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  • 8 hours ago
मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से एक बेहद उत्साहजनक खबर सामने आई है. यहाँ भारत में जन्मी 32 महीने की मादा चीता KJP21 ने पांच स्वस्थ शावकों को जन्म दिया है. केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा करते हुए इसे 'प्रोजेक्ट चीता' के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया है. इसके साथ ही भारत में चीतों की कुल संख्या बढ़कर 60 हो गई है, जिनमें से 41 चीतों का जन्म भारत की धरती पर ही हुआ है.खास बात यह है कि इन नवजात शावकों के पिता बोत्सवाना से लाया गया नर चीता है, जिससे भारत में बोत्सवाना वंश की भी शुरुआत हुई है. इसे देश में चीता आबादी के जेनेटिक (आनुवंशिक) विस्तार के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

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Transcript
00:26प्रोजेक्ट चीता के लिए
00:27एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया
00:30मंत्री के मताबिक के जेपी टू वान
00:32भारत में जन्मी उन मादा चीतों में शामिल है
00:35जिन्होंने देश में ही शावकों को जन्म दिया है
00:38इससे पहले मुखी और के जीपी वन टू भी
00:42भारत में जन्म देने वाली मादा चीताएं बन चुकी है
00:45पांच नए शावकों के जन्म के साथ भारत में चीतों की कुलसंख्या अब 60 हो गई है
00:51इन में 41 चीते ऐसे हैं जिनका जन्म भारत में हुआ है
00:55इस जन्म की एक और खास बात है
00:58इन शावकों के पिता बोटस्वाना से लाया गया नर्चीता है
01:02ऐसे में इन पांच शावकों के जन्म के साथ भारत में बोटस्वाना वंश की भी शुरुवात हुई है
01:08इसे देश में बढ़ती चीता आबादी के जेनेटिक उविस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
01:15कींद्री मंत्री भूपेंदर यादव ने इस मौके पर प्रोजेक्ट चीता से जुड़े पशु चिकित्स को, फील्ड स्टाफ और अधिकारियों को
01:23भी पधाई दी।
01:24उन्होंने कहा कि इन सभी के समर्पण और लगातार प्रयासों से भारत में चीतों की नई पीड़ी का जन्म हुआ
01:31है।
01:31ब्योरो रिपोर्ट, ETV भारत

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