00:25SHIVAM PANDIT
00:30जख्मों को सीने में दबाएं एक गुमनाम जिन्दगी जी रहा है।
01:02वह दुनिया से दूर भागना चाहता है लेकिन किस्मत उसे एक बार फिर उसी दलदल में खींच लाती है जहां
01:10से वह कभी भाग कर निकला था।
01:18कहानी में नया मोर तब आता है जब एंट्री होती है दिशा पटानी यानी जारा के किरदार की।
01:25वह एक बेहद दरी हुई और किसी बड़े खत्रे से भागती हुई लड़की के रूप में शिवम के सामने आती
01:32है।
01:33शुरुआत में शिवम उसकी मदद करने से इनकार कर देता है लेकिन जब उसे पता चलता है कि इस लड़की
01:42की जान के पीछे कुछ बहुत ही ताकतवर और खतरनाक लोग हाथ धोकर पड़े हैं तो शिवम का पुराना रक्षक
01:49रूप जाग उठता है।
01:56शबाना आजमी जो एक बेहद शक्तिशाली अंडर वर्ड सिंडिकेट बड़े रसुखदार परिवार की मुखिया है जो पूरे शहर की कठपुतलियों
02:05को अपनी उंगलियों पर नचाती हैं।
02:09दिशा पटानी का किरदार उन्हीं के बुने हुए एक खतरनाक जाल में।
02:28इस पूरे जाल को जमीन पर अंजाम दे रहा है सलिल आचार्य का किरदार।
02:34वह एक क्रूर और संकी विलेन के रूप में सामने आता है जो शबाना आजमी के इशारों पर काम करता
02:41है।
02:42सलिल का मुख्य मकसद दिशा पटानी को किसी भी कीमत पर ढूंडना और शिवम को रास्ते से हटाना है।
02:51यहां से शिवम और इस गैन के बीच दुश्मनी और नफरत की एक ऐसी दिवार खड़ी हो जाती है जिसे
02:58सिर्फ खून से ही मिटाया जा सकता है।
03:05प्रिंग में सिर्फ मारधाड नहीं बलकि एक बेहत गहरा और दर्दनाक रोमास भी देखने को मिलता है।
03:15साथ रहते हुए शिवम और दिशा के किरदारों के बीच एक अनकहा रिष्टा बनने लगता है।
03:22दिशा को शिवम में एक सुरक्षित आशियाना दिखता है तो वहीं शिवम को दिशा के चहरे में अपने पुराने खोए
03:31हुए प्यार की जलक मिलने लगती है।
03:34लेकिन क्या यह नया प्यार उनके जख्मों को भरेगा या फिर से तबाही लाएगा।
03:49सलिल आचार्य के गुंडे शिवम और दिशा को चारों तरफ से घेर लेते हैं।
03:55शहर की तंगलियों से लेकर सुनसान रास्तों तक एक खूनी खेल शुरू हो जाता है।
04:01इमरान हाश्मी एक बार फिर अपने पुराने आवारा वाले रौधर रूप में आकर दुश्मनों के परखचे उड़ाने लगते हैं।
04:18एक बहुत बड़ा खुलासा होता है कि दिशा पतानी सिर्फ एक आम लड़की नहीं है।
04:24बलकि उसके पास शबाना आजमी के सामरा जिका एक ऐसा गहरा रास है जो पूरे सिंडिकेट को तबाह कर सकता
04:32है।
04:33अब शिवम के सामने दो रास्ते हैं या तो वह उस रास को छिपा कर खुद को बचा ले या
04:39फिर आखिरी दम तक लड़कर उस मासूम की हिफाज़त करे।
04:48एक तरफ शबाना आजमी की पूरी फौज है और दूसरी तरफ अकेला शिवम।
04:54शिवम हर एक गोली और हर एक बार का बदला लेता है।
05:00सलिल आचार्य के साथ उसकी आखिरी तक कर देखने लायक है।
05:08लड़ाई के अंत में शिवम दिशा को उस नरख से आजाद तो करा देता है।
05:20लेकिन इस जीत की उसे एक बहुत बड़ी व्यक्तिगत कीमत चुकानी पड़ती है।