00:00लवीन दूबे जी का इस पर opinion चाहूंगा कि ये कितना impactful हो सकता है क्योंकि अभी हमने recently देखा
00:06मुद्दे बढ़ते जा रही है एक के बाद एक अलग elections आ रहे हैं पहले students का मुद्दा उठा अभी
00:13CEC का ग्यानेश कुमार जी का मुद्दा चल रहा है और साथ साथ women safety का मुद्द
00:29की point जाएगा तो ये problem हो सकती है बीजेपी सरकार के लिए आपके क्या opinions है सर इस पर
00:35निश्य तोर पर उतकर्ष जी एक दो चीज़ें आपको देखनी पड़ेंगे हम लोग भी देख रहे हैं कि बरतमान समय
00:42में ये चीज़ तो बड़ी इसपस्ट है चाहें वो लोकसभा स्प
00:58के साथ उनको काम करना चाहिए था या पहले त्यास में किया है वो निश्वक्षता नहीं दिखाई दे रही है
01:04ये सबसे बड़ा प्रस्ट है और इस चीज़ को लेकर देश की जंता भी चिंतित है विपक्ष के राजिया तेक
01:09दल भी चिंतित है मैं समझता हूं भारती जंता
01:11पार्टी के गठवंदन में जो दल हैं वो भी कही तरी की चिंता प्रगट कर रहे हैं ये पहली चीज़
01:18दूसरी चीज़ आती है अभी पिछले साल तीन सो चौबिस पांच का नोटिस देते हैं विपक्ष के सांसर रिष्ट रिष्ट
01:25सांसर्ट होने साइन किया हो साइन करके
01:40लगबग ऐसा ही होगा अगर तब क्या होगा तो इसका मतलब है कि कहीं न कहीं लोकतांत्रिक वेवस्था को लोकतांत्र
01:47को डेंट दिया जा रहा है ये एक तरीके से आप कह सकते हैं कि कि किस हद तक अगर
01:54हम डेमू करीजी को हिट करेंगे और कब तक जंता साइलेंट रहेग
02:02कि सब करेंगे क्या जंता इसके साथ आ रही लेकिन एक चीजब जी जो चर्चा आ रही थी जैंजी की
02:08अब अगर जैंजी इसको जाग रूख होको और बुद्दा बनाके सड़कों पर उतरता है तो निश्चित तोर पर भारतिये जंता
02:16पार्टी के लिए एक अलार्मिंग सि
02:30निखने को मिल रहा है उससे यह अनुमान लगाया जा सकता है कि दो अक्यूबर से सुरू होने वाला यह
02:36जो मार्च है निश्चित तोर पर यह बड़ा और व्यापक रूप ले सकता है अब दो तीन चीज़े आती हैं
02:44जैसे यह कहा गया कि इसमें आम आद्मी पार्टी सामिल
02:48नहीं हो रही है विजय धलपती सामिल नहीं है डी- एम के सामिल नहीं है प्रस्टिये नहीं है प्रस्टिये
02:55है कि इन विपक्षी दलों का जो भी गठवंद रे उसके साथ अगर जंता आ जाती है
03:01तब वो इस्टितनी फिर अलग बन जाती है पिर उतमें किसी डल का ये भागी दारी उसकी सह बागी ता
03:06बहुत महित्पूर नहीं रह जाती है जनता जब किसी आंदोलन को उठा लेती है तो वो आंदोलन सफल होता है
03:13उसके आपको याद होगा जोमांदल कमिसन लाया गया था �
03:18बहुतिए जनता पार्टी के सयोक से लाए गया था बीपियसिंग की बड़ी तालियां वजय की ते उसके बाद आज की
03:23नम लेने वाला कोई नहीं है उनकों को पता हिंए है कारण ये है के आप ने कहीं न कहीं
03:38ऐसा काम किया है जिससे इस डेश की जनता विवाजित थो
03:41कबो बेस वही इस्थिती आज भी इस देश के अंदर बन चुकी है
03:46तो ऐसी इस्थिती में आप एक चीज़ देखेगा
03:48SIR की बात की जाती है
03:49बिहार का SIR अलग पेरामीटर्स पर होता है
03:52बंगाल का SIR अलग पेरामीटर्स पर होता है
03:55फिर आप कहते हैं कि हमने ECI नेट एक पोर्टर्स चालू कर दिया
04:01अब आपने जो लोकल का SIR होता है जो वेरिफाई करता है
04:05एक्ट्वल इलेक्टरोल में वोटर को उसकी तो पावरी सीच कर दिये
04:10उसके आप में कुछ है निए अब आपके पास जो ओनलाइन पहुंचके आपने उसमें प्रिकेंट चूज करना कि हमने किसको
04:15वोटर बना कर रखना कि इसको नहीं रखना है
04:32अपने लेवल पर उसको डेसाइड करना शुरू कर दिया अर्थात ये सीधी सीधी लोक्तांत्रिक विवस्था के उपर लोक्तांत्रिकी हत्या करने
04:41का प्रियास किया गया जिसकी पोल बाद में खुली
04:48इसके बाद जब जो आपके सहयोगी चुनाव आयोग सामने आते हैं और वो जिस तरीके से भी बात कहते हैं
04:55वो बाद जब एक देस के बड़े अख़वार इंडियन एक्प्रेस में चपती है वो रिपोर्ट पूरी पूरी आती है उसके
05:02बाद कोई काउंटर नहीं कर पा रह
05:13तो इसके प्रदानमंतरी की जिम्मेदारी बढ़ जाती है देस के रस्फती की जिम्मेदारी बढ़ जाती है अब आप हाइडेंट्टी खिरते
05:21रोव-च्पथे रो-बचाते हो यह चलने वाले नहीं दूसरी नहीं चीशी नहीं भारतर नियुझ होने कर शिव पातलों कर
05:40�
05:40होगा तो इस तरीके की इमुनिटी इस तरीके का सेफगार्ड आप किसी आदमी को दे देंगे तो वो तो मनमानी
05:45करेंगा ना वो तो फिर वो या प्रिविवर्स कानून लागू हो गया ना कि राजाओं को साथ अधिकार था जब
05:52दिला हुआ था रियास्तों का हमारे यांगी �
05:55देश की अधर और सुतंता के बाद देश को एक जुट सर्दाद पठेलने किया था तो फिर तो वही वाली
06:00बात हो जाएगी कि यह जो चाहां वो करें उनको पूरी लिवर्टी क्योंकि कानून उनको उपर लागू होता नहीं है
06:07तो यह जो इम्मुनिटी प्रतान की गई ग�
06:09मैं समझता हूं इसको बापक लिया जाना चाहिए और अब्यपक जिस तरीके से महावेवोग प्रस्ता और लेकर आ रहा इनके
06:16खिलाप उस पर क्या इस्टितियां बनेंगी लेकिन सबसे बड़ी इस्टिती होती है जनता की अगर यह जनता की बीच में
06:22जा रहे हैं और दो त
06:39सवाल मेरा यह रहेगा कि हम समझ गए जो मुख्य मांग है कि हम सबको इस्तीफा चाहिए ग्यानेश कुमार का
06:47लेकिन अब यहां से आप इसका कनेक्शन बीजेपी से कैसे जोड़ेंगे और बीजेपी से अकाउंटिबिलिटी में आपको क्या चाहिए क्या
06:56आप सीधा PMHM का
06:57स्टीफा मांग रहे हैं या कोई और रास्ता है जो यहां से जाता है क्या सोचते हैं क्या सोचते हैं
07:03आप सर देखिए कौसिक जी प्रदान मंतरी मोदी और अमिस साक्यूपस सवालिया निशान और सवाल उठ रहें और मैं मुद्दे
07:16की बात करू मैं ग्यानेश कुमार को जि
07:27ने अपनी सेवा दी है लेकिन वहां पर भी बड़ी मात्रा में बश्चाचार में उनका नाम आया था उसके बाद
07:34अमिसा के मंत्राले मुद्द सेकेटरी भी रहें यह पूरा देर जानता है और आलूग जी भी जानते होंगे लेकिन अमिसा
07:42ने अपने सेकेटरी को सिधा च�
07:50कहा एक ऐसा कानून बना देना और उसको पूरी तरीके से कवच कुंडल प्रदान कर देना कि उस पद्ध पे
07:56रहते हुए या उस पद्ध के बाद रिटायर्मेंट के बाद आपको कोई जेल में नहीं डाल सकता या आपके उबर
08:03किसी प्रकार की कोई भी कोई भी कारवाही न
08:18नवीन जी ने जो बात कही उन्होंने पूरी परद खोल दी और उन्होंने ईक गयंजी जब आपको बता दो की
08:33देखा का
08:36कहीं न कहीं ये मुझे और पूरे एस को लगने लगा है कि यानेज कुमार का इस्तिपा 100% होगा
08:46और उनको देना ही पड़ेगा क्योंकि अभिजीद दिपके ने जो उन्होंने पहले ही राउंड में उन्होंने धर्मिंद प्रदान का इस्टिपा
08:54लिया तो सबको लगने लगा है
08:56और में कौसिधी में आपको बताऊ मुझे सुएम मैं मुंबई से आता हूं मुझे स्वेम टीसीपी साथापका फोन आया था
09:03सुबह सुबह आया था कि आप लोग मुंबई जाने वाले हैं क्या उस प्रोटिष्ट में तो हमने बोला कि नहीं
09:09हमारा तो नहीं है वो तो अभीजी दिफ्के का अंदूलन है
09:12हमें है अईसी सोचना मिली है कि कौंग्रेस पार्टी पैक टोर्ट से उनको टागत देने का काम करी है हर
09:18जिले से लोग वहां पर बड़े मात्रा में जा रहे है तो हमने कहा कि इसी इतनी भी प्रकार की
09:22बात नहीं हुई है और कौंग्रेस पार्टी इसमें इन्वाल नहीं है व
09:40उनके कुप्टचर इस तरीके से अगर जानकारी निकाल रहे हैं तो सरकार डरी हुई, महराज की भी सरकार डरी हुई
09:47है और केंद्र की सरकार डरी हुई है, तो इसका मतलब यह है कि संभिधान और लोकृंद की रक्षा के
09:53लिए कौशिक जी, मैं तो कहता हूं कि बेज़त होने
09:56से बेज़त होने से अच्छा है कि बेज़त हो की इस्तिपा दें, अगर वो इमानदारी से अगर स्वैम आ की
10:05इस्तिपा दें, कि देज़त अगर मेरे उपस्तर करता है, अगर मैं काम सही डंग से नहीं कर पा रहा हूं,
10:10तो मैं इस बद से मुफ्ती चाहता हूं, मैं आपको �
10:13बड़ी बात करता हूं कि क्याने इस उमार को लोग उनकी सराना करेंगे लेकिन पेच्चत होके इस्तिपा देंगे तो लोग
10:20उनको जिंदी की भर तक उनके उपर कलंग लगा रहेगा ये व्यक्ति ऐसा रहा इस वर्स में इन्होंने बड़ी मात्रा
10:29में ओड़ चुरी करवाई
10:30और कौसी की मजूप ये चीज कहना चाहता हूं कि धानली हुई है धानली सामने आ रहे है अलोग जी
10:37ने कहा कि SIR प्रिक्रिया है मैं भी मानता हूं इनकी बात से मैं सहमत हूँ
10:41SIR प्रिक्रिया है उस प्रिक्रिया के तहत काम होना चाहिए उसके पहले भी हुआ लेकिन इस तरीके से किसी एक
10:48समुदाय का ओड़ को टार्गेट करना एक समुदाय को ओड़ को काटना एक एक विदान सबाक में कैमरा लगा कि
10:56देखना कि यहां भी इतना ओड़ काटेंगे �
11:04अब यानेश कुमार और मोदी जी और अमिस्सा यह तीने उकर पर पुरा देश किक्तिकी भरी निगाहों से देख रहा
11:11है कि आने वाली समय में क्या होता है
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