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Shardiya Navratri 2026: शारदीय नवरात्रि के पहले दिन यानी 11 अक्तूबर, रविवार को सुबह कलश स्थापना की जा सकती है। दिए गए पंचांग के अनुसार, घटस्थापना के लिए सुबह 5:31 बजे से 9:26 बजे तक शुभ समय रहेगा। इसके अलावा अभिजित मुहूर्त सुबह 11:00 बजे से 11:47 बजे तक रहेगा। यानी सुबह घटस्थापना के लिए करीब 3 घंटे 55 मिनट का समय और अभिजित मुहूर्त में 47 मिनट का समय उपलब्ध रहेगा। पूजा के लिए संभव हो तो साफ-सफाई करके पहले से ही सारी सामग्री व्यवस्थित कर लें, ताकि शुभ मुहूर्त में बिना किसी परेशानी के कलश स्थापना की जा सके।Shardiya Navratri 2026: Kab Se Kab Tak,Ghatsthapna Muhurt,Puja Samagri,Vidhi..

Kalash installation can be done on the first day of Sharadiya Navratri, i.e., Sunday, October 11th, in the morning. According to the given Panchang, the auspicious time for Ghatasthapana will be from 5:31 am to 9:26 am. Additionally, Abhijit Muhurta will be from 11:00 am to 11:47 am. This means that approximately 3 hours and 55 minutes will be available for Ghatasthapana in the morning, and 47 minutes will be available in Abhijit Muhurta. If possible, clean up and arrange all the materials for the puja in advance, so that the Kalash installation can be done without any hassle during the auspicious time.

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00:01सर्वमंगल मंगले सिवे सरवार्तशाद के सरण्य त्रियंब के गवरी नारायनी नमोस्तुते प्यारे मित्रों जैश्य राम जैमाता दिमित्रों आज आप से
00:09चर्चा करते हैं सार्दिय नौरात्र कप से प्रारंब हो रहे हैं क्या है पूजा की सामगरी किस समय हमें करना
00:17है �
00:17घट स्थापना इसी विशेपे करेंगे चर्चा तो शार्दी नवरात्री 11 अक्टूबर रविवार से प्रारम्ब होंगी और इस दिन घट स्थापना
00:27किया जाएगा तो घट स्थापना प्रतिपदा तिथी में की जाती तो प्रतिपदा तिथी कप्षे प्रारम्ब हो रही है
00:3410 अक्टूबर की रात्ती में 9 बच करके 19 मिनट से प्रतिपदाति थी प्रारंब हो जाएगी और 11 अक्टूबर की
00:43रात्ती में 9 बच करके 30 मिनट तक प्रतिपदाति थी बिध्यमान रहेगी
00:48तो घट स्थापना का जो सुब महूरत है प्रातेकाल पांच बच करके 45 मिनट से प्रारंब हो करके 9 बच
00:57करके 49 मिनट तक रहेगा इसके बाद में अभीजीत महूरत में घट स्थापना किया जाएगा जो कि 11 बच करके
01:0512 मिनट से ले करके 11 बच करके 69 मिनट तक यह पामन महूरत
01:12गट स्थापना के लिए पूजन की जो सामगरी है उस विसे पर चर्चा करें, तो गट स्थापना के लिए सामगरी
01:19क्या है, जौँ बोने के लिए मिट्टी की प्याली, साप, जौँ और मिट्टी चाहिए, मिट्टी के कलस या तामे का
01:28कलस या पीतल का कलस चाहिए, सुद्ध,
01:31जल, गंगा जल भी चाहिए, अक्षत मतलब चावल, साबस सुपाडी चाहिए, सिक्का, दूरवा घास, आम के पत्ते, जटावाला नारियल, लाल
01:44कपडा या चुनरी, मौली, रोली, सिंदूर, चंदन, धूबबती, दीप, घी, कपूर, फूल, माला, फल, मिठाई, पंचामर
02:00और सूखे मेवे, घाट स्थापना की बिधी, पूजा इस्थल की साप सफाई करिएगा, संकल्प लीजिएगा, घाट स्थापना के दिन प्रातेकाल
02:10सुबह इश्पनान करके सुन्दरवस्त्रों को धारण करिएगा, इसके बाद में जहां पर आपको घाट स्थापना करनी
02:18है, वहां पर साप सफाई करिए, गंगा जल छिड़क करके, पवित्र करिएगा उस जगय को, सर्व पर्थन, बिग्न हर्ता भगवान
02:27गणेश का ध्यान करके, इसके बाद हाथ में जल ले करके, अक्षत ले करके, पुष्प ले करके, नौरात्र के नौ
02:34दिनों तक मादुर�
02:35की पूजा करने का संकल्पने, एक चौकी रखिएगा, निर्धारित मुहूर्त में जो मैंने मुहूर्त बताएं हैं, पूजा इस्थल के इसान
02:43कोण में, उपयुक्त स्थान पर चौकी रखिए, चौकी पर लालिया पीला कपड़ा आपको विछाना है, इसके बाद दुरग
03:04किसी मिट्टी डाल देना है हलकी सी, इसके बाद थोड़ा सा जल और नौरात्र के दावरान बोए हुए जो में
03:11हर दिन थोड़ा सा जल का छिड़काओ करते रहें, कलस को भरने के लिए कलस में थोड़ा सा रोली, सिंदूर,
03:21स्वास्तिक बनाएं, उसके गले पर आप मौली �
03:24बांधियेगा, कलस में सुद्ध जल आपको भरना है, थोड़ा सा गंगा जल मिला करके डालिए, इसके बाद कलस के अंदर
03:31अक्षत, सुपाडी, सिक्का, दूरवाय त्यादे डालिए, कलस के अंदर आम के पत्ते, फिर इसके बाद में एक पात्र में चावल
03:39करके रखना है,
03:40फिर आपको उसके उपर नारियल रखना है, कलस के मूपर आम का पत्ता पंच पल्लो इसके बाद नारियल रख करके,
03:47लाल कपड़े में लपेट करके, मौली बान करके, अब नारियल को कलस के उपर स्थापित कर दीजिए, कलस स्थापना करने
03:56के बाद कलस की पूजा करिएग
03:57तायार कलस के जो चारों और पात्र हैं उसमें भी आप जौ को डाल सकते हैं मिटी के अंदर उस
04:06कलस को रख सकते हैं
04:07इस तरह से आप कलस की स्थापना कर सकते हैं आपने घर पर सुक्षम बिदिसे ये कलस की स्थापना आप
04:15अपने यहां पर करिए मादुरगा का पूजन करिए, मा को भोग लगाईए, मा की आरती करिए, मा की प्रार्थना करिए
04:23और मा आपके जीवन में अपनी मंगल क्रपा बन
04:26करके रखें पुना मिलता हूं नए वीडियो में तब तक के लिए आप सभी को जैजे स्री सीता राम
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