Skip to playerSkip to main content
  • 8 hours ago
SIR के बाद उत्तराखंड की कई विधानसभा सीटों पर मतदाताओं की संख्या में गिरावट आई है. सबसे ज्यादा देहरादून जिले में है. रिपोर्ट- नवीन उनियाल

Category

🗞
News
Transcript
00:06उत्रकंड में Special Incentive Revision यानि SIR की Final Water List जारी हो चुकी है
00:12इस SIR List के मताबिक 2022 विधानसवा सूची के मुकाबले 11,00,000,000 से जादा मद्दाता प्रदेश भर में
00:21कम हो गई हैं
00:22यानि इस SIR List ने 2027 विधानसवा के लिए Waters का नया समीकरण तयार कर दिया है
00:31इसका असर देहरादून, हरीद्वार, नेनिताल और उधमसीनगर जिले की विधानसवा सीटों में सबसे ज़्यादा दिखाई दे रहा है
00:40देहरादून, जिले की विधानसवा सीटों की बात करें तो सबसे ज़्यादा धर्मपूर सीट पर 77,318 मद्दाता कम हुए हैं
00:49इसी तरह देहरादून, केंट में 46,346, रिशिकेश में 43,299, राइपूर में 49,989, और राजपूर रोड में 49
01:03,046, मसूरी में 34,113, और डोईवाला में 20,240 मद्दाता घटे हैं
01:12इसके अलावा उधम सिंग नगर जिले के काशिपूर में 41,281, बाजपूर में 23,070, किच्छा में 21,236, रुद्रुपूर
01:24में 19,552, जस्पूर में 17,566, खटीमा में 12,919, और नानगमत्ता में 12,897 वोटर्स कम हुए हैं
01:35हरिद्वार जिले के हरिद्वार नगर सीट पर 49,553, रुड़की में 31,989, रानिपूर में 32,129 मद्दाता कम हुए
01:48हैं
01:49उधर नैनीताल जिले की हलद्वानी विधानसवा सीट पर 31,294 मद्दाता कम हुए हैं
01:57ऐसा नहीं है कि सिर्फ मैदानी सीटों पर ही इसका असर पड़ा है
02:01पर 30 सीटों पर भी मद्दाताओं की संख्या प्रभावित हुई है
02:05टिहरी विधानसवा सीट में 18,329 लेंसडाउन में 19,937 चोबटाखाल में 16,933 पौड़ी में 16,118 स्रीनगर में
02:2114,366 द्वाराहाट में 14,016 सल्ट में 14,396 नरेननगर में 12,998 और बद्रिनात में 13,240
02:35कनप्रियाग में 11,643 और गंगोत्री विधानसवा सीट पर 11,320 मद्दाता कम हुए है
02:44हलां कि कांग्रेस का कहना है कि मद्दाताओं की संख्या घटने से किसी राजनीतिक दल को फाइदा या नुकसान होगा
02:52ये कहना अभी जल्दवाजी होगी
02:54बारत ये जनता पार्टी को ऐसा लगता है कि SIR में गड़बडियां करकर के वो चुनाओं जीच जाएंगे
03:01निश्चित तोर पर कुछ राजियों में उनके पक्ष में माहौल रहा है लेकिन उत्राखंड में 13 लाख लोगों को वोट
03:08देने से रोकने के बाद बावजूद भी कॉंग्रेस पूरी तयारी के साथ है
03:12और निश्चित तोर पर हम उनको 2027 का जो चुनाओं हुए हम उनको पढ़कनी देंगे
03:19दूसरी तरफ भाजपा SIR को लेकर निर्वाचन आयोग की पीट थप थपा रही है
03:24भाजपा ने इसे निश्पक्ष और पारदर्शी चुणाओं की प्रकिरिया बताया है
03:29देखे चुनाओं आयोग के द्वारा जो SIR का अभियान चलाए गया है
03:34वो किसी चुनाओं को प्रभावित करने के लिए नहीं चलाए गया है
03:40बजाए अभियान जो अब मदाता नहीं रहे हैं
03:45और कई वर्संसे लगातार मदाता सुचिमिन का नाम है
03:49जो घुस बैटी है जो हमारे देश के अंदर घुस गए हैं
03:52और वो मदाता बन गए हैं उनको हटाने का अभियान चलाए गया है
03:57इसलिए मदाता सुचिक का सुद्धिक्रण करने का काम भारत निर्वाचन आयोग के दोरा किया जा रहा है
04:03और इसमें चुनाओ किसी प्रकाश से प्रभावी तो मुझे लगता नहीं इस बात कोई फर्क पढ़ने वाला है
04:11लेकिन क्योंकि किसी भी चुनाओ को प्रभाव डालने का काम जनता का होता है
04:19जनता जिसको चाहेगी उसको चुने
04:22कुल मिलाकर देखा जाए तो 2022 विधानसवाच चुनाओ के दोरान उत्राखन में 82,666,444 मददाता दर्ज थी
04:322026 SIR के बाद ये संख्या घटकर 71,58,949 रह गई है
04:39यानि 11,7,695 मददाताओं की कमी आई है
04:45हालाकि इन 11,00,000 मददाताओं का नाम सीधे SIR प्रक्रिया के तहट हटाना नहीं माना जा सकता
04:52ये सिर्फ 2022 की मददाता सूची और 2026 SIR अंतिम सूची के बीच का अंतर है
04:59देहरादून से ETV भारत के लिए नवीन उन्याल की रिपोर्ट

Recommended