00:00आप छोटे होंगे, ये सब कहानियां पढ़ते होंगे, गांधी जी कहीं जा रहे थे, जहां जा रहे थे, वहाँ पता
00:05नहीं क्या था, तांगा था, कुछ भेजना था, किसी ने भेजा नहीं, तो पैदली भग लिए, जब पैदली भग लिए,
00:09देख रहे हैं अपना घड़ी म
00:11में पहुचेंगे नहीं तो एक आदमी रास्ते में साइकल इधरा उसकी साइकल ही लेकर भग लिए अब कोई बात पता
00:19है अपनी पत्नी के भी खूब खिलाफ हो गए थे वो एक हरिजन बच्ची को गोद लेने से मना कर
00:23रही थी अड़ गए बोले कि अगर ये हरिजन बच्ची
00:27मेरी बेटी नहीं बन सकती तो ये आश्रम भी नहीं चलेगा निकलो सब यहां से और मैं भी निकल जाओंगा
00:34अगर ये हरिजन लड़की यहां नहीं आ सकती तो फिर हैं कोई नहीं आ सकता ये तो छोड़ो कि बाहर
00:40वालों की विरुद्ध संघर्ष कर रहे थे अपने ही आश
00:57तो जो भी ठीक लगता था उसको जीते थे जो भी ठीक लगता था उस पर अड़ते थे बड़ी बात
01:04है यह वेदांत जैसी बात हो गई है इतना तो कर सकता हूं रोक नहीं सकता कुछ हो रहा है
01:11गलत उसको रोक नहीं सकता तो कम सकम उसको सहयोग देना बंद करूंगा ये है �
01:17उनकी खासियत और ये खासियत अक्षर सामने नहीं ले जाती आग्रह आग्रह अड़ना जिद