00:00पंच और नाटकी प्रसुती करण के में माहिर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जी ने जो कुछ आज दिन भर ड्रामा
00:14किया अभी जो तथ्य आपशारिक रूप से प्रेस रिलीज के द्वारा चुनाव आयोक के द्वारा जारी किया गया है
00:27उससे उनका जूट बेनकाब हो गया दिन भर वो देश के सामने ये कहते रहे कि उन्हें मिलने नहीं दिया
00:36जा रहा है
00:38चुनाव आयोक ने इस पश्टूप से कहा है चुनाव आयोक से मिलने के लिए किसी भी प्रकार की कोई रिक्वेस्ट
00:48इंडी कड़बंदन अत्वा कॉंग्रेस पार्टी के द्वारा प्राप्त नहीं हुई थी
00:54ये उनका जूट नंबर वन नंबर दो चुनाव आयोक ने अपनी प्रेस रिलीज में कहा कि
01:02चार बजे उन्हें पुलिस के डी-सी-पी के द्वारा या पता चला कि नेता पृतिपक्ष मिलना चाहते है
01:10जिस विशे में चुनाव आयोग ने निर्धारित प्रक्रिया बना रखी है कि कोई भी दालगर मिलना चाहे
01:15वो ततकाल मिलने को तैयार है मगर वो अपने प्रतनिदियों के द्वारा मिल सकता है
01:21मगर उन्होंने जिद की क्यों तो क्लेम कर रहे थे कि 300 सांसद है
01:25कि वो 300 सांसदों के साथ चुनाव आयोग के परिसर में जाएंगे
01:29जो भारत के इतिहास में कभी नहीं हुआ
01:31और ना वहां इतनी विवस्था है कि 300 लोग बैठ सके
01:35अर्थात ये पुना दर्शाता है कि वो मिलने को तयार नहीं थे
01:41तीसरा पॉइंट या बताये गया कि चुनाव आयोग ने ये कहा
01:47कि वो अपने एक वरिष्ट अधिकारी को धरना इस तल पर भेज़ देगा
01:51और वहां पर वो अपना ग्यापन दे सकते हैं
01:54जिसके लिए भी वो तयार नहीं हुए अर्थात या इस पस्ट है
01:59कि उनको चुनाव आयोग पे अपनी बात कहने का कोई उद्देशी नहीं था
02:05और उससे बड़ी बात जो बहुत ही गंभीर है
02:11वो ये है कि वो या पेक्षा कर रहे थे
02:17कि चुनाव आयोग तो आकर उनसे मिले
02:22जहां तक वस्विसिती ये है कि भारत की संसद भी
02:26किसी विशे पे सुनवाई के लिए या किसी प्रश्ण के उत्तर के लिए
02:32चुनाव आयोग को तलब नहीं कर सकती है
02:36समविधानी के वस्थाई ये है
02:37मगर जो अपने समविधान को अपनी जेम में रखते हैं
02:41उन्होंने ये दिखाया कि वो तलब कर रहे थे
02:45कि समविधानी क दृष्णी से जो चीज संभव नहीं है
02:49वह चीज उनके द्वारा किया जाए
02:52अताहा इस पश्टूप से कहा जा सकता है
02:57कि कॉंग्रेस पार्टी जो सिर्फ और सिर्फ
03:01हंगावा खड़ा करने में विश्वास रखती है
03:05उसका जूट एक बार पुना बेनकाब हो गया है
03:10पुना रिपीट कर देता हूँ ना उन्होंने कोई समय मांगा
03:12जब समय दिया गया तो वो गए नहीं
03:16उसके बाद जब ये कहा गया कि उनका कोई अधिकारी आकर
03:19ग्यापन लेगा तो ग्यापन देने को तयार नहीं हुए
03:22और उससे बड़ा जूट मैं एक बात पूछना चाहता हूँ
03:24कॉंग्रेस ने कहा कि 300 सांसद थे
03:27कहा थे 300 सांसद
03:28मैं तमाम पत्रकारों से पूछना चाहता हूँ
03:31उन्होंने कितने सांसद महां देखे
03:34कॉंग्रेस पार्टी के निडिया ने पर सांसद है लोक सभा में
03:3730 सांसद है राज सभा में
03:39119
03:39इसके बाद सबसे बड़ी पार्टी है समाजवादी पार्टी
03:43जिसके 37 सांसद है शाम के समय कोई सभा का सांसद नहीं था
03:48तीसरी सबसे बड़ी पार्टी है त्रण मूल कॉंग्रेस
03:50जिसके 20 सांसद अलग हो चुके है
03:52अगली सबसे बड़ी पार्टी है डीम के
03:54जो इस आंदोलन से इस गटना क्रम से अपने को अलग रखे थी
04:00उसके बाद अगली पार्टी ये बड़ी आमादी पार्टी
04:03उसने भी इस धर्णा परतउस Birth से अपने को अलग किया था
04:07इसके बाद जितनी पार्टी यां बίο बच्षती हैं
04:09वो सिंगल डिजिट सांसदों की पार्टी है
04:11यानि किसी के पास दहाई यंक के सांसत नहीं है
04:14तो ये 300 की संख्या कहां से या इत्ता बड़ा जूट
04:18तब पूछना चाहता हूँ
04:20कॉंग्रेस पार्टी बताए उसके 130 सांसत थे क्या वहाँ
04:26और आप चुनावायोग से ऐसे
04:30तक्नीकी मुद्दे को उपर पूछ रहें
04:31पुना ये बात कहना चाहता हूँ
04:33तक्नीकी बात का जवाब चुनावायोग देगा
04:36और हम राजनतिक दिश से पूछ रहे है
04:38आपके जितने मैं किसी बड़े नेताओं का नाम नहीं लेना चाहता
04:41शाम के समय माननी के खड़ गए जी नहीं दिख रहे थे
04:43ये बताइए जितने बड़े-बड़े वकील हैं आपकी तरफ
04:46वो भी नहीं थे धरने में
04:48चिदमरम साहब
04:50अभिशेक मनु सिंग्वी साहब
04:52भले ही अब उनकी पार्टी में टेक्निकली नहीं है
04:54कपिल सिंबल साहब
04:56विवेक तंखा साहब
04:58कहां थे भाई
04:59सारा फोकस केवल
05:02शहजादा और शहजादी पे
05:03बहुत साफ है
05:05कि लोक तंत्र को
05:09राज तंत्र के में तबदील करके
05:12जो लोक तंत्र का नकाब उड़ा हुआ था
05:16आज उसी राज तंत्र को इस्थापित करने के लिए
05:19यह सारा का सारा प्रपंच रचा गया था
05:23अन्य था देश ने देखा है वहाँ के पत्रकारों ने देखा है
05:28कॉंग्रेस के सारे सांसत नहीं थे
05:31और तीन सो सांसत की संख्या का इतना बड़ा जूट बोला गया
05:35इससे स्पस्ट हो जाता है कि नेता प्रथिपक्ष राहूल गांधी
05:42जो इतने प्रकार के प्रपंच और स्वांग कर चुके हैं
05:47कि मैं कहना चाहूंगा कि उनको लांच करने के निरंतर विफल प्रयास हो रहे हैं
05:54सेटलाइट लांच वहिकल कई प्रकार के होते हैं
05:56एक ASLV होता है जिसको Augmented Satellite Launch Vehicle कहा जाता है
06:01एक PSLV होता है जिसको Polar Satellite Launch Vehicle कहा जाता है
06:05वैसे अब मुझे लगता है कॉंग्रेस को FSLV कह देना चाहिए
06:09Failed Satellite Launch Vehicle
06:13मगर इसके बाद भी वो अपनी बाद से बाज नहीं आ रहे है
06:17तो मुझे लगता है मैं पुना कह देना चाहता हूँ
06:20आज साबित हो गया कि कॉंग्रेस पार्टी सरासर जूट बोलती है
06:25राउल गांधी यह नहीं समय मांगा समय देने पे मिलने नहीं गए
06:29अधिकारी को मिलने पे तयार नहीं हुए
06:32और तीन सो सांसरों का सरासर जूट बोला गया
06:34शाम के समय कहीं दूर दूर तक तीन सो तो क्या
06:38कॉंग्रेस के भी एक सो तीस सांसर नजर नहीं आ रहे थे
06:40तो मुझे लगता है कि मैं यह पंक्ती
06:43कांग्रेस पार्टी और आहूल गांधी को समर्पित करना चाहता हूँ
06:47कि वो पैर भी तो जूट की करता चला गया
06:52बस उसका चहरा उतरता चला गया
06:55वो पैर भी तो जूट की करता चला गया
06:57बस उसका चहरा उतरता चला गया
07:01और हद से बड़ी उड़ान की ख्वाहिश तो यू लगा कि सच उसके परों को कतरता चला गया
07:09तो जोने हद से आदा बड़ी उड़ान करने की कोशिश की थी
07:12सच ने उनकी उड़ान के परों को कतर दिया है धन्यवाद
07:29यह प्रश्ण बहुत गंभीर है और यह प्रश्ण उठानाई
07:36सविधान के खत्रे में होने का संकेत देता है
07:40जहां तक हमारी जानकारी है बिद विशेशक इस पर बता सकते हैं
07:46कि किसी भी प्रश्ण के उत्तर के लिए चुनाव आयुक्त
07:50अत्वा मुख्य चुनाव आयुक्त को संसद के पटल पर भी नहीं बुलाया जा सकता है
07:57और ये लोग कह रहे हैं कि संसद भवन में सड़क प्या के बात करनी चाहिए
08:04मुझे लगता इसके बाद पुरे देश को बहुत गंबीरता से सोचना चाहिए
08:08कि संविधान को जेम में रखकर संविधान के साथ कैसा खिलवाड करने का या प्रयास किया जा रहा है
08:16और अपनी राजनेतिक हार की बौखलाहट में देश को किस प्रकार के जंजट में फसाने का प्रयास किया जा रहा
08:25है
08:37देखे पहली बात मैं यह भी कहना चाहूंगा
08:39कि यदि वो चुनाव आयोग जा रहे थे तो आकाश्वाणी भवन के अंदर क्यों घुज गए
08:46इसके पीछे कॉंग्रेस को इस पस्टिकरण देना चाहिए
08:48यदि वो यह कहते हैं कि बैरिकेट से रूका गया
08:52तो हम एक बात मान सकते थे कि आकाश्वाणी भवन के सामने आप सड़क पे बैढ़ जाते धरने पे
08:56आप किसी प्रेमिसिस में कैसे घुज सकते हैं
09:00धरना करना पहली बात एक व्यवस्ता नियम के अनुसारी आपका अधिकार है
09:07उसके बाद आप किसी पब्लिक प्लेस पे धरना करने की सोच सकते हैं
09:11किसी संस्थान के प्रेमिसिस में क्यों घुजना चाहते हैं
09:15और मैं एक और बात याद देलाना चाहता हूँ
09:17यह कॉंग्रेस की उसी मानसिक्ता का प्रतीक है
09:20कि लोक तंत्र को स्वीकार नहीं करना है
09:22जब सत्ता में थे तो इसी आकाशवानी से खड़े होकर
09:26इंद्रा जी ने अमर्जेंसी की घोशना की थी
09:29आज विपक्ष में हैं
09:30तो इसी आकाशवानी परिसर में गद्दे लगाकर
09:34लोक तंत्र मेरे ठेंगे पर है
09:37हार जीत मेरी इक्षा से तै होगी
09:40यानि जो सोच तब थी पचास साल पहले
09:43कि अगर नियाले का निर्णे मेरे विरुद आ जाएगा
09:47तो हम तै करेंगे कि संबिधान को किस सीमा तक मानना है
09:51और कौसा नहीं मानना है
09:53वही सोच आज कॉंग्रेस ते दिखाई
09:55उसी आकाशवानी परिसर से
09:58कि हम हार भी जाएंगे
10:00तो हम तै करेंगे कि मानना है नहीं
10:03अब पुना एक बात रिपीट कर देना चाहता हूँ, आज साथ जगों पे उपचुना हुए, बार-बार कह रहा हूँ,
10:10सुवरे से, क्यों, कॉंग्रेस पार्टी से पूछना चाहता हूँ, सारी वोटर लिस्ट ठीक कर वाली है न, कोई आपत ही
10:15क्यों नहीं दर्ज की, आपके
10:31CCTV मांगने का समय 45 दिन तक रहेगा, मांगेंगे क्या, या सब पे भांग खाके सो जाएंगे, और फिर छे
10:40माईने के बाद राहूल गांदी को लाँच करने के लिए, पुना खड़े होकर, चीखना, चिलाना, दहाड़ना, चिघाड़ना शुरू कर देंगे,
10:50बन्यवादे,
11:04भांगे, बन्यवादेक्स प्रांजा थे विए प्रांगोंने के लिएते हिस्पास्ता हुँआ हो जगे इका थे घ्मके एब हाहूचका है को जया
11:17जहना रेते लिए, उछे का रिल शमके खड़एंगे, डिलिए, चीए हूँए, त्समके प्रारे में रूआ, जपादे हैं �
11:30बाधरें आहिता हмет सोगह जे αुरू बाधर अबर टीडि़िए नोगुछेक जा गॉशूच हएचाय।
11:36अंपट पूह प्रूव Smई चैनल करेबानी न देव एरिपर्वाट्बेदेश ने भी टिदरिए अखिन जना च्विले।
11:50with the Indian state
11:51so he is trying to create
11:53a confusion
11:54and the
11:56you can say
11:58the type of
12:01actions which they are saying
12:03they are proving
12:04that what Honorable Prime Minister
12:06has said
12:06कि Congress
12:07मुस्लिम लीगी
12:08माववादी Congress हो गई है
12:10और दिमाकी नकसल हो गई है
12:12ये उसके चरित्र में
12:14परत्यक्ष दिखाई पड़ रहा है
12:16धन्यवाद
12:26क्या जराम रमेजी ने
12:42बहुत सई सवाल है
12:43और इसका मैं साफ जवाब देता हूँ
12:45हमारी जितनी प्रेस कॉंफरेंसे हुई है
12:47वो सब Congress के आरोपों के जवाब में हुई है
12:51चुनाव आयोग के लिए नहीं
12:53चुनाव आयोग ने अपना इस पस्ठी करण
12:56अपने वक्तवे में दिया है
12:57मैं Congress से पूछना चाहता हूँ
12:59आप किसके बचाओं में हैं
13:01या किसके प्रभाओं में होकर
13:03भारत की सेना वाइव सेना
13:06और आपरेशन सिंदूर से लेके
13:08भारत की नियाई ववस्था के उपर अटेक
13:11भारत की मीडिया पर अटेक
13:13H.A.L. बरबाद हो गया
13:14State Bank बरबाद हो गई
13:16L.I.C. बरबाद हो गई
13:17S.B.I. बरबाद हो गई
13:19वैक्सीन खराब था
13:21और आज
13:23वोटर लिस्ट गलत है
13:24जबकि मैं पूछना चाहता हूँ
13:26आपके Booth Level एजेंट क्या कर रहे थे
13:30तो इसलिए
13:31हमारा सवाल Congress से
13:43आधार तरकहीन
13:45आरोप लगाने से बाज
13:46नहीं आते हैं और एक भी आरोप
13:49को कहीं भी ले जाकर
13:51साबित नहीं
13:53कर पाते हैं ना सदन में
13:55ना अदालत में
14:08राज तंत्र को बचाने के लिए
14:10जो बचे खुचे उनके
14:12कुछ लोग हैं
14:13वो उनके साथ आकर बैट रहे हैं
14:16और भारत के लोकतंत्र को
14:18वही लोग खाना चाते हैं
14:20जिन्होंने इस लोकतंत्र को
14:24वास्विक्ता में
14:26लोकतंत्र का नकाब लगाकर
14:28राज तंत्र से इस देश को
14:30कंट्रोल किया था
14:31और रही बात देश का जो विरोध और गदार की बात है तो मैं फिर पुना कहना चाहता हूँ
14:36आज KGB और CIA की जो declassified file से जाके पढ़ ले तो समझ में आ जाएगा कौन देश का
14:45गदार और कौन देश का वफदार
14:48जो राउल गांदी जी आप ही की सरकार के समय में सदाम हुसैन से तेल के कूपन लिये थे कि
14:52नहीं वोलकर रिपोर्ड जिसमें जाकर नटवर सिंग जी कोई सिफ़ा देना पड़ा था
14:58बतावाई कौन सा देश का गदार और कौन था वफदार नटवर सिंग आपके फॉरेंड मिनिस्टर रहे हैं अपनी किताब वन
15:04लाइफ इस नौट एनफ में लिखा है कि सोनिया जी ने उनसे कहा कि वो विदेश मंतरी नहीं रख सकती
15:08जोंके अमरीका का दबाव है बतावा�
15:24भी कॉंग्रेस आरोप लगाने से बाज नहीं आ रही है हम लोग आरोप लगाते थे अभी पक्ष में थे सब
15:30में अदालत जाते थे और एक से एक हर विशय पर हमने अदालत से अपने पक्ष में निरने पाया है
15:39चूंकि उन बातों का आधार था कॉंग्रेस किसी भी मैटर प
15:54होता है चुनाव एजेंट होता है वैसे ही बूथ लेविल अधिकारी होता है बूथ लेविल एजेंट होता है दिल्ली शहर
16:00में भारती जंता पार्टी ने बारा हजार बी एले निक्त किये थे कॉंग्रेस ने दस जार बी एले ने साइन
16:08किये या नहीं किये और अगर नहीं क
16:23बोकस बटोरना था इसलिए ना इंडिकर्ड बंदन का कोई सदस्य पे कैमरा था ना कॉंग्रेस के किसी नेता पे कोई
16:29कैमरा था