00:00तेली ये बताएए अंतिम संस्कार को काफी लग गया है और भी बहुत सारे लोग आना चाहते थे नाना की
00:05जो भी फैंस हैं, या फिर उख्यूब शुप चाहते हैं, तो इतना वक्त क्यों लग गया है वो जाना चाहते
00:10हैं
00:13यह काफी वक्त लग गया मतलब यूजुली इतना बारा एक बजे इतना अन्य गोवा में थे ना वहां से लाए
00:19हमको एक्सपेक्टेट था कि हम जल्दी आ जाएंगे लेकिन समय लग गया किसी वज़ा से वैसी बात हो गई लेकिन
00:25क्योंकि सुबह जल्दी डॉन सुबह बहुत
00:32जल्दी यह मतलब प्रॉब्लम यह हो गया था तो ज्यादा रखना ठीक नहीं था तो इसलिए फिर हमने सोचा कि
00:41आज ही करेंगे आगे किस तरह से आप देखते हैं कि किसानों को लेके भी वह काफी हमें रखते तो
00:50और सबसे दुशकाल आज यह जो परसे थे हैं किस तरह से क
00:55मैं वही कहना चाहता हूं सबसे जरुई बात ऐसी है कि नłada साब मैंने पहले दो थी नहीं बात कही
01:02कि नाना साब जैसी वेक्ति यह कहीं नहीं जाती है
01:06यह अपने काम के जरीए हम जिसको मराठी में आजरामर कहते हैं, तो मतलब यह इम्मॉर्टल लोग होते हैं, एक
01:12बात यह दूसरी बात, उनकी हमेश्या से एक ही सोच रहती थी एक लाइन वह बार बार दौराते थे कि
01:18let's get together in the name of humanity and work for the betterment of the world, तो वो दुनिया के
01:23पैमाने पर सोच जेते हैं, तो अभी महराष्टा का हो गया था, पैन इंडिया हम अपने संस्ता के जरीए अभी
01:31पान के शेतर में तो काम चली रहा था, अभी कश्मीर में भी बड़े पैमाने पर education और health sector
01:37में काम शुरू हो गया था,
01:38तो वो एक चीज थी, और तीसरी बात ऐसी है, कि जो आपको यकीन नहीं होगा, लेकिन वो सबको अपनी
01:47अपनी जिम्मेदारी दे कर गए है, क्योंकि उनके दिमाग में बात ऐसी थी, कि मतलब उन्होंने चुनाओ किया लोगों का,
01:56कि तुमने ये करना है, तुमने वो करना ह
01:58और वो ये सारी चीजों में से बाहर निकल गए, और उनके दिमाग में था, कहीं जाके वापस स्क्रैच से
02:05जिन्दगी शुरू की जाए, शुन्य से, तो वो उनके दिमाग में था, और जहां पर जरूत है, वहां पर आगे
02:11की जिन्दगी अरपन की जाए, तो ये उनके दिम
02:27में होगी काम तो चलते रहेगा रही बात जो ये मराठवडा की हो तो उस सिलसले में नाम फाउंडेशन में
02:36जो काम चल रहा है वहाँ पे हमारे सीओ साहब है गनेश्थोरा साहब है हमारे ट्रस्टी साहब है तो अल्रीडी
02:42काम चल रहा है अल्रीडी काम चल रहा है नाना साहब
02:45नाना साब को बहुत पहले
02:47उनके दिमाग में था कि मैं चार साल
02:50और्गनाजेशन इस्टाबिश करके
02:51इसमें से निकल जाओंगा लेकिन उनको थोड़ा
02:53समय लग गया लेकिन आप यकीन
02:55करें कि अभी वो सब को
02:57अपने अपने काम बाट के इसमें से
03:14इतना ही है कि ये काम
03:16मराटवाडा का जो है तो वो
03:18सीएम साब से बात हुई थी थी थोड़ी देर
03:20पहले ही बात हुई तो उन्होंने वही कहा
03:22कि जो नाम फांडेशन के जरीए जो काम
03:24चल रहा हमारे गनेश्टोरत साब सीओ साब है
03:28तो उनके गाइडिampa के नीचे वह सारा काम
03:30चल रहा है हमारे चंदरेश कर साबवाक के लिए जर आख साब 구�
03:33गाया लुह नों के उन्ड थी साहब है तो वह सारा काम से हाट कि lizard
03:39की आगर हम मिल्कर काम किये हैं लेकिन इस रार उनका का
03:43आना था कि नाना साब के दिमाग मतब नाना साब ने ये सोच रखा था कि इस बार और जोर
03:48लगाना है तो सीम साब ने ऑनरेबल सीम साब ने ये बात कही कि
03:52we have to make sure
03:53कि जो उनकी दिमाव में था
03:54तो वो होना ही है
03:56तो अभी उनोंने
03:57वो एक अभी बात जो चल रही थी
03:59तो तभी उनोंने
04:01जी जी तो तभी उनों
04:03सर बात ऐसी होती है
04:05कि ये लेगेसी
04:07ऐसी नाना साब
04:10मेरे अकेले के नहीं है
04:11नाना साब
04:13ये क्या कहते हैं एक परिवार के लिए मर्यादित नहीं है नाना साब दुनिया के हैं तो नाना साब की
04:20लीगसी चलाने वाले दुनिया भर लोग हैं मैं तो अपने तरफ से तो मैं करूंगा ही लेकिन ऐसे उनकी लीगसी
04:28चलाने वाले मेरे इतने भाई बहन हैं दुनिया भर त
04:42मेरी तबेट ठीक नहीं थी, तो वो थोड़ा कंसरंड थे, तो वो उतना ही कहते थे, कि तू मेरे लिए
04:50बस इतना ही कर, कि तू खुद के तबियत का ख्याल रख, बस इतना ही कर.
05:12झाल