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  • 11 minutes ago
चुनाव आयोग ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया को लेकर एक अहम फैसला लिया है. जिन 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR पूरा हो चुका है. वहां आयोग एक विशेष अभियान चलाएगा ताकि छूटे हुए पात्र मतदाताओं और 18 साल की उम्र पूरी कर चुके नए युवाओं के नाम वोटर लिस्ट में जोड़े जा सकें. इसके साथ ही, आयोग ने SIR पूरा हो चुके राज्यों में ऑनलाइन 'फॉर्म 6' से अतिरिक्त घोषणा-पत्र को भी हटा दिया है. जिससे अब दोबारा नाम जुड़वाने के लिए 2003 की वोटर लिस्ट की जानकारी नहीं देनी होगी.बता दें कि महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा दो करोड़ नाम वोटर लिस्ट से हटे हैं. इस पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता और ECINet की समीक्षा के लिए एक विशेष कमेटी भी बनाई जाएगी, जिसमें आईआईटी या आईआईआईटी का स्वतंत्र विशेषज्ञ भी शामिल होगा.

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00:28Special Intensive Revision
00:44इसके अलावा आयोग ने ECI NET की समिक्षा के लिए एक कमिटी बनाने का फैसला किया है
00:51जरूरत के मताबिक Software में बदलाव भी किये जाएंगे
00:55चुनावा आयोग SIR से पहले और बाद की मतदाता सूचियों की तुनला करेगा
00:59ताकि गलती से हटे पात्र मतदाताओं की पहचान हो सके
01:03BLO घर जाकर ऐसे लोगों की जाच करेंगे
01:07डुप्लिकेट या मृत नहीं पाए जाने पर Form 6 के जरिये नाम दुबारा जोड़ा जाएगा
01:12इसमें राजनितिक दलो और बूथ लेवल एजेंटों की भी मदद ली जाएगी
01:16अंग्रेजी अखबार की एक रिपोर्ट के मताबिक
01:19चुनाव आयोक्त सुखबीर सिंग संधू और विवेक जोशी ने
01:22दस महीनों में Form 6 में अतरिक्त जानकारी जोडने और SIR से जुड़े फैसलों पर 14 बार अपत्ती जताई थी
01:29उनका कहना था कि नियम बदले बिना Form में नया हिस्सा जोड़ा गया है
01:34हाला कि चुनाव आयोग ने बुद्धवार को SIR पूरा हो चुके राजों में Form 6 में से अतरिक्त घोशना पत्र
01:40हटा दिया था
01:41अब SIR में नाम कटने के बाद दुबारा नाम जोड़वाने के लिए 2003 की वोटर लिस्ट की जानकारी नहीं देनी
01:49होगी
01:49Euro Report, ETV भारत
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