00:00आगे बढ़ते हैं सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई से पहले S.I.R. विवात वा जस्टिस उजुल बुया का बड़ा बयान
00:04सामने आया है
00:05सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस ने कहा है कि ऐसी कोई भी प्रक्रिया मनमानी है जो की लाखो भारतियों को वोटिंग
00:13के अधिकार से रोकती है
00:14इसे कोई भी बहाना सही नहीं ठहरा सकता ये कहा गया है सुप्रिम कोट के जस्टिस ने वोटिंग से रोकने
00:21वाली प्रक्रिया मनमानी है और ऐसे में कोई भी बहाना सही नहीं ठहरा सकता है
00:32इस वक्त के बड़ी खबर आपको बता रहे है सुप्रीम कोट के जस्टिस उजुल गुया का एक एहम बयान सामने
00:37आया है
00:38और उन्होंने कहा है कि ऐसी कोई भी प्रक्रिया मनमानी है जो लाखो भारतियों को वोटिंग के अधिकार से रोकती
00:45है
00:45इसे कोई भी बहाना सही से ठराया नहीं जा सकता है
00:58टो इंड बहुत है
01:19Indian citizens, making them citizens without voting rights, in my view, would be outrightly
01:28violative of Articles 326 and 14 of the Constitution of India.
01:49भारतियों को वोटिंग के अधिकास से रोकती है, और संजर शर्मा जी हमाइसा जुड़के जानकारी के लिए, संजर जी जस्टे
01:55सूजर भुया के इस भाषन को किस संधर्व में देखा जाया, इसके क्या माईने समझ आ रहे है, विपक्ष को
02:00तो एक तरीके से हतियार मिल गया
02:03मुझे तो सीधा-सीधा ये समझ में आ रहा है कि जैसे सुप्रीम कोट के कई जजों के स्प्लिट जज़्वेंट
02:08होते हैं, ये उस तरह कई है, क्योंकि हम याद रखना चाहिए कि जिस समय इस मामले के सुनवाई चल
02:13रही थी, और 33 लाग से ज्यादा लोगों का SIR में उनकी
02:19अपील पेंडिंग थी, तो उसी समय जस्टिस बागची ने ये कहा था कि 33 लाग लोग अगर अभी वोट नहीं
02:26देपाएंगे तो क्या हुआ हुआ, वाद में वोट दे देंगे, जिस समय ये याचिका करताओं की तरफ से मांग की
02:31गई थी, कि उन लोगों को फिलहाल जब त
02:48दे दीजेगा, लेकिन जस्टिस उजल भुया ने बिलकुल स्प्लेट करते हुए ये कहा है, कि किसी भी एक भी नागरिक
02:54को अगर मतादिकार से बंसीत रखा जाता है, तो ये शरील से आत्मा निकाल लेने की तरह है, और ये
03:01एक तरह का मनमानी है, अनुछे 326 का सरासर उलं�
03:06चली, ठीक है, बहुत बहुत शुक्रिया संजीर जी तमाम जानकारी के लिए