00:00गुरुओं को देखते नहीं हो
00:02जैसे होते आए हैं सब बड़े-बड़े
00:03गुरु लोग प्रसेदगर उनका अड़्डा होता
00:05तो मैं यहां प्रवेश करता तो पहले तो भक्त जन
00:07नाच गा के मेरा स्वागत करते
00:09ऐसे थोड़ी बैठे होते
00:12यहां सब नाच गा रहे होते हैं
00:13और खास कर विशेश कर जो सुंदर यह होती हैं
00:15उनको आगे-आगे रखा जाता
00:16कि आओ रे तुम लोग गाओ
00:18और जिनका गला अच्छा है वो यहां पांसाथ बैठे होते
00:21और वो ऐसे थोड़ी बैठे
00:30अब पांसाथ और तयार करके रखे होते कि
00:33जैसे ही गुरू जी घुसेंगे वैसी उनके चरणों पे गिर जाना बिलकुल
00:36दो-चारों कह जाता तुम बिहोश हो जाना
00:38एक-दो अपॉइंटेड होते कि वो आएंगे और तुमारे सर पे ऐसे हाथ रखेंगे
00:42और जैसे ही हाथ रखें तो शक्तिपात होगा और तुम जूम के वहीं गिर जाना
00:48बाबा जी थे भी उन हाल में बोला है
00:50बोले कि देखो अब तुमने जा करके भजनों को रॉक और पॉप बना कर नाचना तो शुरू करी दिया है
00:57तो इससे आगे बढ़ो बच्चा रुकोमत एक दूसरे में डिविनिटी देखा करो बेबी को देवी बोला करो
01:03जैसे फिर रामकृष्ण को समाधी लगते दि तुम्हें भी लग जाएगी
01:07ये आवरण का जो पूरा खेल चलता ये और क्या है बोलो ना
01:11पहली चीज जिस पर आपको किसी को अस्विकार कर देना चाहिए जैसे ही देखो कि बहुत साथ सज्जा करें
01:17खासकर अध्यात्म के क्षेत्र में अगर आप किसी को साधारण कपड़ों की जग है
01:22अगर चोला पहने देखें आपको पूछना चाहिए कि पहले तो ये बताओ कि तुमने ये पहना क्यों है
01:28ये तुमने खासकर सिलवाया न जाने किस डिजाइनर को बुलवाया
01:32तो मैं तुम्हें इसी बात प्यस्विकार करता हूँ आगे तुमसे कोई बात करनी ही नहीं है
01:36इसके आगे अब कुछ बचा नहीं है ये जो तुमने किया है ये तुमने मुझे समोहित हिपनोटाइस करनी के लिए
01:41किया है
01:41तुम तो शिकार कर रहे हो मेरा, तुम कहां के गुरू हो गए, कोई भी बहाना देकर तुम्हें बेहोश किया
01:48जाए, हुने मत देना, बात उस पल की नहीं है, जीवन भर कीमत चुका हो गए.