00:00These judg发jo be their own views
00:04as what he saw
00:28the
00:29इत्राष्ट्र हर एक विवर्ण सुनकर पुत्र मोह में भीतर से काम उठते थे। संजय बिना किसी पक्षपात के राजा को
00:36युद्ध की हर एक भयानक सक्चाई बताते थे। क्या आप जानते हैं इस दिव्यद रिष्टी का एक बहुत बड़ा और
00:43खौफनाक नियम भी था।
00:44यह शक्ती केवल सच देखने और सुनने की थी, युद्ध के परिणाम को बदलने की नहीं। युद्ध समाप्त होने के
00:51बाद जब सब कुछ नश्ट हो गया, तब संजय की यह शक्ती भी समाप्त हो गई।
00:56संजय का यह सजीव वर्णन आज भी महाभारत के सबसे बड़े रहसियों में गिना जाता है। ऐसे ही अनसुने रहसियों
01:03को जानने के लिए अभी हमारे पेज को लाइक और फॉलो करें।