00:00बाबा जी लोग सांप लेके खुनते हैं अपने आश्रमों में डरा के रखते हैं लोगों को कि गड़बड मत करना
00:05नहीं तो खिड़की से उड़ता हुआ सांप भेजूँगा और तुमको इंटर कॉंटिनेंटल बैलिस्टिक रेप्टाइल करोगे क्या तुम लंबी चोड़
00:29में यह जो सांप होता है इसको गड़बड का प्रतीक माना गया है अब रज्युसर्प का दृष्टान चलता है विदान्त
00:38में अंधेरे में रसी भी सांप जैसी लगती है सांपों की कुछ दूचार प्रतिशत प्रजातियां होती हैं मुश्कल से जहरीली
00:45होती हैं लेकिन स�
00:56सांप इसलिए जूट के एहंकार के भर्म के प्रतीक के तौर पिले जाता है इतना बड़ा नाम हो गया सांपका
01:04वो नाम तभी तक तो है जब तक यह समझा नहीं गया तो यह क्यों समझे अपने आपको क्यों अपनी
01:11दुरगति कराए क्यों अपना अवमुल्यन कराए इसलि�
01:18को समझ जाएगा उसी कीमत दो कोड़ी के नहीं बचेगी