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  • 8 minutes ago
Takabur - Ep 16 aPlus Entertainment

A social-romantic family drama focusing on ego, pride, societal status, and family conflicts.

Director: Ahsan Talish
Producer: Sadia Jabbar
Writer: hahzad Javed
Cast:
Fatima Effendi as Mehru
Alyy Khan as Kabeer
Firdous Jamal as Hakeem Sahib
Sajid Shah as Sabghat
Shaheen Khan as Amma
Mariam Ansari as Masooma
Zainab Qayyum
Kaif Ghaznavi
Birjees Farooqui
Humaira Zahid
Farid Khan

Category

📺
TV
Transcript
00:00सटा चिडियां तचंबावे
00:05अच्छा तुम्हें इस बात का गाम है ना
00:08कि तुम्हारी शादी एक बड़ी उमर के और शादी शुदा आदमी से हुए
00:12तो इसमें कोई बड़ी बात नहीं है
00:13कबीर जितना जिया तुम उतना उसके पैसे को जियो
00:17तुम इसकी बहुत भारी कीमत अदा करोगे
00:20मेरी जोड़ूंगी ना तुम्हे और ना उसको
00:25सटा चिडियां तचंबावे
00:34सटा चिडियां तचंबावे
00:41मैं
00:44मैं अपनी घर जाना शाथी
00:52इसका मतलब है तुम मेरे साथ नहीं रहना चाहती
01:03महरूब मैं पूरी कोशिश कर रहा हूँ कि
01:05यहाँ मेरे घर में तुम्हें किसी चीज़ की कमी महसूस ना हूँ
01:11लेकिन अगर फिर भी तुम्हें किसी चीज़ की ज़रूरत हो
01:13तो मुझे बता देना मैं खुद लेया हूँ
01:22मुझे अपने घर जाने मेरा यहाँ दम गुटता है
01:27मुझे नहीं रहना आपके साथ
01:31कि यही तुम्हारा फैसला है
01:38बोलो मेरो
01:42देखो मुझे बुरा लगेगा इसकी पर्वा मत करो
01:45मैं बस तुम्हे खुश देखना चाहता हू
01:49क्या तुम वाकी मुझ से लेती चाहती हो
01:56कहां जा रही हो
02:03हमारी बात अभी मुकमल नहीं
02:10मैं इस बारे में कोई बात नहीं करना चाहती
02:15कमाल है
02:17तुम इस बारे में बात नहीं करना चाहती
02:21जबके तुम जानती हो के तुम्हारे और मेरे बीच ये एक एहम मसला है
02:29और मैंने ही चाहता के हमारे बीच कोई भी मसला है
02:37कमास का मैनेजर पूछा उसका जबाब तो दो
02:43समझ गया
02:46तुम्हे घर ही जारा चाहिए
02:49इसी बहाने अपने करवालों से भी मिल लोगी
02:51और हमारे रिष्टे के बारे में सोचने का मौका भी मिलेगा तुम्हें
03:00शारी के बाद तुम पहली बार घर जाओगी तो
03:04खाली हाथ तु जानी सकती है
03:06एक काम करते है
03:14ये ये कुछ पैसे हैं ये रख लो
03:23एक क्रेडिट कार्ड्स हैं इनको भी उज़ कर सकती हूँ
03:25और अगर ये कम पड़ें तो
03:31तो ये मेरे क्रेडिट कार्ड्स हैं इनको भी उज़ कर सकती हो
03:48देखो महरूप मैं तुम पर काविज नहीं हूँ
03:51इसलिए अगर तुम जाना चाहती हो तो शौक से चली जाओ
03:55लेकिन मैंने जो कहा है न उस पर पस गोर करने की कोशिश करना
04:00शायद तुम्हे थोड़ी सी असानी हो जाए
04:26क्यों क्यूं महरूप तुम क्यों इतना खोश � limiting हो
04:35मांने न मांने से क्या होता है तुम अब उसकी बीगई हो
04:40कि मेरे साथ जबरत्सती हुई इसादि मेरी मर्जी से तो नहीं होए
04:46और फिर एकने दिन मुझे अकेला छोड़ कर चले गए
04:50जैसे मेरी कोई परवार ही ना हूँ
05:00अब भी आप जाते हैं मुझे वापिस चले जाओंगा
05:03वो अरत मुझे पहले दिन से नहीं पसंद करती थी
05:06हर बात आई दिन किसी ना किसी बात पर तालिय देती रहती है
05:12बात डड़ती उसे मैं जब आप चुपी कर जा कि तार हुएगी
05:18बसकर दिन
05:21इसलिए मैं कहता था
05:23कि मैं उस घर में दूसरी बेटी नहीं ब्याओंगा
05:27पहली के साथ जो सुलूक हो रहा है क्या वो कम है
05:30यह होता यह यह मैरू के साथ होता
05:33कमसकम उसकी तरफ से तो मेरे दो कान ठंडे हैं
05:37मेरी शादियां खज्रे में पढ़ियां
05:39आपको अब मेरू का ख्याल है
05:43अबबा मियां वो मुझे घर से निकाल चुकी है
05:48तुम सब बहन भाई पैदाशी बेवकूफ हो
05:52तम से मुझे बहादरी की उमीन मही है
05:56तुम उस बूरी को खुद को धक्का देने देती हूँ
05:59इसलिए वो तुमें निकाल देती है
06:01तुम ने उसे क्यों निकाला इतनी हिम्मत भी नहीं तुमें
06:05क्योंकि वो उसका घर है
06:07हम पहले सही उसके बोज बनी हुई ए
06:10वो कह रही थी के
06:13परिसा
06:14अरे बताओ तुसे ही क्या क्या रही थी वो
06:19वो कह रही थी क्यों मुझे उम्तियास से तुलाग दिलवा देंगी
06:23अगर उसके काम पूरे लहीं कि हमने
06:28कमजात लोग ऐसा ही करते है
06:32मुझे हमेशा से इस अवरत का किरदार मश्कूक लगता था
06:38तो राज जो उसने किया है ना उससे पता चल गया है कि ये वाकई कमजात है
06:46मामा अगर उसने अबता से मुझे तलाग दिला दे मैं क्या करूगी
06:50मदर पदर हो जाओंगे मेरे बच्चे रोलेंगे अमार तुम डरो नहीं ऐसा नहीं करेंगे बस वो अपना काम निकलवाने के
06:59लिए तुम्हें डरा रहे हैं
07:02शर्म नहीं आती उन्हें ऐसा करते हुए यह नहीं अब मैं कबीर से इन लोगों के काम करता पिर हूंगा
07:09मुझे और कोई काम नहीं मैं बस यही काम करता रहूंगा
07:15तुम्हें अब वहां जाने की ज़रूरत नहीं है बस यहीं रहो
07:20मेरे पास इतना है के मैं तुम्हें खिला सुकूँ
07:22अरी आप क्या कह रहे हैं शादी शिदा बेटी को यह सला देता है कोई घर बर बाद हो जाएगा
07:29इसका
07:29तो पर क्या करूँ फिर जाकर एक बड़ा टीवी रिखा दूँ अहां
07:34जाकर कभीर से कहूँ के मेरे दामाद का ट्रांसफर रुकवा दो मेरी बच्ची घर चली जाएगी और अगले महीने फिर
07:42कोई मुतालबा लेकर रो रही होगी
07:45अब मैं इतना आम आदमी नहीं रहा कि इन फुझो के जगड़ा में पड़ो तब खुझ जगड़ा यह सब
07:59कब आई तू बस अभी आई लेकिन अपने अपने क्या हल बनाया है आपकी तबियत ठीक है मेरे तबियत बिल्कु
08:06ठीक है बस वैसी सर में दर्दो रहा था
08:08मुझे छोड़ो तुम मुझे बताओ तुम मुझे बताओ तुमारा कैसा था टूर मजा आया यहस मामा लंड़न वस फान लेकिन
08:15आपोती तु ज़ादा मजा आता नेक्स टाइम आप और दैट के प्रॉमिस बस कर दें हम जरूर जाएंगे विकेशन पर
08:22सब यह ममा का प्रॉ
08:36वन वीक बिफॉर क्यों डैट ठीक है हाँ बहुत ठीक है अब तुम्हारी कबीर से बात खुद हुई थी जी
08:50मामा तो तो अब तुम आगई हो मैं सोची थी के तुम तुम कॉल कर लो उसे केदो के घर
09:01आजाएं मेरी बिमारी तुसको दिखती नही है
09:06शायद तुम्हारा ही ख्याल कर ले डैड मेरी जाने के बाद से घर नहीं आए
09:11और मेरी एक भी कॉल रिसीव नहीं की अच्छे मैं अपने फोंग से करते हूँ
09:48अच्छे मेरी आप मेरी बच्ची जान अप्टाइब यह विटा इतने दिन होगे वगद तेरा चेहरा मेरी आंकों से हटते ही
10:02नहीं इसलिए आप मुझसे मिलने भी नहीं आई नहीं तब
10:07यह शायद आपको लगा होगा कि अमीर घर में ब्यादी गई हो तो मुझे आपके प्यार की कोई जरूरत नहीं
10:14रही ना मैरू ऐसी बात नहीं है विटा मैं तो आना चाह रही थी
10:23मगर मुझे कौन लेकर आता है अब तो बिल्कुल अकेले हो गए विटा तो क्या समझती है हकीम साब मुझे
10:34लादे तुस्से मिलाने के लिए अरहा अबदुल्ला हमें चोड़कर चला गया
10:57जागे तरह मारी अरे मरे तो मरे तेरी बला से समाले अपनी नवासियों को भी हकीम साब और अपनी बेटी
11:10को भी
11:12अरे यह इतनी बड़ी गारी किसकी आगई
11:18हमारे कर के सामने अरू तू कैसे आया समान लेन आयो फरीसापी और उनके बच्चों का वो भी अपनी गाड़ी
11:26में और यह गाड़ी किसकी है
11:29क्या मतब किसकी है यह मारी है आप हम अमीर हो गए और बहुत जलना यहां से भुर और तुम
11:36लोग यही रोगे हमेशा इन गटर बदबुदार गलियों में
11:42यह तो बता कि यह पाड़ी क्या कीम साब ने करी दिये है हाँ और अब कीमत पूछने मत बैठ
11:48जाना अभी तो आली शान सा घर भी लेना हमने और अब जल्दी से जाओ समान ले क्या हो जिस
11:53पे फीडर स्कूल बैग चूसनी पगार है मैं खुद ले लू जाके
11:58क्यों लादू क्या सारी जिन्दगी क्या वहीं बैठी रहेगी अपने घर वापस भी आएगी हाँ वहीं रहेंगी क्योंकि आप अमीर
12:04हो गया है ना जल्दी से बढ़ना मैं खुद ले लूँ जाके अरे कैसे खुद ले लूंगा थैर यहाँ पर
12:08मैं जा रही हूं जारा यह
12:24तो मुझे मिल नहीं आएंगे तो क्यों ना मैं ही खुद को खुद ही आप लगों को दिखाने आ जाओं
12:29अरे मैरू आई है वासादा जेती आओ
12:37कबीर कैसा है और आया क्यों नहीं है मुझे जब भेज़ती है
12:53क्या हुआ है क्या हुआ है क्या हुआ है फिकर ना करें अबा मिया हमेशा के लिए नहीं आई हो
13:00आपर बोज़ बने
13:03अब की तर्बियत पर मैं कैसे आज आने दे साथ है कबीर तुमारा ख्याल तो रखता है ना बटी
13:13जी बहुत ख्याल लगते हैं मेरे अरे जिस चीज़ को इतनी बड़ी कीमत पर खरीदा गया हुआ उसका तो सबी
13:24ख्याल लगते हैं
13:51यह उस काम की पहली किस्त है?
13:54जिसके लिए आपने मेरी शादी के थी
13:59अर फिकर ना करें अभी और बहुत पैसा आएगा इतना कि आप एक और जना मांगेंगे इस सब को खर्च
14:10करने के लिए
14:21झाल लगते हैं
14:41कर दो
15:15कर दो
15:20कर दो आदी थंडी हो तुटी थंडी हो रहे थिए मैं तो अभी तक थंडी थंडी हो रहे हुआ अरे
15:24आम ना भेन
15:26आसलाम उलेकूम कैसी है आप कितना यह दिन हो गए ते आप से मिले वह बस दिल चारा था तो
15:34मिलकर ही आओं
15:36इसलाम लेकुम हकीम साब, कैसे हैं आप?
15:41वालेकुम स्लाम
15:42अरे बहु कहां है फरीसा, मैं तो उसी को लेने आई हूँ
15:49हाँ, हाँ, अंदर है वो, मैं भी लेकर आई उसे
15:53ठैरो, पहले, मुझे मुबीना से बात करने दो
16:02जी, कौन सी बात हकीम साब?
16:04वही जो रोज दोहराई जाती है, तुम्हारे घर में और मेरे घर में
16:10मैं समझी नहीं
16:12तुम खूब समझती हो
16:16तुम मेरी बेटी के साथ अपने घर में जो सुलूक करती आई हो, क्या उसे तुम इनकारी हो?
16:22कल भी तुमने उसे घर से निकाला है
16:25अब उसे लेने हागी?
16:27क्या तलाग दिलवाने का इरादा बदल दिया है जंडे वाले गाड़ी देखकर?
16:35रहने दीजे नागीम साथ, आप भी क्या पुरानी बातें लेकर बैठके, बस छोड़ देना
16:40कौन सी पुरानी बात है ये?
16:41हर चड़ते दिन के साथ यही बात होती है
16:46ये मेरी बेटी के साथ अपने घर में जो सुलूक करती है
16:49वो नौकानियों की तरह इसे घर में काम करती है
16:52और हरामे जिस तक अभी ये ख्याल किया हो
16:55कि वो मेरी बेटी के इलावा इसकी पहू भी है
16:59इसके बेटे की बेटियों की मा भी है
17:03घर से ब्याते हुए उसकी चार बेटिया नहीं थी
17:07अब ये ताना मत देना
17:09तुम्हारी उलाद है वो
17:12तुएक है
17:14अगर तुम उसे तलाग दिलवाना ही चाहती हो
17:16तो मैं रख सकता हूँ उसे
17:19इतनी हैसियत है मेरी
17:21मगर तुम्हारी नसल को मैं नहीं पालूँगा
17:24ये बता दो अपने बेटे को
17:27अरे हकीम साब
17:29खुसा थूप भी दें
17:31किस घर में चोटी मोटी बाते नहीं होती
17:33सब गरों में होती है
17:34और मैं तो खुद लेने आई हूँ फरीशा को
17:37और फिर मेरी उलादे हैं वो
17:39मैं पाल सकती हूँ उने
17:41लेकिन क्या अच्छा लगेगा
17:43कि मैं घर बैठी रहूँ और अपनी बहु को तलाग दिलवा दूँ
17:45नहीं नहीं
17:46हकीम साब ऐसा गुनागार मत मुझे कीजिए
17:49मैं तो खुद से फरीशा को लेने आई हूँ
17:52और ये समझ कर आई हूँ कि
17:54जैसे मैंने माफ कर दिया फरीशा को
17:56ऐसे वो भी मुझे माफ कर देगी
17:59अपकर आप लोग नहीं चाहते तो फिर ठीक है
18:03अरे वो भी ना क्या कह रही हो
18:05अरे हम क्यों नहीं चाहेंगे कि हमारी फरीशा का घर अबाद रहे
18:09और कौन माबाप नहीं चाहेंगे कि उनकी आलाद हमेशा सुखी रहे
18:13हम भी चाहते हैं कि फरीशा का घर हमेशा अबाद रहे
18:16मैं अभी लेकर आई उसे
18:18अप आमना बेन वो एकलास शर्बत मिल जाता तो
18:22तो गलाना सूख रहे
18:24बूल-बूल के
18:25रुको
18:29ये वैसे वहाँ अलमारी में रख देना हू
18:46अरे क्या अगर मैं तीन शादिया भी करूँ न तो इशारतन तुमसे पूछूँगा भी समझी
18:51तुम इस घर के बाहिर शायद बड़ी चीज हो
18:55वीकिन मैं भी कमजोर अवरत नहीं हूँ
19:14अगर ऐसी बात है तो फिर आप इम्तियासमाई से बात करें
19:22उनसे बात करने का क्या फार है
19:25हर बार अपनी जूटी ट्रांसफर की तसली देते हैं
19:29और फिर अपनी
19:31मुश्किलाग और मुझबूरियां के इनवा कर मुझे सबर करने की तल्कीन करते हैं
19:36तो क्या यहीं बैठी रहेंगे
19:38तुमें लगता अब हम यह मुझे जादे दन्या रहने देंगे
19:45चली जाओंगे अपनी बेटियों को कहीं लेकर
19:51तुम बहुत खुश किसमा तो महरूँ
19:57तुमाई जिन्दगी में इस तरह के कड़वे दिन
20:01और मुश्किलाथ नहीं आएंगे
20:07किया आप कैसे कह सकती है
20:10आपको क्या पता मेरी दिन रातों का
20:13अरे मुझसे तो बेतर हो किस चीज को पच्छता रही हो
20:18मेरे साबने तो मुश्किलाथ कामबार खड़ा है
20:22जवान चोहर है
20:24वह कोई सोख नहीं है उससे मुझे
20:29बड़ी हो इस जहनलों में अपनी बेटियों के साथ
20:38रोज बेज़त हो ही हो अपने बेटियों के साथ ने
20:43अच्छा वा मैरू तो मारी उस गर में शादी नी होई
20:48वरने सारी उमर तो मुझे ही कुनेगा ठहराती अपने साथ हुई नाइन सवाफियों के बारे में
20:54या आप कह रही है
20:57आप जो इने दावे करती थी
20:59कि अगर मैंने असद को ठुकरा दिया तो मैं बहुत पश्टाओंगी
21:03गलत थी मैं और गलत था असद तुम तो पैदे ही महलों में रहने के लिए होई हो यह अच्छा
21:14हुआ तुम्हाइके सुन में इतर खराब निकली
21:21महरू तुम तुम तुम कभीर भाई से कह के इंत्यास कर चापसर इसी शेर में करातो ना प्लीज
21:34मेरी जिंदे के असान कर तो महरू तुम चाहो तुम चाहो तुम तुम चाहो तुम चाहो तुम पूरा मुल्क बदल
21:46सकता है तुम्हारे लिए तुम चोटा सा ट्रांसफर निकरा सकती मेरे खावन का प्लीज महरू भी बदद करो ना प्लीज
21:54महरू
21:55तो मैं भी तो आपकी सगी बेहन थी फिर आपने क्या किया मेरी शादी तो इसी तरह से करवाई गई
22:09थी के जैसे मैं शादी से पहले सब की खिदमत करती थी शादी के बाद भी सब के काम आती
22:14रहूं
22:18आपने सगी बेहन बन कर नहीं दिखाया
22:21लेकिन मैं आपका काम कर दूगी
22:26क्योंकि मैं आपकी तरह नहीं
22:37करीशा, मुबीना आई है तुम्हे लेने के दूगी
22:40क्या? मुबीना खाल आई है?
22:42मैं मुझे लेने आई है अमी?
22:44कह तो यही रही है कि तुम्हे लेने आई है
22:46अब उसके दिल में क्या मकसद है? क्या लेकर आई है?
22:49यह मैं नहीं जानती है
22:51जाओ
22:59महरूँ
23:02मिल लो तुम बे जाकर
23:04मुबीना बहुत अरसे के बाद आई है हमारे घर
23:08महरूँ
23:10फरीसा ने तुम्हे बता दिया ना कि मुबीना ने क्यों उसे खर से निकाला था?
23:15तुम उसके काम करवा दोना
23:18कबीर से को कि इम्तियास की ट्रांसफर करा दे
23:22इस तरह से फरीसा अपने घर में हसी खुशी रहने लगेगी
23:27और तुम्हारा फर्स बनता है ने कि तुम अपने गरीब बेहन भाईयों की मदद करो
23:35अमा आपने एक बार भी नहीं पूछा कि मैं किस हाल में है आप तो माँ है
23:43आप अच्छी तरह जानती हैं कि मेरी शादी किस तरह कराई गई थी
23:46लेकिन आपको मेरी कोई परवा नहीं है
23:50मैं पाकी बच्चों की परवा है बस
23:53काम निकलवाना आता है
23:55सब भूल जाओ मैरूद इस तरह से अकेले जलने कुड़ने से कोई फाइदा नहीं है
24:02और अब तुम अपने घर में खुशहाल हो तो तुम्हारा फर्ज बनता है कि तुम तुम अपने घरवालों की मदद
24:07करो
24:10हां हां बिल्कुल उस तरह जिस तरह आपने अपना परज उतार फेका हैना
24:26हमारी बेगम साहब अपा है
24:27सब अप्र कूल साइड पर एश नदे अशिए
24:34जाए
24:40तुम्हारी हम्ध कैसे यह मेरी पर ये से बात करने की।
24:43समझती क्या हो तुम खुदको?
24:45वही समझती हूँ जो तुम मुझे समझती है।
24:48मैं बेवकूफ बनी रहाँ और तुम �ैरी नाख के नीचे शादी करलो दूसरी
24:52मुझे तुम से पूछ कर कुछ भी करनी की जरूरत नहीं
24:55क्योंकि मैं अपने फैसले खुद ले सकता हूँ
24:57तुम बस अपनी आउकात तक रहो
25:01तुम मुझे मेरी आउकात क्यों या दिला रहे हो
25:04इस आला अवकात वाली लड़की की बात करो जिसे तुमने शादी की है
25:10बीवीं यो तुम्हारी कबीर
25:12तुम्हारे हर फैसले में मेरी मरजी शामिल होनी चाहिए
25:15I see
25:16तो क्या चाहती ओ तुम
25:19क्या चाहती ओ कि मैं तुमसे इजाजत लेकर शादी कर लो
25:23हाँ
25:23क्योंकि मैं सिर्फ तुम्हारी बीवी नहीं, तुम्हारी बेटियों की मा भी हूँ, तुम्हें मुझसे इजाज़त लेनी चाहिए थी, और आज
25:31तक तुमने जो कुछ किया, क्या मेरी इजाज़त ली, अरे एक क्या, अगर मैं तीन शादिया भी करूँ न, तो
25:37इशारतन तु
25:38कुछूंगा बीवी, समझी, तुम इस घर के बाहिर शायद बड़ी चीज हो, लेकिन मैं भी कमजोर औरत नहीं हूँ, मत
25:48भूलो के इस घर में हम दोनों बराबने, तुमने दूसरी शादी की, उसके ले एक और घर लेकर दिया, करोड़ों
25:56खर्च करे उसके ओपर, और इस्�
26:00दूसरी रेकिन मों मेरे सामने आकर इसको मैं दो कौड़ी का कर तूँगी तुमारे सामने तुमारे सामने तुमारे इस perfect
26:06plan को में तभा करोड़ों तुम जो करना चाहती हूं जो भी, कर लो क्योंकि जब तुम मेरे plan में
26:18शामिल ही नहीं हो, मेरा plan क्या बगाड़ों?
26:47स्वीटी, स्वीटी मेरी
26:54तिमसा, विटा बच्चे कहा है सारे?
26:56उस सुबा से खेल रहे हैं थक क्यो है ते सोग हैं
27:03माशाला, माशाला, मैरू बैठो
27:14माशाला, माशाला, माशाला, कितनी प्यारी लग लग लिए
27:18वाव वाव मैरू, अब तो तो तो इस महले की क्या?
27:21इस घर की भी मखलूक नहीं लगती? सच में
27:24माशाला, मैं मानोस नहीं लग रही आपको
27:30नहीं नहीं बैटा, तो तो तुम कभी थी नहीं
27:34देखो बैटा, हम जैसा सोचते है ना ऐसा कभी नहीं होता
27:39होता तो वही है जो उपर वाला चाहता है
27:42और वैसे भी ना तो अपनी तरह से ना अपनी किसमत भी खुबसूरत ही लिखवा कर लाई हो
27:48यह बड़ी काड़ी बड़ा सा बंगला भी होगा
27:51मैरू काफी बड़ा होगा ना तुम्हारा बंगला
27:57अब फिवैसे भी बेटा हम लोग तुम्हारे लाइक कहा थे
28:02मैने तो, हकीम सामेन आपसे श्र्ट लगाई थी ना
28:17यह प्यारे बुंदे कबीर ने मेरा मतलब है कबीर साब ने दियोंगे ना कौफी महंगे लग रहे हैं भई
28:31खाला हीरे के हैं दस लाग तक के तो होंगे
28:35अइ, दस लाग के ?
28:44हाँ भी
28:46भेत बड़े दिल का आदमी है
28:48मेरा मतलब भूत बड़े दिल के आदमी है कबीर साहँ
28:52गुईा साहँ अब देख मैरू आप तुमने ना हम सो का ख्याल करना है
28:58इस घर का भी और मेरे घर मैरा मतलब है
29:02फरीसा के घर का भी, वो भी जो तेरा अपना ही घर है ना बेटा
29:06हाँ हाँ मोवी ना क्यो नहीं, किसी भी चीज की ज़रूरत हो तो बता देना
29:12और वैसे भी तुम दोनों हकेली औरतें तो होती हो गर में
29:16यह तो आप बिलकुल सच कह रही हैं मनवन हम दो ही तो होते और हमारे सौ तरह के कामो
29:21ते और उन सौ तरह के कामों को अगर पैसे उसे किया जाए तो मिन्टो में हो जाते हैं हो
29:26काम
29:32मैरूं, बिटा तुम्हारे कर में नोकर कितने हैं? वह सारे होंगे ना
30:08कभीर आप बैठी ना
30:14कभीर आप बैठी ना
30:16बैठिये नहाँ
30:19खायरे सेंजी
30:20अल्ला का शुकर है
30:22वो मैं महरू को पहले लेने आ जाता पर
30:25फिर सोचा के पहली बार आई है
30:28चंद दिन रह जा
30:30और वैसे भी मेरी तब्यट थोड़ी सी नासास थी
30:32इसलिए मैं आनी पाया
30:34हरे, कोई बात नहीं
30:37शादी के बाद आप इसे लेने के लिए आए
30:38यही बहुत बड़ी बात
30:41अब खुदाना खास्ता क्या हुआ था आपकी दब्यट को
30:43अब तो ठीक है ना
30:44जी
30:46वो वो
30:46हलका सा बुखार नजला
30:48तर असल नींड पूरी ना होने की वज़द से
30:51सर में दर्द था
30:53अरे तो किसी डॉक्टर को दिखाना था ना
30:57बस जी वो इतनी मस्रूफियात रहती हैं कि
31:00अपने लिए टाइम ही नहीं मिलता
31:03हाँ हाँ जाहर है
31:04एक मिनिस्टर की संदगी में कितने काम होते हैं
31:08और वैसे भी ये छोटे-मोटे काम जो है
31:09ये तो घर की ओरतों को देखना होते हैं ना
31:13अब अब हमें इजासते चलना चाहिए
31:18चले में रूप
31:21में रो
31:23कबेर को देर हो रही है बेटा
31:24चलो शाबश जलती उचल
31:29अब अगर कुछ देर रुकते तो मैं
31:32कुछ खाने पीने का बंदो बस करती है
31:34बहुत शुक्री जी अगी बार
31:55सलाम साब
31:56अलेकुम असलाम
32:08मैं इसराब चेज़ कर गया हूँ
32:19सलाम बीबी जी
32:21कैसे हैं आप?
32:22मुहालेकुम असलाम
32:25बीबी जी आपने इतने दिन क्यों लगा दिये?
32:27यह घर आपके बगार बहुत सुना हो गया था
32:30आप अपना घर ना छोड़के जाया करें
32:33क्योंके कैने करें
32:36अब मैं आप जाओंगी ही नहीं
32:38बीबी जी आज आपकी दावद है
32:42दावद?
32:43हाँ साब ने कहा था
32:45जब बेगम साहब को घर लेकर आएंगे
32:47तो तब दावद बनाई जाए
32:49कभी ने कहा है ऐसा?
32:51जी
33:03कमाल है
33:03कुम खड़ी की हूँ?
33:05देप बीबी जी को बिठाय देती
33:07आओ वाँ बेठे
33:12आओ
33:12थैंक
33:15आओ
33:16थैंक
33:21प्लीज
33:25आपकी?
33:26जी जी आओ तो अब बताओ
33:30कैसे गुजरे देन
33:31तब यह तु ठीक है तु आओ
33:33ठीक मैं
33:35तो काड़ी में तु पूछने का मोका यह नी मिला
33:37पर वहाँ दिन तु ठीक गुजरे ना?
33:41गुजरी गए बस देन
33:44अचा
33:45आपकी तबित तो ठीक है?
33:47हाँ हाँ
33:49क्यों मैंने कुछ
33:51खलब के दिया
33:53ने दो
33:56तुम
33:57खुद यहाँ वापस आना चाहती थी
34:02अगर आना ना चाहती तो
34:05यहाँ नहीं बैठी होती
34:07हाँ
34:09यह बात भी सही है
34:14तो फिर मैं
34:16समझ लूँ के
34:18अब तुम रजामंद हो गई और
34:20और तुमने
34:22हमारे इस रिष्टे को एक्सेप कर लिया
34:31आप मुझे इतने दिन लेने क्यों नहीं आए
34:33नहीं मैं तो आना चाहता था पर वो
34:36मिरी तबियत कुछ ठीक नहीं थी
34:39क्या हो आपको
34:42क्या हो आपको
34:43देखने में तो सही लग रहे हैं
34:45आप
34:46मर्ज
34:47अंदुरूनी है
34:49वैसे इतना बड़ भी नहीं कि आम खाना नहीं
34:51आए बिस्मिल्लाव
34:53आप
34:54आप
35:02साब और कुछ?
35:04नहीं नीलमडी महिर्बानी
35:05एक काम करो तुम तुम जा कर सोचो
35:09जी साइ
35:09पर आप
35:12पर आप
35:13पर
35:14आप
35:15आप
35:16आप
35:16आप
35:18आप
35:25तुम्हें नहीं आपरी?
35:29आप
35:30आप
35:30आप
35:31आप
35:31आप
35:32आप
35:32आप
35:33वह
35:35आप
35:35आप
35:35आप
35:36आप
35:36आप
35:41आप
35:43वह
35:44अंदर से बाम ले आप
35:46आप
35:47आप
35:48आप
35:48आप
35:48आप
35:49आप
35:49आप
35:49आप
35:50आप
35:51आप
35:51को
36:16झाल झाल
36:25जटा चिडियां तचमबावे
36:37मैं माँ हूँ तुम्हारी बेटा, मैं बुरा थोड़ी चाहूंगी तुम्हारा
36:41और ऐसे भी बेटा, शादी शुदा लड़की का खाना बादशाओं के घर में भी कम पड़ जाता है
36:46तुम्हे अपने अबबा मिया को नहीं जानती है, अरे क्या नहीं क्या उन्होंने तुम्हारे साथ, अब भी उमीद लगा के
36:52बैठी हो तुम उनसे
36:53लेट मी एक्स्प्लेइन, मेरी बाद तो सुरा बेटा, आप मेरे कुछ नहीं लगते, मेरा बाप से कोई रिस्ता नहीं है
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