जैसलमेर. दुर्लभ प्रजाति और राज्य पक्षी गोडावण के इतिहास में रविवार का दिन सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गया। जब केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेन्द्र यादव और प्रदेश के वन राज्यमंत्री संजय शर्मा की मौजूदगी में जिले के रामदेवरा स्थित ब्रीडिंग सेंटर के दो गोडावणों को आगामी जीवन के लिए पहली बार जंगल में छोड़ा गया। सेंटर से आंखों पर काली पट्टी बांध कर लाए गए गोडावणों को जब छोड़ा गया तो पहले वे हिचके और बाद में उनकी उन्मुक्त उड़ान देखने लायक रही। गौरतलब है कि जंगल में छोड़े जाने से पहले इन गोडावणों को ब्रीडिंग सेंटर में स्थित 9.25 करोड़ की री-वाइल्डिंग टनल में 10 अन्य गोडावण के साथ तीन महीनों तक अकेले रहने और शिकार करने की ट्रेनिंग दी जा चुकी है। रविवार को सम क्षेत्र के राष्ट्रीय मरु उद्यान (डीएनपी) की सुदासरी रेंज में इन्हें आंखों पर काली पट्टी बांधकर लाया गया था। दोनों गोडावण की उम्र करीब 7 महीने, एक फीट ऊंचाई और 5 किलो वजन है।