00:00जिस फिल्म में एक परिवार पुलिस से एक कदम आगे निकन जाए जिस कहानी में यह पता ही ना चले
00:07कि सही कौन है और गलत कौन है क्या आपको मालूम है कि द्रश्चम की वह कहानी पूरी तरह काल्पनिक
00:14नहीं थी इसका आइडिया 26 साल पुरानी एक असली घटना से निकला �
00:19और दिल्चस्त बात यह है कि जब डारेक्टर जीतु जोसेफ यह कहानी लिख रहे थे तो उनके दिमाग में एक
00:26सबाल पूना था कि अगर दोनों ही पक्ष सही हैं तो दर्शक किसके साथ खड़े होंगे और जब फिल्म रिलीज
00:33हुई तो दर्शकों ने जो फैसला दिया उ
00:49साल था 2000 जीतु जोसेफ तब फिल्म इंडस्ट्री में आये भी नहीं थे इसी दोरान एक लड़के और लड़की से
00:56जोड़ा पारिवारिक बिवार पुलिस थेस तक पहुचा इस मामले पर किसी शक्स ने जीतु से कहा दोनों परिवार अपनी अपनी
01:03जगह सही भी हैं और ग
01:17जाएंगे यही सबाल आगे चलकर दश्चम की कहानी का आधार बना साल 2013 में मुहनलाल इस्टारर मलियालम फिल्म दश्चम रिलीजी
01:26जीतु को उम्मीद थी कि दर्शक कहानी के दोनों पक्षों को समझेंगे उन्हें लगेगा कि मामला इतना सीधा नहीं है
01:33कि कि किसी एक को स
01:47दर्शकों के सामने रखा था दर्शकों ने उसका जबाब कापी हद तक साफ दे दिया हाला कि जीतु जोसिफ ने
01:54कहानी के दूसरे पक्ष को भी नजर अंदाज नहीं किया सोचिए गीता प्रभाकर एक मा थी और उसका बेटा गायब
02:00था उसके लिए अपने बेटे की सच्�
02:15प्रदार नहीं थी उसकी भी अपनी मजबूरी थी अपना सच था और यहीं से द्रश्यम सिर्फ एक थ्रैंथ लर्ट नहीं
02:22रहती एक तरफ जोज कुट्टी अपने परिवार को बचाने की कोशिश कर रहा है दूसी तरफ एक मां अपने लापता
02:28बेटे की सच्चाई तलाश
02:29रही है दोनों के पास अपनी वज़े है लेकिन जीतू जोसेफ का असली खेल यही था दर्शक को फैसला करने
02:36पर मजबूर करना की सही कौन है और गलत कौन और दर्शकों ने अपना फैसला सुला दिया उन्होंने जॉर्ज कुट्टी
02:42का साथ चुना यानि दृश्यम का सबस
02:58तेरह में शुरू ही दृश्यम की कहानी आज भी दर्शकों को बांदे हुए है एक असली घटना से निकला एक
03:04सवाल और उसका ऐसा जवाब जिसने पूरी फ्रेंचाइजी खड़ी कर दिये सिनेमा से जुड़ी हर अपडेट के लिए सबस्क्राइब करें
03:12एशिया नेड नि
03:16हुआ है