00:00अभी वक्त है मेहनत कर लो जिंदगी को अपनी बना लो तब मेहनत करनी रहे गुलाम पैदा होते हो सब
00:09और गुलामी की जिंदगी के लिए ही पैदा होते हो
00:11सुतंत्र जीवन बहुत बहुत मेहनत से पाया जाता है
00:16बहुत मेहनत से
00:18और विशेशकर भारत में हो और लड़की हो
00:22और अगर मेहनत नहीं है जीवन में तो यह तो पक्का यह की गुलामी होगी
00:26सबसे दुख़द हालत उनकी है
00:29जिनके जीवने मेहनत कहीं नहीं पर उनको फिर भी लगता है
00:33कि हम तो आजाद है भाईस hat, तंतरता आजादी
00:35ये महनत मांगते है
00:37इसका मतलब क्या हुआ अगर महनत नहीं है तो
00:39साज बात है गुलामी ही होगी
00:41पर कईयों का बड़ा तुर्रा रहता है
00:44वो कहते हैं नहीं महनत वहनत तो हम कुछ नहीं करते लेकिन आजाद है
00:47इसके सर पे तलवार लटक रही हो
00:50इसको भुत आश, आराम, नींद और शुमा नहीं देते