00:01सर्वमंगल मंगले सिवे सरवार्तशाद के सरण्य त्रियंब के गवरी नारायनी नमोस्तुते प्यारे मित्रों जैश्य राम जैमाता दिमित्रों आज आप से
00:09चर्चा करते हैं सार्दिय नौरात्र कप से प्रारंब हो रहे हैं क्या है पूजा की सामगरी किस समय हमें करना
00:17है �
00:17घट स्थापना इसी विशेपे करेंगे चर्चा तो शार्दी नवरात्री 11 अक्टूबर रविवार से प्रारम्ब होंगी और इस दिन घट स्थापना
00:27किया जाएगा तो घट स्थापना प्रतिपदा तिथी में की जाती तो प्रतिपदा तिथी कप्षे प्रारम्ब हो रही है
00:3410 अक्टूबर की रात्ती में 9 बच करके 19 मिनट से प्रतिपदाति थी प्रारंब हो जाएगी और 11 अक्टूबर की
00:43रात्ती में 9 बच करके 30 मिनट तक प्रतिपदाति थी बिध्यमान रहेगी
00:48तो घट स्थापना का जो सुब महूरत है प्रातेकाल पांच बच करके 45 मिनट से प्रारंब हो करके 9 बच
00:57करके 49 मिनट तक रहेगा इसके बाद में अभीजीत महूरत में घट स्थापना किया जाएगा जो कि 11 बच करके
01:0512 मिनट से ले करके 11 बच करके 69 मिनट तक यह पामन महूरत
01:12गट स्थापना के लिए पूजन की जो सामगरी है उस विसे पर चर्चा करें, तो गट स्थापना के लिए सामगरी
01:19क्या है, जौँ बोने के लिए मिट्टी की प्याली, साप, जौँ और मिट्टी चाहिए, मिट्टी के कलस या तामे का
01:28कलस या पीतल का कलस चाहिए, सुद्ध,
01:31जल, गंगा जल भी चाहिए, अक्षत मतलब चावल, साबस सुपाडी चाहिए, सिक्का, दूरवा घास, आम के पत्ते, जटावाला नारियल, लाल
01:44कपडा या चुनरी, मौली, रोली, सिंदूर, चंदन, धूबबती, दीप, घी, कपूर, फूल, माला, फल, मिठाई, पंचामर
02:00और सूखे मेवे, घाट स्थापना की बिधी, पूजा इस्थल की साप सफाई करिएगा, संकल्प लीजिएगा, घाट स्थापना के दिन प्रातेकाल
02:10सुबह इश्पनान करके सुन्दरवस्त्रों को धारण करिएगा, इसके बाद में जहां पर आपको घाट स्थापना करनी
02:18है, वहां पर साप सफाई करिए, गंगा जल छिड़क करके, पवित्र करिएगा उस जगय को, सर्व पर्थन, बिग्न हर्ता भगवान
02:27गणेश का ध्यान करके, इसके बाद हाथ में जल ले करके, अक्षत ले करके, पुष्प ले करके, नौरात्र के नौ
02:34दिनों तक मादुर�
02:35की पूजा करने का संकल्पने, एक चौकी रखिएगा, निर्धारित मुहूर्त में जो मैंने मुहूर्त बताएं हैं, पूजा इस्थल के इसान
02:43कोण में, उपयुक्त स्थान पर चौकी रखिए, चौकी पर लालिया पीला कपड़ा आपको विछाना है, इसके बाद दुरग
03:04किसी मिट्टी डाल देना है हलकी सी, इसके बाद थोड़ा सा जल और नौरात्र के दावरान बोए हुए जो में
03:11हर दिन थोड़ा सा जल का छिड़काओ करते रहें, कलस को भरने के लिए कलस में थोड़ा सा रोली, सिंदूर,
03:21स्वास्तिक बनाएं, उसके गले पर आप मौली �
03:24बांधियेगा, कलस में सुद्ध जल आपको भरना है, थोड़ा सा गंगा जल मिला करके डालिए, इसके बाद कलस के अंदर
03:31अक्षत, सुपाडी, सिक्का, दूरवाय त्यादे डालिए, कलस के अंदर आम के पत्ते, फिर इसके बाद में एक पात्र में चावल
03:39करके रखना है,
03:40फिर आपको उसके उपर नारियल रखना है, कलस के मूपर आम का पत्ता पंच पल्लो इसके बाद नारियल रख करके,
03:47लाल कपड़े में लपेट करके, मौली बान करके, अब नारियल को कलस के उपर स्थापित कर दीजिए, कलस स्थापना करने
03:56के बाद कलस की पूजा करिएग
03:57तायार कलस के जो चारों और पात्र हैं उसमें भी आप जौ को डाल सकते हैं मिटी के अंदर उस
04:06कलस को रख सकते हैं
04:07इस तरह से आप कलस की स्थापना कर सकते हैं आपने घर पर सुक्षम बिदिसे ये कलस की स्थापना आप
04:15अपने यहां पर करिए मादुरगा का पूजन करिए, मा को भोग लगाईए, मा की आरती करिए, मा की प्रार्थना करिए
04:23और मा आपके जीवन में अपनी मंगल क्रपा बन
04:26करके रखें पुना मिलता हूं नए वीडियो में तब तक के लिए आप सभी को जैजे स्री सीता राम
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