00:00नमस्कार मैं हूँ शम्स ताहर खान और आप देख रहे हैं वारदाथ
00:03आज वारदाथ मैं आपको दो तस्वीरे दिखाऊंगा
00:06इन्हें देखने के बाद आपको तैकरना है
00:10के इन में से इनसान कौन है और जानवर कौन
00:13पहली तस्वीर लखनौ की है
00:15जहां एक शक्स बीच सड़क पर एक कुट्टे को गोली मार देता है
00:20दूसरी तस्वीर 36 गड़ की है
00:23जहां एक रखवाला एक एक कर 22 बंदरों को गोली मार कर उनकी जान ले लेता है
00:42जान जान में फर्ट तो होता है
00:44कोली कोली में भी फर्ट होता है
00:47मारने और मरने वाले में भी फर्ट होता है
00:51कौन मर रहा है या कौन मार रहा है
00:54इसमें भी फर्ट होता है
01:01अब ये सारे फर्ट सिर्फ इनसान करे तो भी फर्ट समझ में आता है
01:06लेकिन जब खुद कानून भी फर्ट करने लगे
01:08तो फर्क की लकीर साफ हो जाती है
01:14ये यूपी की राजधानी लखनों की तस्वीर है
01:17बस थोड़ी देर के लिए सोचिए
01:19अगर लखनों की सडक पर कोई शक्स कंधे से अपनी राइफल उतारे
01:24गोली लोट करे और फिर गोली चला दे
01:31गोली लगने के बाद जिसे गोली लगी है
01:33वो इसी सडक पर तड़प कर मर जाए
01:36और मरने वाला इंसान हो
01:38तो क्या होगा
01:40शर्तिया अप में से ज्यादा तर लोग यही कहेंगे
01:43कि योगी बाबा की पुलिस या तो कातिल का इंकाउंटर कर देगी
01:47या फिर पैर में गोली मार कर लगना
01:51लेकिन अगर दिन धाड़े बीच सडक पर गोली चलाने वाला इंसानों
01:55और मरने वाला बेजुबान मगर भौगता हुआ कुटा
01:59तो क्या इंसानों को इसकी कोई परवाह होगी
02:03कानून तो बाद में आता है
02:07अपने अपने दिलों पर हाथ रखकर
02:10जब तक आप इनसान और जानवरों के बीच के इस फर्क को समझने की कोशिश करें
02:15तब तक एक दूसरी तस्वीर भी दिखा देता हूँ
02:18ताकि जवाब देने से पहले आप सही जवाब का फैसरा कर सकें
02:22ये लखनों तो नहीं
02:35दिखाई कम देंगे
02:37लेकिन जो गिंती बताई जा रही है
02:39वो बाइस है
02:40इन सभी के सभी बाइस बंदरों को एक इनसान कोली से मारा है
02:48जाहर है इनसान और जानवरों के बीच कोई मुकाबला है ही नहीं
02:52क्योंकि इनसान तो इनसान ठहरा दिमाग वाला
02:55ऐसा और इतना ज्यादा दिमाग वाला
02:58कि कई बार तो खुद इनसानों को कहना पड़ा है
03:01कि इनसान से खतरनाक कोई जानवर ही नहीं
03:04पुराना वाला IPC और नया वाला BNS हमें ये बताता है
03:09कि इनसान की जान लेने की सजा मौत से लेकर उम्र कैद तक है
03:14लेकिन इनसानों का बनाया वही IPC या BNS
03:17जानवरों को गोली मारने पर अधिक्तम पांच साल की सजा देता है
03:23अब चुकि अधिक्तम सजा ही पांच साल है
03:26तो इसका मतलब ये हुआ
03:27कि ये एक जमानती अपराद है
03:29जानवर को गोली मारने के बाद गिरफतारी भी होती है
03:33तो थाने से ही जमानत मिल जाएगी
03:36खैर जब इनसान और जानवरों के बीच कोई मुकाबला ही नहीं
03:40तो फिर इस फर्क का क्या रोना
03:45बात 6 अक्तूबर की सुबा की है
03:48लखनव में एक शक्स अपनी मोटर साइकीर पर जा रहा था
03:51उसने नीली वर्दी पहन रखी थी
03:53शायद कोई सेकुरिटी काड रहा होगा
03:56तब इस सड़क पर दो कुत्ते दिखाई देते हैं
03:59बाइक सवार को देखकर वो भौकने लगते हैं
04:02वो अपनी बाइक रोकता है
04:03कंधे से राइफल उतारता है
04:05गोली लोड करता है
04:06पिर सामने की तरफ राइफल थानता है
04:15कुछ पल में अब दोनों कुत्ते कैमरे पर दिखाई देते हैं
04:20तब ही वो उनमें से एक कुत्ते का निशाना लेता है
04:22और कोली मार देता है
04:27कुत्ता वही गिर पड़ता है
04:29दूसरा कुत्ता अब दरा सहमा
04:31पहले कुछ देर देखता है
04:33और फिर कैमरे से बाहर निकल जाता है
04:37इत्फाक से उसी वक्त एक बुजर्ग अपने कुत्ते को जंजीर में जगडे
04:41शायद सुबा सुबा टहलने निकले थे
04:43उनका कुत्ता और खुद वो भी हैरानी से इस मंजर को देखते है
04:47पीछे महिला भी दिखाई देती है
04:50इस से पहले सामने की तरफ से एक शक्स भी आता हुआ दिखाई देता है
04:54वो भी कुछ पल के लिए सब कुछ देखता है और निकल जाता है
04:58कुछ देर बाद कुत्ते को गोली मारने वाला थे
05:02इत्मिनान से उसी बाइक पर बैट कर निकल जाता है
05:05अब सड़क के किनारे कुत्ता मुर्दा पड़ा है
05:09गाड़ियां गुजर रही है पर कोई उसकी सुद्ध लेने वाला नहीं
05:12जहां इंसानों की परवाह खत्म होती जा रहे है
05:16वहाँ एक जानवर की सुद्ध लेने की उमीद करना है
05:19शाहिद बेमानी है
05:29खना ताल का टोरा में एक घटना हुई है
05:31जिसमें एक व्यक्ति ने जो बाइक से जा रहा है
05:33स्टीट डॉक को बाइक उतर के फायर करके गोली मार दी
05:36जिससे कुट्टे की मौत हो गई
05:38कुट्टे का पोस्ट वांटम करा दिया गया है
05:39उस अध्याद व्यक्ति खिलाफ रफायर सुसंगत धारों पंजिकर दी गई है
05:44जो भी एडिंसे से वो करेक्ट के जा रहे है
05:47और उस व्यक्ति की पहचान करा जा रही है
06:02लेकिन समर्टा ऐसा लग रहा है जैसे सीक्यूर्टी गार्ड हो
06:05लखनों से दूर ये कचोड देने वाली तस्वीर
06:08छप्तिस गड़ के बेमेत्रा जिले की है
06:10यहां के किसान बंदरों से परेशान थे
06:13वो उनकी फसल बरबात कर देता
06:15फसलों को बचाने के लिए किसानों ने एक रखवार रखा
06:19रखवार यानि जो फसलों की रखवाली कर सके
06:22उस रखवार के पास एक बंदूग थी
06:25उसने बंदरों को भगाने का सबसे आसान रास्ता चुना
06:29अपनी बंदूप से वो एक एक कर बंदरों को निशाना बनाने लगा
06:33एक रोस कुछ लोगों की नजर खेतों में अलग लग जगों कर मुर्दा पड़े बंदरों पर पड़ी
06:39तब पता चला कि इस इलाके में कुल 22 बंदरों को गोली मारी गई है
06:44इलाके के ही एक शक्स ने इसका वीडियो बना है और सोशल मेरिया पर डाल दिया
06:49ग्राम देगाओं में दो किलो चावर के खातीर हमर गाओं में सिकारी लगवा है
06:55सिर्फ बेंदरा खेदारे बर ताकि कुखरो भी फसल नुकसान मत होगी के
06:59लेकिन उस सिकारी समझदारी होना चाहिए कि कोई भी बेजुबान जानवर भगवाय बर लगे हैं
07:06कोखरो जान ले बर नहीं लगे हैं
07:08जिसने वीडियो बनाया है उसके साथ हम लोग मौका इस थल पे गए
07:14जो जो जगह उसने संभावित बताया है वहां जाके हमने तहकीकात की अभी तक हमें दो बंदरों के डेड़ बॉडिस
07:25मिले लगवग कंकाल हैं
07:27आगे के उनके दैट कैसे हुई ऐसा वो प्यम औगेरा के बाद पता चल जाएगा और जिसने वीडियो बनाया है
07:38उसको पूछ ताज के लिए भी बुलाए है
07:40अब सच्चाई सामने आने के बाद जान शुरू हो गई है लेकिन आगे क्या होगा यह अभी से पता है
07:47जब इनसानों का मुकदमा ही परसों ले लेता है तो भला कुत्तों और बंदरों की आउकाद ही थे जान पर
07:56जो ठहरे
07:56बेमेत्रा से सूरच परकाश सिंग के साथ अंगित मिश्रा लखनव आज तक
08:07इन दिनों थेटर में फिल्म द्रिश्ण चल रही है बॉक्स आफिस पर ये फिल्म काफी अच्छा कारोबार कर रही है
08:14मगर इसी फिल्म को हत्यार बना कर एक बेटे ने अपने ही बाप के कतल की साज़िश रच दी
08:21उसने पूरी प्लानिंग बेहतरीन की थी लेकिन एक जगा चूप गया
08:36समस्तिपूर के दर्वा गाउं के लोगों के लिए 27 जुलाई की सुबह सक्ते में डालने वाली थी
08:40गाउं में रहने वाले रगुवीर सहनी का किसी ने उन्हीं के घर की देहलीज पर कतल कर दिया था
08:46कतल भी ऐसे वैसे नहीं बलकि कुलहाडी से काट कर
08:51कातिल ने जिस बेरहमी से रगुवीर के चेहरे गले और शरीर के दूसरे हिस्सों में वार किये थे
08:56उसके बाद शौ को देखना भी मुश्किल था
08:59पुलिस ने किसी तरह से लाश को अपने कबजे में लिया
09:02पोस्माटम के लिए भिजवाया और मामले की चानबीन शुरू कर दी
09:07मगर कई महने गुजरने के बावजूद
09:09पुलिस को इस मामले में कोई भी सुराग हाथ नहीं लगा
09:14पुलिस ने सबसे पहले रघुवीर के दोस्तों और दुश्मनों के बारे में जानकरी जुटाई
09:19ताकि कतल के मोटीव का पता चल सकी और मामले की जाँच आगे बढ़े
09:24लेकिन शुरुआ की तफ्पीश में पुलिस को ऐसा कोई भी कलू नहीं मिला जिस से मामले की जाँच आगे बढ़े
09:30हलनकी सीन आफ क्राइम के मुआइने के बाद पुलिस को शक था कि कतल की इस वारदाद के पीछे सहनी
09:37परिवार के ही किसी करीबी का हाथ है
09:40दरसल अफ़ल तो आधी रात को बिलकुल खामोशी से इस वारदाद को अंजाम दिया गया
09:45और किसी को कानो कान इसकी भनक नहीं रही दूसरा घर में किसी फोर्स्ट एंट्री के भी निशान नहीं थे
09:52जो इस बात की तरफ इशारा कर रहे थे कि शायद कातिल सहनी परिवार से और उनके घर से अच्छी
09:58तरह वाकिफ था
09:59लेकिन तमाम थियोरीज के बावजूर पुलिस को इस केस को सुलजाने का कोई पुखता सुराग नहीं मिल रहा था
10:08इस बीच कई महिने गुजर गए और पुलिस को एक अनूखी बात पता चली
10:12चानबीन के दौरान किसी ने पुलिस को बताया कि रगुवीर की हत्या हो गई
10:17लेकिन सूरत में रहने वाला उसका बेटा अपने पिता के श्राध तक में नहीं पहुँचा
10:23ये बात पुलिस को चौंकाने वाली लगी
10:25किसी बेटे को अपने पिता की मौत की खबर मिले और बेटा फिर भी घर का रुख न करे तो
10:32चौंकना लाजमी है
10:33ऐसे में पुलिस ने रगुवीर के बेटे शिवशंकर की एक्टिविटीज को स्कैन करना शुरू किया
10:39खास कर कतल वाले दिन शिवशंकर की मौजूदगी के बिंदू पर पुलिस ने जाँच आगे बढ़ाई था
10:45हैरान कुन तरीके से पुलिस ने ये देखा कि वारदात से पहले यानि 26 जुलाई की शाम को ही
10:51रगुवीर के बेटे शिवशंकर का फोन आफ हो चुका था
10:55लेकिन उसने अपने इसी फोन से वारदात की रात एक बार अपनी पत्नी से बात की थी
11:01पुलिस ने जब शिवशंकर के मौबाईल फोन की CDR यानि कॉल डिटेल रिकॉर्ड निकलवाई
11:06तो जो जानकारी सामने आई उसने पुलिस को भी चौका दिया
11:10जो बेटा अपने पिता के शाध में गुजराद से बिहार नहीं आ सका
11:14वही बेटा कतल वाली रात को समस्तिपूर में मौजूद था
11:22और यह अपने आप में एक शक पैदा करने वाली बात थी
11:25इसके बाद पुलिस ने शिवशंकर को हिरासत में लेने का फैसला किया
11:31और आखिरकार उसे सूरत से दबोच लिया
11:34शुरू में तो उसने अपने पिता के कतल की साधिश से खुद को बेखबर बताया
11:39लेकिन जब मॉबाइल फोन की लोकेशन के हवाले से उससे पूछताच की गई
11:43तो वो तूट गया और उसने न सिर्फ अपने पिता रगुवीर सहनी के कतल की बात कबूल कर भी
11:49बलकि कतल के पीछे जो कहानी सुनाई वो भी चौकाने वाली निखी
11:5526-27 जुलाई की रात्री में दर्वा निवासी रगुवीर सहनी की हत्या हुई थी
12:05पुलिस को जैसे सुचना मिली ततकाल पुलिस वहाँ पोहँची
12:09बाद में पताचला की इनके पुत्र सुशंकर सहनी के द्वारा टांगी से काट कर इनकी निर्मम हत्या किया गया है
12:22कांड़ दर्जकर अनुसंधान किया जा रहा था इस अंदर में पुलिस अधिक्षक महोदे द्वारा एक साइटी के गठन किया गया
12:29था
12:31और जिसमें साइटी में अपको इसे चो खलाई तथा उनके पी थाने के पदा अधिकारी सब इस्पेक्टर है नितिन कुमार
12:43को सामिल दिया गया था
12:46तकनिकी अनुसंधान के करम में पता चला कि ये सूरत में रह रहे हैं अपना जो उसमें मोबाइल वगर था
12:56हैं इसके पास हमीं मोबाइल को बंद कर लिये थे
13:08बाद में पुछताच में पुलिस को बताया कि वो काफी दिनों से अपने पिता की जान लेना चाहता था
13:14और पकड़े जाने से बचने के लिए पहले उसने दिर्शम फिल्म देखी थी
13:19फिर पूरी प्लानिंग से सूरत से सफर पूरा कर अपने गाउं समस्तिपुर के दर्वा पहुंचा
13:25वो सूरत से ट्रेन से पहले पटना और पिर वैशाली आया
13:29वहां से हाजी पूर होते हुए पळ्टोरी स्टेशन तक पहुंचा
13:32और फिर आटो से जोरपुरा पहुँचकर चार किलोमेटर की दूरी पैदल ही तैकी ताकि किसी को उसके गाउं में होने
13:40की भनकी न लगे
13:41इसके बाद वो रात के अंधेरे में चुपके से घर में दाखिल हुआ
13:46और फिर कुलाडी से पिता की हत्या कर रातों राग गाउं से फरार हो गया
14:16घर पहुँचे तो पीछे का दर्वाजा आगे के दर्वाजा पर इनके पिताजी सोय हुए थे जो कि मुख्य दर्वाजा का
14:21गेट बंद था तीछे का दर्वाजा खुला हुआ था उस दर्वाजे से इंटर किये उसमें
14:26और कुछ बने हट्या करने की नियत से कुछ अपना देखेगी किस से हट्या किया जा सकता है तो इनको
14:34टंगारी जो है नजर आया उसको ले करके तीछे आये पीशे से आये और इनके पिता सुए हुए थे सुए
14:42अवस्ता में काफी तीन-चार टंगारी जो है उसके प्रहार की �
14:46उन पर जिससे घटना स्थल पर ही उनकी तुच्छन मिलतू हो गई और ये तंगारी फेक करके वहां से राता
14:54राती जो है अपना मोवाईल बंद किये हुए ही थे चले गए आपको लगुनिया स्टेशन लगुनिया स्टेशन होते हुए अपना
15:01ये जो है निकल गए फिर सू
15:15इसके बाद जब पुलिस ने आरूपी से पूछताच की तो उसने बताया कि उसके पिता अक्सर उसे और उसकी पतनी
15:22के साथ गाली गलोज किया करते थे उनका व्यवहार काफी आपत्ती जनक था उपर से जमीन जायदाग को लेकर भी
15:29उसकी अपने पिता के साथ अन्बन चल �
15:32रही थी जिसके घुसे में आकर उसने आखिरकार अपने पिता की हत्या करते कटल के बारे में किसी को पता
15:38न चले इसलिए उसने अपना मोबाइल फोन समस्तिपूर आने से पहले ही स्विश्ट आफ कर लिया था लेकिन पीच में
15:45एक बार उसने उसी फोन से अपनी पत्मी से �
15:49बाद कर और ये उसकी एक बड़ी गल्ती साबिक है इसमें इन से पुष्टाश किया गया पुष्टाश करने के करम
15:59में इनके द्वारा अपने स्विकार रुक्ती वियान में वताया गया कि इनके पीता से हमेशा जगड़ा होते रहते था और
16:08वो काफी भदी-भदी गालिया
16:10देते रहते थे इनको चाहिए इनकी पत्नी को भी उसी गुष्टे में इनके द्वारा ये कदम उठाया गया था फिलहल
16:17पुलिस ने शिवशंकर को तो गिरफतार कर लिया लेकिन इस मामले में उसकी पत्नी का रोल अभी सामने नहीं आ
16:23है यह और बात है कि मक्तूल रगुव
16:38पत्नी के द्वारा कांड दच कराया गया था उसमें अपने बेटा शिवशंकर सहनी तथा बहु के नामजद प्रात्मी के व्युक्त
16:48बनाया गया था गटना के समय में इनकी बहु जो है यानि शिवशंकर सहनी की पत्नी जो है अपने माइके
16:56में थी अनुसंधान के करमें उ
17:08पुलिस ने एक बेटे के हाथों पिता के कतल की इस वार्दाद को तो सुलजा लिया
17:12लेकिन दृष्षम फिल्म देखकर जिस तरह से एक बेटे ने अपने पिता के कतल की साधिश रची
17:18और सबूत मिटा कर पुलिस को गुम्रह करने की कोशिश की उसकी चर्चा हर तरफ है
17:25जहांगीर आलम समस्तिफो आज़ता