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नाना पाटेकर के अंतिम संस्कार के बाद उनके बेटे मल्हार पाटेकर ने मीडिया से बातचीत में पिता के अधूरे कामों और उनकी विरासत को आगे बढ़ाने की बात कही। मल्हार के मुताबिक, नाना पाटेकर का मानना था कि इंसानियत के नाम पर सभी को एकजुट होकर दुनिया को बेहतर बनाने के लिए काम करना चाहिए। उनका सामाजिक कार्य महाराष्ट्र के किसानों और पानी की समस्या से लेकर कश्मीर में शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों तक फैला था। मल्हार ने कहा- नाना के शुरू किए गए काम जारी रहेंगे और वे खुद भी इस जिम्मेदारी को निभाएंगे। उन्होंने लोगों से इस उद्देश्य से जुड़ने की अपील की। बता दें, 08 अक्टूबर को गोवा में हार्ट अटैक से नाना पाटेकर का निधन हुआ।
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Transcript
00:00तेली ये बताएए अंतिम संस्कार को काफी लग गया है और भी बहुत सारे लोग आना चाहते थे नाना की
00:05जो भी फैंस हैं, या फिर उख्यूब शुप चाहते हैं, तो इतना वक्त क्यों लग गया है वो जाना चाहते
00:10हैं
00:13यह काफी वक्त लग गया मतलब यूजुली इतना बारा एक बजे इतना अन्य गोवा में थे ना वहां से लाए
00:19हमको एक्सपेक्टेट था कि हम जल्दी आ जाएंगे लेकिन समय लग गया किसी वज़ा से वैसी बात हो गई लेकिन
00:25क्योंकि सुबह जल्दी डॉन सुबह बहुत
00:32जल्दी यह मतलब प्रॉब्लम यह हो गया था तो ज्यादा रखना ठीक नहीं था तो इसलिए फिर हमने सोचा कि
00:41आज ही करेंगे आगे किस तरह से आप देखते हैं कि किसानों को लेके भी वह काफी हमें रखते तो
00:50और सबसे दुशकाल आज यह जो परसे थे हैं किस तरह से क
00:55मैं वही कहना चाहता हूं सबसे जरुई बात ऐसी है कि नłada साब मैंने पहले दो थी नहीं बात कही
01:02कि नाना साब जैसी वेक्ति यह कहीं नहीं जाती है
01:06यह अपने काम के जरीए हम जिसको मराठी में आजरामर कहते हैं, तो मतलब यह इम्मॉर्टल लोग होते हैं, एक
01:12बात यह दूसरी बात, उनकी हमेश्या से एक ही सोच रहती थी एक लाइन वह बार बार दौराते थे कि
01:18let's get together in the name of humanity and work for the betterment of the world, तो वो दुनिया के
01:23पैमाने पर सोच जेते हैं, तो अभी महराष्टा का हो गया था, पैन इंडिया हम अपने संस्ता के जरीए अभी
01:31पान के शेतर में तो काम चली रहा था, अभी कश्मीर में भी बड़े पैमाने पर education और health sector
01:37में काम शुरू हो गया था,
01:38तो वो एक चीज थी, और तीसरी बात ऐसी है, कि जो आपको यकीन नहीं होगा, लेकिन वो सबको अपनी
01:47अपनी जिम्मेदारी दे कर गए है, क्योंकि उनके दिमाग में बात ऐसी थी, कि मतलब उन्होंने चुनाओ किया लोगों का,
01:56कि तुमने ये करना है, तुमने वो करना ह
01:58और वो ये सारी चीजों में से बाहर निकल गए, और उनके दिमाग में था, कहीं जाके वापस स्क्रैच से
02:05जिन्दगी शुरू की जाए, शुन्य से, तो वो उनके दिमाग में था, और जहां पर जरूत है, वहां पर आगे
02:11की जिन्दगी अरपन की जाए, तो ये उनके दिम
02:27में होगी काम तो चलते रहेगा रही बात जो ये मराठवडा की हो तो उस सिलसले में नाम फाउंडेशन में
02:36जो काम चल रहा है वहाँ पे हमारे सीओ साहब है गनेश्थोरा साहब है हमारे ट्रस्टी साहब है तो अल्रीडी
02:42काम चल रहा है अल्रीडी काम चल रहा है नाना साहब
02:45नाना साब को बहुत पहले
02:47उनके दिमाग में था कि मैं चार साल
02:50और्गनाजेशन इस्टाबिश करके
02:51इसमें से निकल जाओंगा लेकिन उनको थोड़ा
02:53समय लग गया लेकिन आप यकीन
02:55करें कि अभी वो सब को
02:57अपने अपने काम बाट के इसमें से
03:14इतना ही है कि ये काम
03:16मराटवाडा का जो है तो वो
03:18सीएम साब से बात हुई थी थी थोड़ी देर
03:20पहले ही बात हुई तो उन्होंने वही कहा
03:22कि जो नाम फांडेशन के जरीए जो काम
03:24चल रहा हमारे गनेश्टोरत साब सीओ साब है
03:28तो उनके गाइडिampa के नीचे वह सारा काम
03:30चल रहा है हमारे चंदरेश कर साबवाक के लिए जर आख साब 구�
03:33गाया लुह नों के उन्ड थी साहब है तो वह सारा काम से हाट कि lizard
03:39की आगर हम मिल्कर काम किये हैं लेकिन इस रार उनका का
03:43आना था कि नाना साब के दिमाग मतब नाना साब ने ये सोच रखा था कि इस बार और जोर
03:48लगाना है तो सीम साब ने ऑनरेबल सीम साब ने ये बात कही कि
03:52we have to make sure
03:53कि जो उनकी दिमाव में था
03:54तो वो होना ही है
03:56तो अभी उनोंने
03:57वो एक अभी बात जो चल रही थी
03:59तो तभी उनोंने
04:01जी जी तो तभी उनों
04:03सर बात ऐसी होती है
04:05कि ये लेगेसी
04:07ऐसी नाना साब
04:10मेरे अकेले के नहीं है
04:11नाना साब
04:13ये क्या कहते हैं एक परिवार के लिए मर्यादित नहीं है नाना साब दुनिया के हैं तो नाना साब की
04:20लीगसी चलाने वाले दुनिया भर लोग हैं मैं तो अपने तरफ से तो मैं करूंगा ही लेकिन ऐसे उनकी लीगसी
04:28चलाने वाले मेरे इतने भाई बहन हैं दुनिया भर त
04:42मेरी तबेट ठीक नहीं थी, तो वो थोड़ा कंसरंड थे, तो वो उतना ही कहते थे, कि तू मेरे लिए
04:50बस इतना ही कर, कि तू खुद के तबियत का ख्याल रख, बस इतना ही कर.
05:12झाल

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