Skip to playerSkip to main content
  • 1 week ago
दिल्ली के ऐतिहासिक जंतर-मंतर को अब आधिकारिक रूप से निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटा दिया गया है, जिसका मतलब है कि वहां भविष्य में धरने और प्रदर्शन नहीं हो सकेंगे. गृह मंत्रालय द्वारा गठित एक उच्च-स्तरीय कमेटी की सिफारिशों के आधार पर सरकार ने रामलीला मैदान, बुराड़ी ग्राउंड और पूर्वी दिल्ली के सीबीडी ग्राउंड को विरोध प्रदर्शनों के लिए नए वैकल्पिक स्थल के रूप में तय किया है. प्रशासन द्वारा इन नए स्थानों पर धरने-प्रदर्शन आयोजित करने के लिए संशोधित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जल्द ही अलग से जारी की जाएगी. गौरतलब है कि 1993 में बोट क्लब पर प्रतिबंध लगने के बाद से जंतर-मंतर राजनीतिक और सामाजिक आंदोलनों का मुख्य केंद्र बना हुआ था, लेकिन अब सुरक्षा और व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए नियमों में यह बड़ा बदलाव किया गया है.

Category

🗞
News
Transcript
00:02दिली के जंतर मंतर पर अब प्रदर्शन नहीं हो सकेंगे केंद्र सरकार ने इसे निर्धरत प्रदर्शन स्थल की लिस्ट से
00:09हटा दिया है
00:10ग्रह मंतराले की ओर से एक कमीटी गठित की गई थी इसकी सिफारिश के आधार पर दिली का राम लीला
00:17मैदान, बुराडी ग्राउंड और पूर्वी दिली का CBD ग्राउंड प्रदर्शन स्थल बनाए गए है
00:23कौकरु जंता पार्टी ने CEC ग्यानेश कुमार के स्तीफे और ऐसा यार पर रोक की मांग को लेकर सोमवार को
00:30जंतर मंतर पर प्रदर्शन की परमिशन मांगी थी
00:33पुलिस ने परमिशन देने से इनकार कर दिया है
00:36ग्रह मंतराले ने विरोध प्रदर्शन और धर्ना आयोजित करने के लिए वेकलपिक स्थानों की पहचान करने के उदेश से एक
00:44कमीटी बनाई थी
00:45समीती की सिफारिश के बाद इन तीनों स्थानों को प्रदर्शन के लिए निर्धारित किया गया है
00:51रामलीला मैदान, बुराडी ग्राउन और सीबीडी ग्राउन में धर्ना प्रदर्शन आयोजित करने की प्रक्रिया और नियमों को लेकर संशोधित मानक
01:01संचालन प्रक्रिया अलग से जारी की जाएगी
01:04फिलहाल आदेश में इन दिशा निर्देशों का विस्तरित विवरन नहीं दिया गया है
01:09जंतर मंतर पर प्रोटेस्ट करना 1993 से शुरू हुए थे
01:13इससे पहले बड़े प्रदर्शन संसप के पास बोट क्लब पर होते थे
01:17बाद में वहां प्रदर्शन पर रोक लगाई गई
01:19तो जंतर मंतर पर धरने होने लगे
01:231988 में बोट क्लब पर बड़ा किसान अंदूलन हुआ था
01:27किसान नेता, महींद्र सिंग, टिकैत के नित्रतव में बड़ी संख्या में किसान दिल्ली पहुचे थे
01:33जिसके बाद बोट क्लब पर भीड जुटने को लेकर सकती बढ़ाई गई
01:371993 में बोट क्लब पर प्रदर्शन करने पर रोक लगा दी गई
01:41जिसके बाद जंतर पंतर पर धरने और प्रदर्शन होने लगे
01:45अब इसे भी प्रदर्शन स्थल की लिस्ट से हटा दिया गया है
01:49सीजेपी ने 20 जून से 25 जुलाई तक नीट पेपर लीक के मुद्ध पर धर्मेंत प्रदान के स्तीफे के लिए
01:56प्रदर्शन किया था
01:5736 दिन चले इस प्रदर्शन के दोरान आक्टिविस्ट सोनम वांग्चुक भी भूख हड़ताल पर बैठे थे
02:0325 जुलाई को प्रदान के स्तीफे के बाद प्रदर्शन खत्म हो गया था

Recommended