00:00पंचांग के अनुसार दो हजार छबीस में करवा चौत का वरत 29 अक्टूबर गुरुवार को रखा जाएगा।
00:05चतुर्थी तिथी 29 अक्टूबर को देर रात एक बचकर चेह मिनट से शुरू होकर उसी रात दस बचकर नौ मिनट
00:12पर समाप्त होगी।
00:13करवा चौत की पूजा का शुभ मुहूर्थ शाम पांच बचकर 38 मिनट से 6 बचकर 56 मिनट तक रहेगा।
00:19करवा चौत पर सुहागिन महिलाएं पती की लंबी उम्र और अखंड सौभाग्य की कामना के लिए निर्जला वरत रखती हैं।
00:26शाम को करवा चौत की पूजा और वरत कथा के बाद चंद्रमा को अर्ग्य देकर वरत खोला जाता है।
00:32इस साल 29 अक्टूबर को चंद्रमा के करीब 8 बच कर 17 मिनट से दिखाई देने की संभावना है।
00:38आलांकी चंद्रोदय का समय शहर के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।
00:41इसलिए अपने स्थान का समय जरूर जांच लें।
00:44पूजा के लिए महिलाएं सरगी ग्रहन कर वरत का संकल्प लेती हैं।
00:48शाम को करवा मैय और देवी देवताओं की पूजा, कथा और पूजन सामगरी के साथ विधी विधान पूरा किया जाता
00:54है।
00:55चंद्रमा के दर्शन के बाद छलनी से चंद्रमा को देखकर अर्ग्य दिया जाता है और पती के हाथ से पानी
01:00पीकर वरत का पारण किया जाता है।
01:02इसके बाद सास को मिश्ठान, फल, मेवे और रुपए आदी से सजी थाली भेंट कर उनका आशीरवाद लिया जाता है।