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  • 19 minutes ago
रांची के अल्बर्ट एक्का चौक स्थित दुर्गा बाड़ी में 1883 से परंपरा के तहत दुर्गा पूजा मनाते आ रहे हैं. चंदन भट्टाचार्य की रिपोर्ट.

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Transcript
00:00राची की अलबटिक का चौक के समीपिस्ति दुर्गाबाडी में दुर्गापुजा की परंपरा बर्सो पुरानी है।
00:44राची की दुर्गाबाडी उन इस्थानों में शामिल है जहां आज भी बंगला पद्धती से पारंपरिक पुजा और धार्मिक अनुस्ठान किये
00:56जाते हैं।
01:00सोष्टी तित्ती में कलस्थापन भी होते हैं।
01:04और साम को आमंतन अभिवास और बधन भी होते हैं विल्लबिक से।
01:10उसके बाद कब तक क्या है, सिंदूर खेला कब है, क्या पुरानुस्ठान क्या रहेगा।
01:15तो हमारा सोलो तारिक में सुष्टी है। ऐसी दिन हमारा कलस्थापन भी होते हैं।
01:22सब्तमी से जनावपत्ति का नहान के बाद पुजा भी चालू हो जाते हैं।
01:28एच साल भी दो दीन सब्तमी परते हैं। एच साल 17-18 and 19 तारिक को महाश्टमी पुजा, कुमारी पुजा
01:39और संदी पुजा।
01:41ठीक है?喜欢 19 तारिक क्यूंस तारिक को महारा पुजा भी होते है।
02:16Thank you very much.
02:45।

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