00:00सुबह सुबह आपकी जो चाह आती न आपके ताजा दूद है वो बोज किसी को भयानक वेदना दे करके आती
00:05है
00:06खीर लसी चाज आप जो भी पी रहे हो सब भैस का ही दूद है भारत में भैस का ही
00:10चलता है
00:10मनुष्यों में भी सुनाया ना कि महिलाएं कैसे चटपटाती हैं चिलाती है प्रसव के समय उतना ही दर्द भैस को
00:16भी होता है
00:16जब उसे injection मारा जाता है तो वह Oxytocin का इंजेक्शन देखते ही वह घबराने लगती है और इधर उधर
00:23होने लग जाती है
00:24भाश का चोटा सा नहीं होता कि जो आपको शरिंज लगती है भार ना बहारी घंजर की तरह उसके उतारा
00:32जाता है
00:32उतारते ही उसको अतिशे दर्द होता है जब दर्द होता है तो उसका दूठ छूट जाता है औरतें समझेंगी जिन्होंने
00:39प्रसव वेदना जहेली हो जानेंगी उतना दर्द होता है भैस को रोज एक महिला को जिंदगी में एक दो बार
00:45होता है उसके दमाग से नहीं उतरता क
00:46इतना दर्द हुआ था भैस को वो दर्द रोज सुबैज हिलना पड़ता है ताकि आप चाय पियो और वो चाय
00:53महिलाएं भी पी रही है गजब