00:00आठ अक्टूबर को नाना पार्टिकर के निधन की खबर ने फैंस को बड़ा जटका दिया। उसी दिन शाम को पूने
00:04फार्म हाउस में उनका अंतिम संसकार किया गया। नाना को अंतिम विदाई देने के लिए वहाँ हजारों की भीड उमड़ी।
00:09सभी ने नम आँखों से उ
00:26हमें उम्मीद थी कि हम जल्दी पहुंच जाएंगे लेकिन इसमें कुछ समय लग गया। उनका निधन सुबह-सुबह हुआ था।
00:30इसलिए काफी समय पहले ही बीच चुका था। और पार्थिव देह को ज्यादा देर तक रखना ठीक नहीं था। इसलिए
00:35हमें सूर्यास्त क
00:36के बाद अंतिम संसकार करना पड़ा। मलहार ने पिता के सामाजिक कारे की विरासत को आगे बढ़ाने पर भी बात
00:40की। उन्होंने कहा उन जैसे लोग कहीं नहीं जाते, वो अपने काम के जरीए हमेशा जिन्दा रहते हैं, वो अमर
00:45होते हैं।