00:02दोहजर चब्विस का एकोनोमिक्स का नोबल पुरुसकार अमेरिकी अर्धशास्त्रियों रॉबर्टी हॉल और माइकल वुटफोर्ट को मिला है।
00:30अंदी और महेंगाई जैसी समस्याओं से निपटने के लिए बहतर नीतियां बनाने में मदद मिलती है।
01:00अंदी कमपनियों को अपना उत्पादन कम करना पड़ सकता है। इससे नई भरतियां रुख सकती हैं और कुछ करमचारियों की
01:07नौकरी भी जा सकती है।
01:09अर्ध शास्त्री जौन मेनार्ड किन्स ने करीब 100 साल पहले बताया था कि अर्थ विवस्था में मांग कम होने पर
01:16सरकार खर्च बढ़ा कर हालात सुधारने में मदद कर सकती है।
01:21इससे कारोबार को सहारा मिलता है और रोजगार के मौके बढ़ सकते हैं।
01:26रॉबर्ट हॉल की रिसर्च ने इस बात को समझने में मदद की कि परिवार अपनी कमाई और भविशे की उम्मीदों
01:35के आधार पर खर्च तै करते हैं।
01:37अगर लोगों को लगता है कि आगे उनकी आमदनी घट सकती है तो वो आज ही खर्च कम कर सकते
01:43हैं।
01:44जब बहुत से परिवार ऐसा करते हैं तो इसका असर पूरी अर्थ विवस्था पर पड़ता है।
01:50महेंगाई सिर्फ लोगों के ज़ादा खर्च करने से नहीं बढ़ती। कमपनियों के फैसले और भविशे को लेकर उनकी उम्मीदे भी
01:57इसके पीछे एहम भूमी का निभाती है।
01:59माइकल वुटफॉर्ट के आर्थिक मॉडल बताते हैं कि कमपनियों की कीमत तैक करने के फैसले और भविशे को लेकर उनकी
02:07उम्मीदे महेंगाई को कैसे प्रभावित करती हैं।
02:11इससे केंद्रिय बैंकों को ये समझने में मदद मिलती है कि ब्याज दरों में बदलाव का कीमतों पर क्या असर
02:18पड़ सकता है।