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  • 16 minutes ago
गयाजी में पिंडदान के साथ ही 'एक पेड़ पूर्वजों के नाम' लगाकर डिजिटल माध्यम से सदैव जुड़ाव की अनोखी पहल की गई. रिपोर्ट- रत्नेश कुमार

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00:09पूर्वजों के नाम अभियान के शुरुवात की गई है जो भी शर्धालू अपने पूर्वजों की याद में पौधा लगाना चाहते
00:27हैं
00:27विगान्धी मैदान टेंट सीटी के विशेश शिविर में जाकर रेजिस्ट्रेशन करा सकते हैं
00:33कई पिंडदानियों ने अपने पूर्वजों के नाम के पौधे लगाए
00:57करने को आए चार दिन से है अच्छा दिखा पिंडदान करने को आए थे और अच्छा दिखा यहां बेर पौधे
01:06लगारे बोले तो और वे अच्छा दिखा हम लोगां पेड़ पौधा लगाने को आए
01:27अब एक पीपल का पेर अगर ही लगाते हैं इनका ध्यान रहेगा कि हमारे पौरवज पीपल के पेर की रूप
01:32में गया में हैं तो इतने दीन तक वो गया से जुड़े रहेंगे पीपल के पेर की आयू सौ बरस
01:37दो सो बरस होती है बहुत होती है तो हमारा उक्सीजन तो दे�
01:55करने आ रहे हैं तो दूसरी और पित्री वाटका में एक पेर प्रवजों के नाम पर भी लगा रहे हैं
02:02उनके लिए शुकत अनुभूती का एकसास करने वाला है और इसे लेकर वे काफी भावग भी हो जाते हैं सब्सक्राइब
02:09बात यह है कि वे अपने पेर जो पेर लगाए
02:19सब्सक्राइब कराई जाएं उनका सारा डॉक्मेंट रखा जा रहा है गया जी से इत्री वाटक लिए रतने शुकमार

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