहीं का नहीं रहा
05:16बारिश के आंकड़े बताते हैं कि महराष्ट के कई जिले सूखे से प्रभावित है
05:20इन जिलों में अमरवती, नाकपुर, वर्धा, अकोला, बुलधाना, वाशिब, यवतमाल, चंदरपुर, हिंगोली, परभणी, बीड, शोलापुर, सांगली और सतारा शामिल है
05:32राज्य की रिपोर्ट के मुताबिक कई जिलों में बारिश में बड़ी कमी दर्च की गई है
05:36शोलापुर सबसे जादा प्रभावित जिलों में शामिल है जहां 56% बारिश की कमी रही
05:41यहां 21 से 43 दिनों तक बारिश नहीं हुई
05:43वहीं मराटवाडा के दूसरे जिलों में लातूर, धाराशिव, बीड और परभणी में बारिश की कमी 35 से 40 प्रतिशत के
05:50बीच रही
05:51सरकार के रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि फसलों को 60 प्रतिशत से ज़्यादा नुकसान हो सकता है
05:56सोयबीन के फसल में 80 से 90 परसंट तक का गिरावट का अनुमान है
06:00वहीं बाजरा, मक्का और तूरदार की फसल में 60 से 70 प्रतिशत तक गिरावट हो सकती है
06:08सरकार भी मानती है कि महराष्ट में सूखे के वज़े से हालात बत से बत्तर है
06:13खरीफ की फसल पूरी तहर बरबाद हो चुकी है
06:16लेकिन अभी तो असली डर रभी की फसल को लेकर भी है
06:19क्योंकि अल्लीनों की वज़े से रभी की फसल पर भी बरबादी का साया है
06:24परियावरण पर नजर रखने वाली वैश्वीक संस्थाइस बात की चेतावनी लगातार दे रही है कि एल्लीनू के सक्री होने के
06:29बाद मौसम में चरम बदला होंगे
06:31कहीं अत्याधिक वर्षा होगी तो कहीं बहुत ज्यादा गर्मी होगी
06:34भारत के लिहाद से देखें तो ऐसे में चरम मौसम का सीधा सा मतलब है कि जब अक्टूबर नवंबर के
06:39बाद ठंड बढ़ती है
06:40ऐसे में अल्लीनो के बज़े से तापमान में बढ़ोतरी होगी
06:42गर्मी ज्यादा होगी तो नमी कम होगी और इसका सीधा असर रभी की फसल पर होगा
06:47और ऐसी कई सारी रपोर्ट मेरे हाथ में जो है कह रही है कि गेहूं की फसल पर इसका प्रत्यक्ष
06:51प्रभाव पड़ेगा
06:52और खासकर एशिया ये ऐसे देशों में जो पहले ही वैश्विक संकट से जूज रहे हमारे पास उर्जा का संकट
06:57है
06:57ऐसे में अनाज पर उसकी बुवाई पर और फसलों की पूरी गुणमत्ता और उसकी क्वांटिटी पर असर पड़ सकता है
07:03ये सुपर एल नीनो बहुत बड़ी चुनोती लेकर के आया है जिसका सीधा असर भारत, श्रिलंका, बांगलादेश, पाकिस्तान जैसे देशों
07:10पर पड़ेगा
07:10भारत इसलिए क्योंकि उसकी जरूरते बड़ी है, उसकी आबादी बड़ी है और उसकी क्षमता जो है, उसका जो उत्पादन है
07:16वो आत्म निरभर अपने अनाच पर है
07:18और ऐसे में एल नीनो सीधा असर डाल सकता है
07:29सवाल ये है कि क्या मौनसून के पैटर्न में आया बदलाव और अलीनो के प्रभाव की वजह से भी खाद्यान
07:35संकट खड़ा हो सकता है
07:36क्योंकि जैशंकर सुपर अलीनो का जिक्र कर रहे हैं, ये सुपर अलीनो है क्या और विशेशग है ये क्यों कह
07:43रहे हैं कि अलीनो खरीफ के साथ साथ राबी की फसल भी खराब कर सकता है
07:49ये हैं वो खत्रा जिसके बारे में पूरी दुनिया को संयुक्त राश्ट्रफी आगाह कर रहा है
07:54अल्नीनो जो अब सूपर अल्नीनो हो चुका है
07:58कहीं भारी बाड़, कहीं भयंकर सूखा, कहीं बहुत गर्मी, कहीं बहुत ठंड
08:03इसके पीछे अल्नीनो ही जब्मेदार है जो अब सूपर अल्नीनो बन चुका है
08:08क्या होता है सूपर अल्नीनो सब से महले पर्यावरन विदों से इसे समझें
08:15पर एलिनो हम क्यों इसको बोल रहे हैं सो हम बताना चाहेंगे क्योंकि जो ओशन टंपरिचर इसके उपर एक कैसी
08:22पिरियोडिक सीनुसोडल जो बेहिवियर होता है ओशन टंपरिचर का वो करीब तीन से पांक साल के अंतरा हो पर बदलता
08:30रहता है कभी तीन साल में कभी चार सा
08:32और Spis 6 जाल में कभी पांच साल ने और इसका इंडेक्स होता है इसे हम से हमिस्कू Let's करते
08:37कि वो कि इतना जजादे उसका परभाव है
08:40तापमान के उपर, तो अलनीनो, सूपर अलनीनो तब बनते हैं कि जब इसका टेंपरिचर, जो नॉर्मल टेंपरिचर है, उससे कहीं
08:47जाद होता है, इस बाद जो अलनीनो इवेंट है, वो आपकी सूपर अलनीनो की कैटेगरी में आते हैं।
09:10जबी के फसल पर होगा, यानि यहूं के फसल में कमी आसर की है।
09:41जब भारत में सर्दियों का समय होगा, ऐसे में तापमान सामानी से ज्यादा होगा, नमी कम होगी, जिसका सीधा सासर
09:49फसलों पर खासकर रभी की फसल पर दिखाई देगा।
09:53जिसको हम बोल सकते हैं कि जो हमारे आगे आने वाला जो टमप्रिचर इस्पेशली और जो हुमिडिटी उसके उपर बढ़ेगा।
10:02टमप्रिचर अगर बढ़ेगा तो नेचरली आपकी हुमिडिटी थोड़ी कम हो जाएगे।
10:06और हुमिडिटी कम होने का जो मतलब है जितने भी हमारी जो अगरिकल्चर पार्ट है उसके उपर भी उसका परभाव
10:13पढ़ता है।
10:14एक इसमें एक हम एक्जम्पल ले लेते हैं कि जो आगे आने वाली हमारी खरीब की फसल है।
10:20उस पे हम कैसे हम इसको देखें।
10:22क्योंकि अगर हमारे ड्राइश पैल रहेगा और ड्राइश पैल रहेगा तो इस्पेशली जो वेस्टन डिस्टरबेंस रहें।
10:32उनका जो क्लाउड फोर्मेशन है उसको इंपैक्ट जरूर कर सकता है।
10:35अगर आपका ड्राइश पैल आ रहे हैं और अधर से परियाब्त मोश्यर अगर नहीं है तो वो उसको रेन पैटन
10:41में बदलना मुश्किल होगा।
10:52परियाब्रन पर नजर रखने वाली संस्था क्लाइमेट ट्रेंट्स ने रभी की फसल को लेकर होने वाले बदलाव पर बड़ी रिपोर्ट
10:58दी है।
10:59जिसमें कहा गया है कि बढ़ता तापमान गेहूं की फसल के लिए बड़ा जलवाई जोखिम बन रहा है।
11:04खासकर फूल आने और दाना भरने के चरणों। फरवरी मार्च में अचानक गर्मी बढ़ने से दाना भरने की अवधी कम
11:11हो सकती है जिससे दाने का आकार और वजन प्रभावित होता है।
11:14गेहूं उत्पादक शेत्रों में तापमान तेजी से बढ़ रहा है।
11:172011 से 2025 के बीच हरियाना, पंजाब, उत्तरप्रदेश, गुजराद और मध्यप्रदेश में गेहूं के मौसम में आसत तापमान में वृत्धी
11:26धर्श की गए।
11:27मार्च से मई के दौरान असमय बारिश गेहूं की गुनवत्ता खराब कर सकती है।