00:00विदेश में नौकरी करने वाले भारतियों के लिए विदेश से भारत भेजी जाने वाली रकम पर टैक्स से जोड़े नियमों
00:06को समझना बेहर चरूरी है
00:08खास कर तब जब रकम करोडो रुपए में हो और भारत के बैंक खातों में लगतार ट्रांसफर हो रही हो
00:14आम तोर पर विदेश में कमाई गए सेल्डी को बैंकिंग चैनल के जरिये भारत भेजने भर से वह रकम भारत
00:20में दोबारा टैक्स योग आये नहीं बन जाती
00:22लेकिन अगर बैंक रिकॉर्ड टैक्स विभाग के पास मौजूद जानकारी और दाखिल किये गए आयकर रिटर्ण में अंतर दिखाई दे
00:29तो विभाग इस रकम के स्रोत को लेकर सवाल चरूर पुछ सकता है
00:33ऐसा ही एक मामला कुबैत में काम करने वाले एक भारतिये के साथ सामने आया जिसमें करीब 3.63 करोड
00:40की रकम को टैक्स विभाग ने अइस पश्ट धन यानि की अन एक्स्प्लेंड मनी मान लिया था
00:46मामला आयकर अपिलिये न्याय धिकरन यानि की IT-AT अहमदाबाद तक पहुचा जहां NRI को आशिक राहत मिली है क्या
00:54है पूरा मामला चलिए आपको इस वीडियो में समझाते हैं
00:57दरसल यह मामला अहमदाबाद के रहने वाले राहुल कुमार नर्सिम भाई पटेल से जुड़ा है जो कुबैट के मीना अल
01:03अहमदी के ओयल फिल्ड में काम करते थे
01:05उनकी सैलरी कुबैट के नेशनल बैंक आफ कुबैट में खाते में जमा होती थी
01:10इसके बाद वह अपनी विदेश में कमाई गई रकम को भारत में मौजूद अपने बैंक खातों में भेशते थे
01:15टैक्स विभाग के पास उपलब्द बीतिये जानकारी के मुताविक 31 दिसंबर 2018 तक
01:21उनके नाम से HDFC बैंक में करीब 2.49 करोर और ICICI बैंक में करीब 1.09 करोर रुपए
01:29और ICIC Prudential Life Insurance में करीब 3.77 लाग की पॉलिसी की जानकारी थी
01:35बड़ी रकम की मौजूद की और उस समय ओरिजनल आयकर रिटरन दाखिल नहीं किये जाने के कारण
01:40या मामला टैक्स बिभाग की नजर में आया इसके बाद टैक्स बिभाग की तरब से उन्हें
01:44नोटिस चारी किया गया और उनसे भारत में मौजूद NRI और NRO खातों की जानकारी मांगी गया
01:49फिक्स डिपॉजित का ब्योरा और विभाग के पास उपलब्ध वितिये जानकारी का मिलान यानि की रिकंसिलियेशन देने को कहा गया
01:57शुरुवाती इसतर पर टैक्सपेयर की तरब से पूरी जानकारी और सभी जरूरी दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जा सके
02:03विभाग के मुताविक पैंक और वितिये संस्थानों से मिली जानकारी और टैक्सपेयर की तरब से उपलब्ध कराएं गए रिकॉर्ड की
02:10बीच पूरा मिलान नहीं हो पा रहा था
02:12इसी अधार पर आकलन कर अधिकारी ने करीब 3.63 करोर की रकम को आयकर कानून की धारा 69 एक
02:20इतहद और इस पश्ट धन मालिया
02:21इस रकम को टैक्स के दायरे में लानी की वज़ा हिया थी कि टैक्सपेयर उस समय इन रकमों के स्रोतों
02:27और बैंक रिकॉर्ड का पूरा दस्तावेजी मिलान नहीं कर पाये थे
02:30यहां से मामला अपील तक पहुचा अपीलिये करवाही के दोरान टैक्सपेयर ने अतरिक दस्तावेज पेश की इन में कुबैत के
02:38बैंक के स्टेटमेंट वहां मिलने वाली सैलरी से जुड़े दस्तावेज भारत के बैंक खातों के स्टेटमेंट और कुबैत से भारत
02:44भेज
02:58ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ
03:25यानि विदेश में कमाई गई रकम से लेकर भारत के बैंक खाते थी एक बैंकिंग ट्रेल मौचोट थी
03:31॰ाइशी आइसी बैंक से जुड़ी करिब 1.09 करोर की रकम में से करिब 1.04 करोर को बिदेशी रेमिटेंस
03:39और फिक्स डिकोजिट के रोल ओवर के चरिये समझाया जा सका
03:42इसका मतलब यह हुआ कि इस रकम का सुरोत कुबैत में कमाई गई विदेशी सेल्डी और उसी रकम से जुड़े
03:49बैंक लेन देन से जोड़ा जा सकता था
03:51हाला कि करीब 5.52 लाग की रकम ऐसी थी जिसका पूरा मिलान उपलब्ध रिकॉर्ड से नहीं हो पाया
03:57टैक्स विभाग ने इस अंतर को भी अश्पष्ट रकम के तौर पर देखा लेकिन मामला जब ITAT एहमदावाद पहुचा तो
04:04ट्रिब्यूनल ने इस अंतर को अलग नचरिये से देखा
04:07ट्रिब्यूनल ने माना कि टैक्स फेयर का एनराई स्टेटास कुबैत में रोजगार और एनराई खातों का होना विभादित नहीं था
04:14साथ ही रिकॉर्ड से यह भी पता चलता है कि बड़ी रकम विदेश में मिली सैल्डी से भारत बेजी गई
04:19थी
04:20ऐसे में सिर्फ बैंक के रिपोर्ट किये गए आकडों और उपलब्ध दस्तावेजों के बीच अंतर होने के अधार पर 5
04:26.52 लाग को अगोसीत या इसपष्ट आये नहीं माना जा सकता
04:30आईटी एटी ने यह भी देखा कि बिभाग की तरब से ऐसा कोई स्वतंतर सबूत पेश नहीं किया गया था
04:35जिससे या साबित हो सके कि 5.52 लाग किसी छिपी हुई या अगोसीत आये से आये थे
04:41ट्रिब्यूनल के मुताबिक केवल इस वज़ा से कि बैंक की तरब से रिपोर्ट की गई कूल रकम और उपलब्द बैंक
04:47रिकॉर्ड का पूरा मिलान नहीं हो पाया उस अंतर को अपने आप और इसपष्ट आये नहीं माना जा सकता
04:53इसी अधार पर IT-80 ने करीब 5.52 लाग की टैक्स बढ़ोतरी को हटा दिया यह NRI के लिए
04:59एहम रहत थी लेकिन इस मामले में NRI को पूरी तरह रहत नहीं मिली
05:03HDFC बैंक से जुड़ी करीब 2.49 करोर की रकम का पूरा ट्रांजक्सन वाइच मिलान अभी भी नहीं हो पाया
05:10था
05:10इस रकम के सुरोत को लेकर पर्याप दस्तावेज और बैंक से जरूरी जानकारी उपलब्द नहीं थी
05:15इसलिए ITAT ने इस हिस्ते को सीधे खत्म करने की वज़ाए दुबारा जाच के लिए आकलन अधिकारी के पास भेज
05:21दिया
05:21ट्रिब्यूनल ने निर्देश दिया कि बैंक से पूरी जानकारी ली जाए
05:25SFT के तहाद रिपोर्ट की गई रकम का अधार समझा जाए और फिट टैक्सपेर की तरब से दिये गए बिदेशी
05:31रेमिटेंस के दस्तावेजों का भी मिलान किया जाए
05:34अगर चांच में या साबित होता है कि यह रकम विदेश दे कमाई गई सेलरी से भारत भेजी गई थी
05:39या पहले भेजी गई विदेशी कमाई को बाद में दुबारा जमा या निवेश किया गया था
05:44तो उस रकम को सिर्फ बड़ी बैंक वैलेंस होने के अधार पर इस पश्ट आये नहीं माना जाना चाहिए
05:49इस पूरे मामले में विदेश में काम करने वाले भारतियों के लिए सबसे बड़ा सबक यह है
05:54कि विदेश से भारत पैसा भेशते समय सिर्फ बैंकिंग चैनल का इस्तेमाल करना ही काफी नहीं है
05:59बलकि उसका पूरा रिकॉर्ड समभाल कर रखना भी जरूरी है
06:02विदेशी बैंक के स्टेटमेंट, सैल इसली, प्रोजगार से जुड़े दस्तावेज, भारत के बैंक स्टेटमेंट, रेमिटेंस की रसीद, एनराई या एनरो
06:10खातों की जानकारी
06:12और फिक्स दिपोजित के कागर जैसे दस्तावेज, भाविश्य में टैक्स विभाग के किसी सवाल का जबाब देने में बेहत कामा
06:19सकते हैं
06:20खास कर अगर आप विदेशी बहारत में बड़ी रकम ट्रांसफर कर रहे हैं
06:24या कई सालों से वही रकम अलग-अलग बैंक खातों और फिक्स दिपोजित में घूम रही है तो हर लेन
06:29देन का रिकॉर्ड रखना जरूरी है
06:31यह मामला एक और महत्मून बात सामने लाता है कि विदेश बहारत भेजी गई रकम और भारत में कमाई गई
06:36टैक्स योग आय को एक ही नचर से नहीं देखा जा सकता
06:39किसी एनराई की विदेश में कमाई गई सेल्डी को भारत भेशने मातर से वह रकम दुबारा भारत में टैक्स योग
06:46आये नहीं बन जाती
06:47उनकी टैक्स देंदारी बेक्ती के रजिदेंशियल स्टीटस आये कहां अर्चित हुई और वह रकम कहां प्राप्थ हुई जैसे कई तथ्यों
06:55पर निर्भर करती है
06:56हलाकि इसका मतलब यह भी नहीं कि हर विदेशते आयी रकम अपने आप टैक्स से बाहर हो चाती है
07:01अगर रकम का स्रोत इसपष्ट नहीं है या दस्तावेजी रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है तो टैक्स विभाग सवाल पूछ सकता है
07:07और चार्च शुरू हो सकती है
07:09कुल मिलाकर कुबैत में काम करने वाले इस NRI के मामले में ITAT एहमदाबाद ने करीब 5.52 लाग की
07:16अत्रिक्त आय को हटा कर रहत दी है
07:18जबकि करीब 2.49 करोर की रकम को दुबारा जाज के लिए भेजा है
07:22Tribunal का फैसला याइस पष्ट करता है कि विदेश से कमाई गई रकम को बैंकिंग चैनल के माध्यम से भारत
07:28भेजे जाने मातर से उससे अईस पष्ट धन नहीं माना जा सकता
07:31But even this match will also be known as the future of India, but also the case is the future
07:58of India.
07:59इंडिया भेशते हैं और भेशते हैं तो क्या आपने दस्तावेज पूरे संभाल कर रखते हैं क्योंकि कभी भी आपको इसकी
08:05जरूरत पर सकती है अपनी राइक कमेंट सेक्शन में जरूर बताएं और ऐसे ही तमाम अप्टीट्स और शेयर मार्केट से
08:10जुड़ी तमाम चानक
08:11के लिए आप बने रहें गुड रिटार्न्स डिश्टल के साथ