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Sudhanshu Trivedi on Rahul Gandhi | না চিঠি, না অনুমতি, তাহলে কেমন ধরনা? রাহুল গান্ধীর বিক্ষোভ নিয়ে সরব সুধাংশু ত্রিবেদী
লোকসভার বিরোধী দলনেতা রাহুল গান্ধীর ধরনা কর্মসূচি নিয়ে কড়া মন্তব্য করলেন বিজেপি সাংসদ ও মুখপাত্র সুধাংশু ত্রিবেদী। তাঁর অভিযোগ, ধরনা দেওয়ার আগে কোনও চিঠি দেওয়া হয়নি এবং প্রয়োজনীয় অনুমতিও নেওয়া হয়নি।
সুধাংশু ত্রিবেদীর প্রশ্ন, 'না চিঠি দেওয়া হয়েছে, না অনুমতি চাওয়া হয়েছে, তাহলে এটা কেমন ধরনা?' তাঁর দাবি, গণতান্ত্রিক প্রতিবাদেরও নির্দিষ্ট নিয়ম ও প্রক্রিয়া রয়েছে। সেই প্রক্রিয়া না মেনে কর্মসূচি নিয়ে প্রশ্ন তুলেছেন তিনি।
রাহুল গান্ধীর এই ধরনা ঘিরে ইতিমধ্যেই রাজনৈতিক মহলে শুরু হয়েছে জোর বিতর্ক। বিরোধীদের প্রতিবাদ কর্মসূচি নিয়ে বিজেপির আপত্তি, আর পাল্টা জবাব দিতে প্রস্তুত কংগ্রেসও। ফলে এই ইস্যুতে রাজনৈতিক চাপানউতোর আরও বাড়তে পারে।

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Transcript
00:00पंच और नाटकी प्रसुती करण के में माहिर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जी ने जो कुछ आज दिन भर ड्रामा
00:14किया अभी जो तथ्य आपशारिक रूप से प्रेस रिलीज के द्वारा चुनाव आयोक के द्वारा जारी किया गया है
00:27उससे उनका जूट बेनकाब हो गया दिन भर वो देश के सामने ये कहते रहे कि उन्हें मिलने नहीं दिया
00:36जा रहा है
00:38चुनाव आयोक ने इस पश्टूप से कहा है चुनाव आयोक से मिलने के लिए किसी भी प्रकार की कोई रिक्वेस्ट
00:48इंडी कड़बंदन अत्वा कॉंग्रेस पार्टी के द्वारा प्राप्त नहीं हुई थी
00:54ये उनका जूट नंबर वन नंबर दो चुनाव आयोक ने अपनी प्रेस रिलीज में कहा कि
01:02चार बजे उन्हें पुलिस के डी-सी-पी के द्वारा या पता चला कि नेता पृतिपक्ष मिलना चाहते है
01:10जिस विशे में चुनाव आयोग ने निर्धारित प्रक्रिया बना रखी है कि कोई भी दालगर मिलना चाहे
01:15वो ततकाल मिलने को तैयार है मगर वो अपने प्रतनिदियों के द्वारा मिल सकता है
01:21मगर उन्होंने जिद की क्यों तो क्लेम कर रहे थे कि 300 सांसद है
01:25कि वो 300 सांसदों के साथ चुनाव आयोग के परिसर में जाएंगे
01:29जो भारत के इतिहास में कभी नहीं हुआ
01:31और ना वहां इतनी विवस्था है कि 300 लोग बैठ सके
01:35अर्थात ये पुना दर्शाता है कि वो मिलने को तयार नहीं थे
01:41तीसरा पॉइंट या बताये गया कि चुनाव आयोग ने ये कहा
01:47कि वो अपने एक वरिष्ट अधिकारी को धरना इस तल पर भेज़ देगा
01:51और वहां पर वो अपना ग्यापन दे सकते हैं
01:54जिसके लिए भी वो तयार नहीं हुए अर्थात या इस पस्ट है
01:59कि उनको चुनाव आयोग पे अपनी बात कहने का कोई उद्देशी नहीं था
02:05और उससे बड़ी बात जो बहुत ही गंभीर है
02:11वो ये है कि वो या पेक्षा कर रहे थे
02:17कि चुनाव आयोग तो आकर उनसे मिले
02:22जहां तक वस्विसिती ये है कि भारत की संसद भी
02:26किसी विशे पे सुनवाई के लिए या किसी प्रश्ण के उत्तर के लिए
02:32चुनाव आयोग को तलब नहीं कर सकती है
02:36समविधानी के वस्थाई ये है
02:37मगर जो अपने समविधान को अपनी जेम में रखते हैं
02:41उन्होंने ये दिखाया कि वो तलब कर रहे थे
02:45कि समविधानी क दृष्णी से जो चीज संभव नहीं है
02:49वह चीज उनके द्वारा किया जाए
02:52अताहा इस पश्टूप से कहा जा सकता है
02:57कि कॉंग्रेस पार्टी जो सिर्फ और सिर्फ
03:01हंगावा खड़ा करने में विश्वास रखती है
03:05उसका जूट एक बार पुना बेनकाब हो गया है
03:10पुना रिपीट कर देता हूँ ना उन्होंने कोई समय मांगा
03:12जब समय दिया गया तो वो गए नहीं
03:16उसके बाद जब ये कहा गया कि उनका कोई अधिकारी आकर
03:19ग्यापन लेगा तो ग्यापन देने को तयार नहीं हुए
03:22और उससे बड़ा जूट मैं एक बात पूछना चाहता हूँ
03:24कॉंग्रेस ने कहा कि 300 सांसद थे
03:27कहा थे 300 सांसद
03:28मैं तमाम पत्रकारों से पूछना चाहता हूँ
03:31उन्होंने कितने सांसद महां देखे
03:34कॉंग्रेस पार्टी के निडिया ने पर सांसद है लोक सभा में
03:3730 सांसद है राज सभा में
03:39119
03:39इसके बाद सबसे बड़ी पार्टी है समाजवादी पार्टी
03:43जिसके 37 सांसद है शाम के समय कोई सभा का सांसद नहीं था
03:48तीसरी सबसे बड़ी पार्टी है त्रण मूल कॉंग्रेस
03:50जिसके 20 सांसद अलग हो चुके है
03:52अगली सबसे बड़ी पार्टी है डीम के
03:54जो इस आंदोलन से इस गटना क्रम से अपने को अलग रखे थी
04:00उसके बाद अगली पार्टी ये बड़ी आमादी पार्टी
04:03उसने भी इस धर्णा परतउस Birth से अपने को अलग किया था
04:07इसके बाद जितनी पार्टी यां बίο बच्षती हैं
04:09वो सिंगल डिजिट सांसदों की पार्टी है
04:11यानि किसी के पास दहाई यंक के सांसत नहीं है
04:14तो ये 300 की संख्या कहां से या इत्ता बड़ा जूट
04:18तब पूछना चाहता हूँ
04:20कॉंग्रेस पार्टी बताए उसके 130 सांसत थे क्या वहाँ
04:26और आप चुनावायोग से ऐसे
04:30तक्नीकी मुद्दे को उपर पूछ रहें
04:31पुना ये बात कहना चाहता हूँ
04:33तक्नीकी बात का जवाब चुनावायोग देगा
04:36और हम राजनतिक दिश से पूछ रहे है
04:38आपके जितने मैं किसी बड़े नेताओं का नाम नहीं लेना चाहता
04:41शाम के समय माननी के खड़ गए जी नहीं दिख रहे थे
04:43ये बताइए जितने बड़े-बड़े वकील हैं आपकी तरफ
04:46वो भी नहीं थे धरने में
04:48चिदमरम साहब
04:50अभिशेक मनु सिंग्वी साहब
04:52भले ही अब उनकी पार्टी में टेक्निकली नहीं है
04:54कपिल सिंबल साहब
04:56विवेक तंखा साहब
04:58कहां थे भाई
04:59सारा फोकस केवल
05:02शहजादा और शहजादी पे
05:03बहुत साफ है
05:05कि लोक तंत्र को
05:09राज तंत्र के में तबदील करके
05:12जो लोक तंत्र का नकाब उड़ा हुआ था
05:16आज उसी राज तंत्र को इस्थापित करने के लिए
05:19यह सारा का सारा प्रपंच रचा गया था
05:23अन्य था देश ने देखा है वहाँ के पत्रकारों ने देखा है
05:28कॉंग्रेस के सारे सांसत नहीं थे
05:31और तीन सो सांसत की संख्या का इतना बड़ा जूट बोला गया
05:35इससे स्पस्ट हो जाता है कि नेता प्रथिपक्ष राहूल गांधी
05:42जो इतने प्रकार के प्रपंच और स्वांग कर चुके हैं
05:47कि मैं कहना चाहूंगा कि उनको लांच करने के निरंतर विफल प्रयास हो रहे हैं
05:54सेटलाइट लांच वहिकल कई प्रकार के होते हैं
05:56एक ASLV होता है जिसको Augmented Satellite Launch Vehicle कहा जाता है
06:01एक PSLV होता है जिसको Polar Satellite Launch Vehicle कहा जाता है
06:05वैसे अब मुझे लगता है कॉंग्रेस को FSLV कह देना चाहिए
06:09Failed Satellite Launch Vehicle
06:13मगर इसके बाद भी वो अपनी बाद से बाज नहीं आ रहे है
06:17तो मुझे लगता है मैं पुना कह देना चाहता हूँ
06:20आज साबित हो गया कि कॉंग्रेस पार्टी सरासर जूट बोलती है
06:25राउल गांधी यह नहीं समय मांगा समय देने पे मिलने नहीं गए
06:29अधिकारी को मिलने पे तयार नहीं हुए
06:32और तीन सो सांसरों का सरासर जूट बोला गया
06:34शाम के समय कहीं दूर दूर तक तीन सो तो क्या
06:38कॉंग्रेस के भी एक सो तीस सांसर नजर नहीं आ रहे थे
06:40तो मुझे लगता है कि मैं यह पंक्ती
06:43कांग्रेस पार्टी और आहूल गांधी को समर्पित करना चाहता हूँ
06:47कि वो पैर भी तो जूट की करता चला गया
06:52बस उसका चहरा उतरता चला गया
06:55वो पैर भी तो जूट की करता चला गया
06:57बस उसका चहरा उतरता चला गया
07:01और हद से बड़ी उड़ान की ख्वाहिश तो यू लगा कि सच उसके परों को कतरता चला गया
07:09तो जोने हद से आदा बड़ी उड़ान करने की कोशिश की थी
07:12सच ने उनकी उड़ान के परों को कतर दिया है धन्यवाद
07:29यह प्रश्ण बहुत गंभीर है और यह प्रश्ण उठानाई
07:36सविधान के खत्रे में होने का संकेत देता है
07:40जहां तक हमारी जानकारी है बिद विशेशक इस पर बता सकते हैं
07:46कि किसी भी प्रश्ण के उत्तर के लिए चुनाव आयुक्त
07:50अत्वा मुख्य चुनाव आयुक्त को संसद के पटल पर भी नहीं बुलाया जा सकता है
07:57और ये लोग कह रहे हैं कि संसद भवन में सड़क प्या के बात करनी चाहिए
08:04मुझे लगता इसके बाद पुरे देश को बहुत गंबीरता से सोचना चाहिए
08:08कि संविधान को जेम में रखकर संविधान के साथ कैसा खिलवाड करने का या प्रयास किया जा रहा है
08:16और अपनी राजनेतिक हार की बौखलाहट में देश को किस प्रकार के जंजट में फसाने का प्रयास किया जा रहा
08:25है
08:37देखे पहली बात मैं यह भी कहना चाहूंगा
08:39कि यदि वो चुनाव आयोग जा रहे थे तो आकाश्वाणी भवन के अंदर क्यों घुज गए
08:46इसके पीछे कॉंग्रेस को इस पस्टिकरण देना चाहिए
08:48यदि वो यह कहते हैं कि बैरिकेट से रूका गया
08:52तो हम एक बात मान सकते थे कि आकाश्वाणी भवन के सामने आप सड़क पे बैढ़ जाते धरने पे
08:56आप किसी प्रेमिसिस में कैसे घुज सकते हैं
09:00धरना करना पहली बात एक व्यवस्ता नियम के अनुसारी आपका अधिकार है
09:07उसके बाद आप किसी पब्लिक प्लेस पे धरना करने की सोच सकते हैं
09:11किसी संस्थान के प्रेमिसिस में क्यों घुजना चाहते हैं
09:15और मैं एक और बात याद देलाना चाहता हूँ
09:17यह कॉंग्रेस की उसी मानसिक्ता का प्रतीक है
09:20कि लोक तंत्र को स्वीकार नहीं करना है
09:22जब सत्ता में थे तो इसी आकाशवानी से खड़े होकर
09:26इंद्रा जी ने अमर्जेंसी की घोशना की थी
09:29आज विपक्ष में हैं
09:30तो इसी आकाशवानी परिसर में गद्दे लगाकर
09:34लोक तंत्र मेरे ठेंगे पर है
09:37हार जीत मेरी इक्षा से तै होगी
09:40यानि जो सोच तब थी पचास साल पहले
09:43कि अगर नियाले का निर्णे मेरे विरुद आ जाएगा
09:47तो हम तै करेंगे कि संबिधान को किस सीमा तक मानना है
09:51और कौसा नहीं मानना है
09:53वही सोच आज कॉंग्रेस ते दिखाई
09:55उसी आकाशवानी परिसर से
09:58कि हम हार भी जाएंगे
10:00तो हम तै करेंगे कि मानना है नहीं
10:03अब पुना एक बात रिपीट कर देना चाहता हूँ, आज साथ जगों पे उपचुना हुए, बार-बार कह रहा हूँ,
10:10सुवरे से, क्यों, कॉंग्रेस पार्टी से पूछना चाहता हूँ, सारी वोटर लिस्ट ठीक कर वाली है न, कोई आपत ही
10:15क्यों नहीं दर्ज की, आपके
10:31CCTV मांगने का समय 45 दिन तक रहेगा, मांगेंगे क्या, या सब पे भांग खाके सो जाएंगे, और फिर छे
10:40माईने के बाद राहूल गांदी को लाँच करने के लिए, पुना खड़े होकर, चीखना, चिलाना, दहाड़ना, चिघाड़ना शुरू कर देंगे,
10:50बन्यवादे,
11:04भांगे, बन्यवादेक्स प्रांजा थे विए प्रांगोंने के लिएते हिस्पास्ता हुँआ हो जगे इका थे घ्मके एब हाहूचका है को जया
11:17जहना रेते लिए, उछे का रिल शमके खड़एंगे, डिलिए, चीए हूँए, त्समके प्रारे में रूआ, जपादे हैं �
11:30बाधरें आहिता हмет सोगह जे αुरू बाधर अबर टीडि़िए नोगुछेक जा गॉशूच हएचाय।
11:36अंपट पूह प्रूव Smई चैनल करेबानी न देव एरिपर्वाट्बेदेश ने भी टिदरिए अखिन जना च्विले।
11:50with the Indian state
11:51so he is trying to create
11:53a confusion
11:54and the
11:56you can say
11:58the type of
12:01actions which they are saying
12:03they are proving
12:04that what Honorable Prime Minister
12:06has said
12:06कि Congress
12:07मुस्लिम लीगी
12:08माववादी Congress हो गई है
12:10और दिमाकी नकसल हो गई है
12:12ये उसके चरित्र में
12:14परत्यक्ष दिखाई पड़ रहा है
12:16धन्यवाद
12:26क्या जराम रमेजी ने
12:42बहुत सई सवाल है
12:43और इसका मैं साफ जवाब देता हूँ
12:45हमारी जितनी प्रेस कॉंफरेंसे हुई है
12:47वो सब Congress के आरोपों के जवाब में हुई है
12:51चुनाव आयोग के लिए नहीं
12:53चुनाव आयोग ने अपना इस पस्ठी करण
12:56अपने वक्तवे में दिया है
12:57मैं Congress से पूछना चाहता हूँ
12:59आप किसके बचाओं में हैं
13:01या किसके प्रभाओं में होकर
13:03भारत की सेना वाइव सेना
13:06और आपरेशन सिंदूर से लेके
13:08भारत की नियाई ववस्था के उपर अटेक
13:11भारत की मीडिया पर अटेक
13:13H.A.L. बरबाद हो गया
13:14State Bank बरबाद हो गई
13:16L.I.C. बरबाद हो गई
13:17S.B.I. बरबाद हो गई
13:19वैक्सीन खराब था
13:21और आज
13:23वोटर लिस्ट गलत है
13:24जबकि मैं पूछना चाहता हूँ
13:26आपके Booth Level एजेंट क्या कर रहे थे
13:30तो इसलिए
13:31हमारा सवाल Congress से
13:43आधार तरकहीन
13:45आरोप लगाने से बाज
13:46नहीं आते हैं और एक भी आरोप
13:49को कहीं भी ले जाकर
13:51साबित नहीं
13:53कर पाते हैं ना सदन में
13:55ना अदालत में
14:08राज तंत्र को बचाने के लिए
14:10जो बचे खुचे उनके
14:12कुछ लोग हैं
14:13वो उनके साथ आकर बैट रहे हैं
14:16और भारत के लोकतंत्र को
14:18वही लोग खाना चाते हैं
14:20जिन्होंने इस लोकतंत्र को
14:24वास्विक्ता में
14:26लोकतंत्र का नकाब लगाकर
14:28राज तंत्र से इस देश को
14:30कंट्रोल किया था
14:31और रही बात देश का जो विरोध और गदार की बात है तो मैं फिर पुना कहना चाहता हूँ
14:36आज KGB और CIA की जो declassified file से जाके पढ़ ले तो समझ में आ जाएगा कौन देश का
14:45गदार और कौन देश का वफदार
14:48जो राउल गांदी जी आप ही की सरकार के समय में सदाम हुसैन से तेल के कूपन लिये थे कि
14:52नहीं वोलकर रिपोर्ड जिसमें जाकर नटवर सिंग जी कोई सिफ़ा देना पड़ा था
14:58बतावाई कौन सा देश का गदार और कौन था वफदार नटवर सिंग आपके फॉरेंड मिनिस्टर रहे हैं अपनी किताब वन
15:04लाइफ इस नौट एनफ में लिखा है कि सोनिया जी ने उनसे कहा कि वो विदेश मंतरी नहीं रख सकती
15:08जोंके अमरीका का दबाव है बतावा�
15:24भी कॉंग्रेस आरोप लगाने से बाज नहीं आ रही है हम लोग आरोप लगाते थे अभी पक्ष में थे सब
15:30में अदालत जाते थे और एक से एक हर विशय पर हमने अदालत से अपने पक्ष में निरने पाया है
15:39चूंकि उन बातों का आधार था कॉंग्रेस किसी भी मैटर प
15:54होता है चुनाव एजेंट होता है वैसे ही बूथ लेविल अधिकारी होता है बूथ लेविल एजेंट होता है दिल्ली शहर
16:00में भारती जंता पार्टी ने बारा हजार बी एले निक्त किये थे कॉंग्रेस ने दस जार बी एले ने साइन
16:08किये या नहीं किये और अगर नहीं क
16:23बोकस बटोरना था इसलिए ना इंडिकर्ड बंदन का कोई सदस्य पे कैमरा था ना कॉंग्रेस के किसी नेता पे कोई
16:29कैमरा था

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