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  • 7 hours ago
नॉर्वे की नोबेल समिति ने वर्ष 2026 के प्रतिष्ठित नोबेल शांति पुरस्कार की घोषणा कर दी है। यह सम्मान भारतवंशी (भारतीय तमिल मूल की) और दक्षिण अफ्रीकी कानूनी दिग्गज नवनीतम 'नवी' पिल्लै को अंतरराष्ट्रीय कानून को बढ़ावा देने, मानवाधिकारों की रक्षा और शांति स्थापना में उनके असाधारण योगदान के लिए दिया गया है.दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद (Apartheid) के दौर में पली-बढ़ीं नवी पिल्लै ने नेल्सन मंडेला जैसे नेताओं के साथ रंगभेद के खिलाफ लड़ाई लड़ी. वे रवांडा नरसंहार न्यायाधिकरण (ICTR) की अध्यक्ष और संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार उच्चायुक्त (UN High Commissioner for Human Rights) जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुकी हैं.

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00:04नौर्वे की नोबल समीदी ने 2026 का शांती पुरुसकार भारतवंची नवनीतम नवी पिल्ले को देने का एलान किया है।
00:46नवी पिल्ले इस न्याय धिकरण में न्याय धीश न्यूक्त हुई।
00:51उन्होंने 1999-2003 तक इसकी अधक्ष के रूप में काम किया।
00:56वही 2008-2014 तक उन्होंने सयोक्त राश्र के मानवाधिकार उचायोक्त के रूप में भी काम किया।
01:03नवनीतम नवी पिल्ले नटाल प्रांत में वकालत करने वाली पहली महिला और दक्षिर अफ्रीका के हाई कोर्ट में जज़ बनने
01:10वाली पहली अश्वेत महिला बनी।
01:13नवनीतम नवी पिल्ले का काम, मानवाधिकारों, लैंगिक सम्मानता और अंतराश्रीय नाय के शित्र में उनके लंबे योगदान को दर्शाता है।

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