00:00सुप्रीम कोट का बड़ा दखल
00:03दिल्ली से बैरिकेडिंग हटाने की निर्देश
00:07इंटरनेट और आम आवाचाही पर कोट सख्त
00:10दिल्ली में कौकरोज जनता पाटी के प्रदर्शन के दोरान
00:14मेट्रो ट्रेन सेवाएं बंद करने, इंटरनेट बाधित करने
00:17और लोगों को हिरासत में लेने से जुड़ी याचिकाओं पर
00:20रविवार को सुप्रीम कोट की स्पेशल बेंच ने सुनवाई की
00:24कोट ने कहा कि मेट्रो सेवाएं सामानी रूप से चलनी चाहिए
00:27इंटरनेट बाधित नहीं होना चाहिए
00:29और लोगों की आवाजाही नहीं रोकी जानी चाहिए
00:32याचिका करताओं ने आरोप लगाया कि 9 अक्टूबर को सुप्रीम कोट ने केंदर को निर्देश दिया था
00:38कि प्रदर्शन के कारण दिल्ली आने वाली मेट्रो और ट्रेनों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक ना लगाई जाए
00:44इसके बावजूद शनिवार को कोट के आदेश का उलंगन हुआ
00:48इस पर कोट ने दिल्ली के अधिकारियों को नोटिस जारी कर मंगलवार तक जवाब मांगा
00:52कोट ने पूछा कि उसके आदेश की अवहेलना के लिए अधिकारियों के खिलाव अवमानना की कारवाई क्यों न की जाए
00:5910 अक्टूबर को राजधानी में प्रदर्शन रोकने के लिए सुरक्षा विवस्था कड़ी की गई
01:04कई मेट्रो स्टेशनों पर प्रवेश और निकास बंद किये गए
01:07कुछ रेल सेवाओं पर असर पड़ा और चुनिंदा इलाकों में मोबाइल इंटरनेट पर पाबंदी लगाई गई
01:12प्रदर्शन कारियों और नेताओं को हिरासत में लिये जाने के मामले भी सामने आए
01:17अब 11 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने इस पूरे घटना क्रम से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए
01:23आम लोगों की आवाजाही और जरूरी सेवाओं को सामान्य रखने पर जोर दिया है
01:27अधालत ने अनावश्चक बैरिकेडिंग हटाने और इंटरनेट सेवाओं को बंद नहीं रखने से जुड़े निर्देश दिये है
01:35मेट्रो और ट्रेने सामान्य रूप से चलें
01:37कानून विवस्था बिगड़ने पर ही जरूरी पाबंदियां लगाई जाए
01:42शहर में लोगों का आना जाना कानून और ट्राफिक नियमों के मुताबिक जारी रहे
01:48बैरिकेड लगाने के फैसले की कानून विवस्था और ट्राफिक की स्थिती को देखते हुए तुरंत समीक्षा की जाए
01:55इंटरनेट सेवाए बंद ना की जाए
01:57हालांकि आईटी एक्ट के तहट सरकार के अधिकार बने रहेंगे
02:02धारा 163 के प्रतिबंध वाले इलाके से बाहर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे निहत्वे लोगों को हिरासत में ना लिया जाए
02:10तो सुप्रीम कोट एडवेकेट और रेकॉर्ड असोसीएशन स्कोरा ने हमने एक रिट पेडिशन फाइल करी थी आज
02:16जिस तरह से वकीलों के साथ दुर वेवार हुआ
02:20कल यहाँ कोट के आसपास जिस तरह से बैरिकेड लगाए गए
02:24धारा 163 और BNSS लगाया गया जिसकी सूचना हमें नहीं दी गई
02:29लोगों को काड़ियों से रोड से चेंबरों से उठा लिया गया
02:33यहाँ पे इंटरनेट जिस तरह से शटडाउन किया गया हमें बोला गया था कि यहाँ पे
02:38वर्चुल हीरिंग होगी लेकिन वर्चुल हीरिंग के जगह इन्होंने क्या किया कि विंटरनेट ही शटडाउन कर दिया तो ना वर्चुल
02:44हुई और जब वकील लोग कोट जा रहे थे उनको रास्तित उठा लिया गया
02:48और बोला कि यहाँ 163 है 163 की सुचना जैसे मैंने बताया ना बार को दी गई ना बेंचनिक बताया
02:54गया
02:54तो यह सब इस तरह का क्लैम डाउन सुप्रीम कोट के या और आसपा दिली आए कोट है और पतियाला
03:01आउस है राउसेवनू कोट है यह बहुत गलत था इसके बाबत हमने वकीलों के सुरक्षा के लिए परिशन डाली थी
03:07कोट में और उसमें हमें बहुत अच्छा ओर्डर मि
03:23ताकि धारा 163 लागू होने की जानकारी देने वाला बोर्ड भी हटाने का निर्देश दिया इस धारा के तहट पांच
03:30या उससे अधिक लोगों के कत्र होने पर प्रतिबंद लगाया जा सकता है बेंच ने कहा कि बोर्ड हटाया जाए
03:36ताकि नागरिकों और वकीलों को न्य
03:52निशे धाग्या लागू थी हलांकि सॉलिसिटर जनरल तुशार महता ने इन आरोपों का विरोध किया उन्होंने कहा कि दिल्ली मेट्रो
03:59सामाने रूप से चल रही थी लेकिन 303 में से 45 स्टेशनों के कुछ प्रवेश और एंट्री और एक्जिट पर
04:06पाबंदी लगाई ग�
04:08कि शनिवार राद 10 बजे तक सभी मेट्रो स्टेशनों के गेट खोल दिये गए थे और इंटरनेट सेवा भी बहाल
04:14कर दी गए थी
04:15सुनवाई के दौरान वरिष्ट वकील कपिल सिब्बल ने हिरासत और धारा 163 निशेधाग्या लगाय जाने के आदेश को चुनाती देते
04:22हुए कहा कि पुलिस लोगों को ट्रेनों से उतार कर हिरासत में ले रही है
04:26उन्होंने इंटरनेट सेवाओं के निलंबन पर भी सवाल उठाए और अनुराधा भसीन मामले के पुराने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का
04:33हवाला दिया
04:42कुछ भी करेंगे रही है
05:04इतना ही कहेंगे जो सुप्रीम कोट ने आज ओर्डर दिया है उससे उससे हम आश्वस्त हैं हम सुप्रीम को धन्यवाद
05:12करते हैं कि लोगों की जो समस्यां हैं कोट में उनका चैन किया और लोगों को विश्वास हो गया है
05:25से सुप्रीम कोट ही ऐसी कोट है जहां लोगों को र
05:34दर्शन से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद अब दिल्ली में आवा जाही और सेवाओं की स्थिती
05:39पर नजर रहेगी, अदालत में आगे होने वाली सुनवाई और प्रशासन की कारवाई इस मामले में एहम होगी। फिलहाल के
05:46लिए बस इतना ही
05:47बाकी अपडेट के लिए बने रहिए One India Hindi के साथ।