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Tamil Nadu Election SIR Controversy: वोटर डिलीशन और विजय की TVK की जीत का क्या है कनेक्शन? तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में SIR यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के आंकड़ों ने देश की राजनीति में एक नया भूचाल ला दिया है।
देशभर में चुनाव आयोग के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR - Special Intensive Revision) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का हल्लाबोल जारी है। इसी बीच तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजों से सामने आए सीटवार आंकड़ों ने इस पूरी बहस को एक सनसनीखेज मोड़ दे दिया है। आंकड़ों के मुताबिक, जिन विधानसभा क्षेत्रों में SIR के दौरान सबसे ज्यादा वोटरों के नाम वोटर लिस्ट से काटे गए, वहां अभिनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) ने जबरदस्त प्रदर्शन किया।

खासकर उन 10 विधानसभा सीटों पर जहां 80 हजार से अधिक मतदाताओं के नाम हटाए गए थे, उन सभी 10 सीटों पर TVK ने जीत हासिल की। पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन (MK Stalin) और डीएमके सांसद पी. विल्सन ने चुनाव आयोग पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा है कि SIR के जरिए जानबूझकर डीएमके समर्थकों के नाम काटे गए, जिसने सीधे चुनावी नतीजों को प्रभावित किया। वहीं टीवीके प्रवक्ता विवेक गणनाथन ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे पारंपरिक पार्टियों से जनता की नाराजगी बताया है। एंकर ऋचा पराशर से सुनिए इस पूरे आंकड़े का बारीक विश्लेषण।

About the Story:
A detailed factual analysis of the Tamil Nadu Assembly Election results highlighting the controversial correlation between voter deletions during the Special Intensive Revision (SIR) and TVK chief Vijay's victory pattern. Catch the complete breakdown of DMK's allegations against the Election Commission of India and TVK's official stance.

#TamilNaduElection #VijayTVK #SIRControversy #MKStalin

~HT.410~PR.514~ED.104~GR.508~VG.HM~

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Transcript
00:07देश में इस वक्त सायार यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन की प्रक्रिया को लेकर बवाल मचा हुआ है
00:13बार बार पूरे विपक्ष को सड़क पे आने के जरुवत क्यों पढ़ रही है
00:23अगर उन्होंने वोट चोरी नहीं की होती तो एक मिनट में वो हमसे मिलने के लिए त्यार हो जाए
00:31अब यह पता चल गया कि अब यह चोरी की सरकार जी ने देमोक्रेसी यहां किल कर दी है
00:38ज्यानेश कुमार जो है वो भीजेदी के एजेंट की तरह काम कर रहे है
00:41बुख्य चुनाव आयोक्त गयानेश कुमार के स्तीफे की मांग तेज है इसको लेकर मुंबई से दिल्ली तक विरोत प्रदर्शन हो
00:47रहे है
00:48विपक्ष भी SIR और ज्यानेश के खलाफ खुलकर मैदान में उतर चुका है और लगतार चुनाव आयोकी कारेप्रणारी पर सवाल
00:55उठ रहे है
01:12और कई ऐसे सीटों पर जीत दर्ज की जहां SIR के दौरार बड़ी संख्या में मददाताओं के नाम वोटर लिस्ट
01:19से हटाए गए थे
01:24आकडों को विधान सभाद छेतर के हिसाब से देखें तो जैसे जैसे वोटर डिलेशन की संख्या बढ़ती गई
01:30टीवी के की जीत वाली सीटों के संख्या भी बढ़ती गए
01:33सबसे ज्यादा चोकानी वाल आकड़ा उन दस मिधान सभा सीटों का है
01:37जहां SIR के बाद 80,000 से ज्यादा मददाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए
01:42इन सभी दस सीटों पर टीवी के ने जीत दर्जी की
01:46लेकिन मैं जो कह रही हूँ इसको समझने के लिए आपको पूरे आकड़े को समझना होगा
01:50तो आईए एक एक करके पूरे डीटेल्स के साथ आपको ये रिपोर्ट दिखाते है
01:54नमस्कार मेरा नाम है रिचापर आशर और आप देख रहे हैं वन इंडिया हिंदे
02:20तमिलाडू में विधान सभाग की कुल 234 सीटे है इनमे 19 सीटे ऐसी थी
02:25जहां SIR के बाद मद्दाताओं विस्संख्या में 10,000 तक की कमी दर्ज की गए
02:29इन 19 सीटों में TVK को सिर्फ 2 सीटों पर जीत मिले
02:33DMK ने 7, AIA DMK ने 6 और अन्य दलों ने 4 सीटे जीती
02:38इसके बाद 10,000 से 20,000 तक मद्दाता कम होने वाली
02:4280 विधान सभा सीटों का आकड़ा सामने आता है
02:45यहां TVK ने 22 सीटों पर जीत दर्ज की
02:4820,000 से 30,000 वोटर डिलिशन या लेकी 66 सीटों में
02:53TVK की जीत का आकड़ा बढ़कर 32 हो गया
02:56यानि जैसे जैसे वोटर डिलिशन के संख्या बढ़ी
02:59TVK के खाते में जाने वाली सीटों के संख्या भी बढ़ती गई
03:0330,000 से 50,000 तक मद्दाता कम होने वाली 37 सीटों में
03:08TVK ने 24 सीटों पर जीत दर्ज की
03:11इसके बाद ये मुद्दा यहीं नहीं रुपता है
03:13इसके बाद 50,000 से 80,000 तक मद्दाताओं के नाम हटने वाली
03:1822 विधान सभा सीटों का आकड़ा सामने आता है
03:20इनमें TVK ने 18 सीटे जीत लिए
03:23DMK को तीन और या ये DMK को सर्फ एक सीट मिलती है
03:26और फिर आता है इस पूरे आकड़े का सबसे बड़ा हिस्सा
03:29तमिलनाडू के 10 ऐसे विधान सभा सीटे
03:32जहां SIR के दोरान 80,000 से ज्यादा मद्दाताओं के नाम
03:36वोटर लिस्ट से हटाए गए
03:38इन सब ही 10 सीटों पर TVK ने जीत दर्ज की
03:42यानि के जिन विधान सभा सीटों पर सबसे ज्यादा वोटर डिलिशन हुआ
03:46वहां TVK का प्रदर्शन भी सबसे मजबूत रहा
03:49100% यही आकड़ा अब राजनितिक चर्चा की केंद्र में है
03:53तमिलाडू में SIR के दौरान वोटर लिस्ट में बड़े पैमाने पर बदला हुँ
03:58अलाखो नाम हटाए गए और नए मर्दाताओं के नाम ही जोड़े गए
04:01इस पूरी प्रक्रिया को लेकर पहले से ही विपक्ष सवाल उठाता रहा है
04:05अब चुनाव के नतीजों के बाद विधान सभाग छेत्रवार सामने आये आकड़े
04:09ये जो भी आये हैं जो मैंने आपको बताए इस बहस को और तेज कर रहे हैं
04:14DM के अध्यक्ष और पुर्व मुख्यवंत्री MK स्टालिन ने भी चुनाव में पार्टी की हार के कारणों में
04:19बड़ी संख्या में मर्दाताओं के नाम हटाये जाने को शामिल किया है
04:23स्टालिन का कहना है कि S.I.R. के दोरान लाखों मद दाताओं के नाम हटाये जाने का सथ चुनावी
04:27नतीजों पर पड़ा
04:28वहीं डीम के सांसद पी विल्सन ने इससे भी गंभीर आरोप लगाया
04:32उनका कहना है कि सुपूरी प्रक्रिया के जरिये डीम के समर्थकों को निशाना बनाया गया
04:37और चुनाव आयोग पर पार्टी को राजुनितिक मुकाबले से बाहर करने की साजुष का आरोप लगा दिया
04:43दूसरी तरफ टीवी के ने इन आरोपों को खारेउच किया है
04:46टीवी के के राष्ट्रे प्रवक्ता विवेक गर्नाथन का कहना है कि वोटर डिलेशन और टीवी के की जीत के बीट
04:52जो समबन दिखाया जा रहा है
04:53वो सर्फ आकडों को एक खास तरीके से देखने का तरीका है
04:57उनके मुताबिक DMK और AIA DMK के पारंपरिक मददाताओं का एक हिस्सा दोनों दलों की नेतर्द उसे असंतुष्ट था और
05:05उसने टीवी के का समर्थन किया और टीवी के को जीत विली
05:08लेकिन इस पूरी बहस में सबसे दल्चस बात यह है कि अलग अलग स्तर पर वोटर डिलिशन और टीवी के
05:13की जीत के आकड़े किस तरह एक दूसरे के साथ चलते दिखाई दे रहे हैं
05:1710,000 से कम डिलिशन वाली उनी सीटों में टीवी के की सिर्फ दो जीत 10 से 20,000 डिलिशन
05:24वाली 80 सीटों में 22 जीत 20 से 30,000 वाली 66 सीटों में 32 जीत 30 से 50,000
05:31डिलिशन वाली 37 सीटों में 24 जीत 50 से 80,000 डिलिशन वाली 22 सीटों में 18 जीत और 80
05:39,000 से ज्यादा डिलिशन वाली 10 सीटों म
05:42टीवी के की दस की दस सीटों पर जीत यानि आकडों की पूरी सीड़ी सामने है और हर अगली कैटेग्री
05:48में टीवी के का प्रदर्श पहरे से ज्यादा मजबूत होता दिखाई देता है
05:52इसी वज़े से अब तमिल नाडू का चुनाव एसायार की बहस का एक महतुपून उदाहरण बन गया है
05:57राजनितिक टिपणिकार और अर्थरशास्तरी परकला प्रभाकर ने कहा कि हटाए गए मदाता किसी पाती को बूर देते
06:04ये निश्चित तोर पर नहीं बताया जा सकता
06:07उनके मताबिक मूल सवाल ये है कि क्या किसी पात्र मदाता का नाम वोटर लिस्स से हटा
06:12वही राजनितिक विशलेशक बद्री शेशादरी ने भी इस सदावे पर सवाल उठाया
06:17कि खास राजनितिक दल के समर्थकों को चुन कर वोटर लिस्स से हटाया गया हुगा
06:21उनका कहना है कि किसी राजनितिक पसंद के आधार पर मदाताओं को वैग्यानिक तरीके से चुन कर हटाना संभव नहीं
06:28है
06:28इस भी सोशल मीडिया पर भी तमलनाडू की आखरे तेजी से चर्चा में है
06:3280,000 से ज्यादा वोटर लिशन वाली 10 सीटों पर टीवी के की जीतने लोगों का ध्यान अपने और जरूर
06:38की जाए
06:38अब सवाल यह है कि आखरे इन सीटों पर ऐसा क्या हुआ कि बड़ी संख्या में मदाता सूची से नाम
06:43हटे और उसी के साथ टीवी के का प्रदर्शन ही बेहद मजबूत रहा
06:48क्या यह तमलनाडू की राजुनिती में पारंपरिक डीम की और एया यह डीम के वोट बैंक के टीवी के के
06:53तरफ जाने का असर है
06:54या फिर सायार के दोरान हुए वोटर डिलिशन का चुनावी गनित पर कोई प्रभाव पड़ा
06:59इन सवालों को लेकर राजुनितिक दलों के बीच बहस जारी है और आने वाले दिनों में तमलनाडू के वधान सभाग
07:05शेतरवार आकडों की पड़ताल इस बहस को और गहरा कर सकती है
07:09फिलाल सबसे ज्यादा चर्चा इसी आकड़े की है सी हजार से ज्यादा वोटर डिलिशन वाले दस सीटें और टीवी के
07:15की दस की दस सीटों पर जीट
07:16SIR को लेकर देश भर में चल रहे विरोध और राजनीतिक आरोप प्रत्यारोप के लिए चुक्तमलनाडू का ये चनावी आकड़ा
07:22अब एक नई बहस को जन्म दे चुका है और ये बहस कितना आगे बढ़ेगा ये अभी आने वाला वक्त
07:28बताएगा लेकिन फिलहार राश्�
07:42जीतमिली या SIR एक नॉर्मल प्रक्रिया है जो हमेशा होता आया है और टीवी के और थलापति विजय को तमिलनाडू
07:49की जनता आप इतनी पसंद करने लगी थी कि उन्हें जीतमिली पुरानी जो द्रवी डाजनीति की सरकार थी उससे जनता
07:55तरस्त हो चुके थी और नई सरक
08:12झाल

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