00:00। भारत के प्रति उनका प्रेम। वैस्विक मंचों पर भारत के प्रति उनकी भावनाएं हमेशा बहुती सकारत्मक उर्जा देने वाली
00:15रही है।
00:16और इसके लिए मैं स्रिमान आपका रदे से बहुत-बहुत आभार व्यक्ते करता हूं।
00:29हर साल ये फॉरम दुनिया के बहतरीन मैंड्स को एक साथ लाता है।
00:41यहां इकनामी पर चर्चा होती है, टेकनोलोजी, एनरजी और ग्लोबल एफेर्स पर विमर्ष होता है।
00:55और इस बार पहली बार यह आयोजन भारत में हो रहा है।
01:04मैं मेस्टर ब्लूमबर्ग और उनकी पूरी टीम को इस निर्णे के लिए बहुत बहुत बधाई देता हूं।
01:13आपने सही समय पर सही जगे चुना है।
01:28प्रेंट इस साल ब्लूमबर्ग एकनोमिक फोरम की थीम दुनिया में उभरती नई पावर्स पर केंद्रित है।
01:43हर यूग में पावर के अपने स्रोत रहे हैं। अपनी परिभाशा रही है।
01:56लेकिन 21 सदी में खासकरी तीसरे दसक में एक बड़ा बडलाव हो रहा है।
02:07Today, technology is power, data is power, knowledge is power, innovation is power।
02:23लेकिन साथियों असली सवाल यह नहीं है कि power किसके पास है।
02:33बलकि सवाल यह है कि इसका यूज कैसे हो रहा है।
02:41क्या technology सिर्फ कुछ लोगों को आगे बढ़ाएगी।
02:48या करोडों लोगों के लिए नए अवसर बढ़ाएगी।
02:54क्या knowledge केवल कुछ लोगों की ताकत बनी रहेगी।
03:00या सबकी ख्रमता बढ़ाएगी। यहीं से एक नया विचार जन्म लेता है।
03:13और यह विचार है power to empower, power to empower।
03:25power to control से आगे, power to enable, power to compete से आगे, power to collaborate, power to succeed से
03:44आगे, power to help others succeed।
03:50और इसलिए, आज मैं यहाँ जिस वीजन के साथ आया हूँ, वो है power to empower।
04:03साथ क्यों, यह विचार भारत के लिए नया नहीं है।
04:08हमारी यहाँ कहा गया है, विद्या विवादाय, धनम मदाय, शक्ति ही परेशा, परी पीडनाय खलस्य सादो, विर्पृतम एतत, ज्ञानाय दानाय
04:31चरक्षनाय।
04:32इसका भाव यही है कि ज्ञान, धन और शक्ति जिसके पास भी हो, वो इनको यूज कैसे करता है, यह
04:49महत्वपून है।
04:51यानि पावर का असली मुल्य उसके परपज में है, और इसी सोच को आज के दोर में समझना बहुत जरूरी
05:05है।
05:07साथ यह पावर टू एमपावर करने वाला जो यह मानविय भाव है, यह सिर्फ दूसरों को उपदेश देने के लिए
05:17नहीं है।
05:18यह हजारों वर्षों की हमारी परंपरा ने हमें सिखाया है।
05:24और भारत में हमने इसे अपनी गवनेंस में, अपनी कारेसंत संस्कृति में लागू करके दिखाया है।
05:36इसलिए मैं भारत के उदारणों से ही अपनी बात को आगे बढ़ाऊंगा।
05:44साथ कि आप सभी जानते हैं, भारत मदर अब डेमोक्रेसी है।
05:52भारत में हंड्रेट से उपर भाशाएं हैं।
05:58करीब 80,000 रजिस्टर्ड न्यूजपेपर और पब्लिकेशन्स हैं।
06:06एक हजार से जादा सेटलाइट टीवी चैनल्स हैं।
06:13और इतना ही नहीं।
06:15सोशल मिडिया के इस दौर में भारत में
06:20500,000,000 से अधीक यूट्यूब यूजर्स हैं।
06:27500,000,000 से जादा इंस्टाग्राम यूजर्स हैं।
06:33हमारे हाँ अलग-अलग मुद्धों पर खुल कर बहस होती है।
06:42अलग-अलग दर्श्टिकों पर जनता चर्चा करती है।
06:48और वर्तमान समय में इसमें जिसने एक बड़ी भूमी का निभाई है वो है डिजिटल पावर।
06:59साथ यों 12-13 साल पहले तक भारत में एक समय वो भी था।
07:06जब मोबाईल और इंटरनेट तक पहुझ भी अपने आप में शक्ति हुआ करती थी।
07:15जिसके पास एक्सेस था उसके पास इंफर्मेशन थी।
07:21नौलेज थी। ऑपर्चुनिटीज थी।
07:262014 के बाद जब भारत में नई सरकार बनी।
07:33हमें सेवा करने का आउसर मिला तो भारत ने मोबाईल डेटा को
07:40एफ़र्डेबल बनाने पर जोर दिया।
07:45इसी का नतीजा है कि आज एक छोटे शहर का विद्यार्थी भी
07:52डिजिटल लर्निंग से जुर सकता है।
07:57किसी गाउं में एक छोटा दुकानदार भी नए कस्टमर्स तक पहुँच सकता है।
08:04एक युवा भी ओनलाइन नए कोर्से जाइन कर सकता है।
08:11यानि भारत में कनेक्टिविटी ने सिर्फ लोगों को कनेक नहीं किया।
08:18उसने आउपर्चुनिटीज को भी कनेक किया है।
08:23यही यही पावर टू एम पावर है।
08:30साथ क्यों आपने से जो अतिती विदेश से आए हैं।
08:35उन्हें मैं कहूंगा कि आप भारत के डिजिटल पेमेंट्स एकोसिस्टिम को भी आजमा कर देखिए।
08:44हमार यहां एक स्ट्रीट वेंडर और एक बड़े कार शोरूम का कारोबार अलग-अलग है।
08:54उनका स्केल अलग है।
08:56लेकिन भारत में यह दोनों डिजिटल पेमेंट्स के एक ही इकोसिस्टिम का इस्तमाल कर रहे हैं।
09:06यही इंक्लूजीव टेकनोलोजी की ताकत है। सात्यों भारत का जो भी सामर्थ है।
09:14उसे हम अपने घर में ही रखने के समर्थ तक नहीं है।
09:21उसे हम ग्लोबल साउथ के साथ अन्य पार्टनर कंट्रीज के साथ निरंतर साजा करते हैं।
09:33डिजीटल पब्लिक इंफ्रासक्तिर के अनुभव को हम दूसरे देशों से शेर कर रहे हैं।
09:42ताकि वे अपनी जरुतों के अनुसार अपने डिजीटल सिस्टिम्स विक्सित कर सके।
09:52हमने कोविड के समय भी कोविन प्लेटफर्म बनाया था जो ओपन सोर्स था।
10:01यानि हमारे ये निरंतर प्रयास है कि भारत की केपबिलिटी दूसरे देश के लिए भी पॉसिबिलिटी के नए दरवाजे खोले।
10:14यानि हमारा सामर्थ मानवता को एमपावर करें।
10:21चाथियों, इनोवेशन की पावर भी ऐसी ही है, एक आइडिया को प्रोडक्ट में बदलना, एक प्रॉब्लेम को सॉलूशन में बदलना,
10:35ये अपने आप में बड़ी छमता है।
10:38लेकिन जब यह अवसर समात के अधिक से अधिक लोगों को मिलता है, तो शक्ती का संतुलन बनता है।
10:48और इसका प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है।
10:53भारत के स्टार्ट अप जर्नी इसी बदलाव का उधारन है।
10:59वर्स 2014 से पहले भारत में कुछ सो स्टार्ट अप ही हुआ करते थे।
11:10अब देश में इनकी संख्या धाई लाग से अधिक हो गई है।
11:16करीब आधे स्टार्ट अप छोटे शहरों और कस्मों से आते हैं।
11:2345% से अधिक स्टार्ट अप में कम से कम एक महला डिरेक्टर या पार्टनर है।
11:33यानि इनोवेशन के अवसर अधिक लोगों तक पहुँच रहे हैं।
11:42नई प्रतिभाएं सामने आ रही हैं।
11:46नए सॉलुशन्स बन रहे हैं।
11:49साथियों, पावर के परपज पर जो फोकस है।
11:55यही सोच गवर्नांस में भी जरूरी है।
12:01सरकार के पास अथोरिटी है।
12:05लेकिन इसका उदेश यह नहीं होना चाहिए।
12:08कि देश का नागरिक सिस्टिम पर ही निर्भरत हो जाए।
12:13बलकि इसका मक्सद यह होना चाहिए।
12:17कि देश के नागरिक सक्षम हो, ससक्त हो।
12:21और भारत इसी रास्ते पर चल रहा है।
12:27इसी रास्ते पर चलते हुए भारत ने बिते एक दसक में
12:32पचीस करोर लोगों को दुनिया के कई देशों की आबादी से भी ज्यादा।
12:41पचीस करोर लोगों को गरीबी से बाहर निकाला है।
12:47साथियों, आपने जैम, ट्रिनिटी और डारेक बेनिफिट ट्रांसफर के बारे में भी सुना होगा।
12:58हम टेकनोलोजी का इस्तमाल करते हुए हमने बेनिफिशेरीज के बैंक अकाउंट तक सरकारी मदद सीधे पहुचाने की व्यवस्ता बनाई है।
13:11इससे करप्शन कम हुआ है, देश के नागरिक की सुविधा बड़ी है, गवर्मेंट और सिटिजन के बीच सीधा रास्ता बना
13:23है।
13:24साथियों, पावर टु एमपावर की यही सोच भारत की ग्लोबल एंगेजमेंट में भी दिखाई देती है।
13:35COVID महमारी के दोरां, वैक्सिन मैनिफेक्टिरिंग केपिसिटी का बहुत बड़ा महत्पता।
13:44तब सवाल था कि क्या इस ताकत का फाइदा भी कुछी ही देशों तक सिमित रह जाएगा।
13:53या फिर जिनके पास ये सुविधाव और ये सामर्त नहीं है, उन देशों उन लोगों तक भी वैक्सिन पहुंचेगी।
14:05भारत ने मानवता को एंपावर करने वाला रास्ता चुना।
14:12हमने सों से अधिक देशों को वैक्सिन की सप्लाई की।
14:18हमारी मैनुफेक्टिरिंग क्यापबिलिटी दूसरे देशों के लिए भी सहायता का माध्यम बनी।
14:26मैं आपको एक और इंट्रेस्टिंग एग्जामपल दूँगा। कुछ महने पहले भारत में AI इंपक्ट समीट हुई है।
14:37और चिमान ब्लूमबर्ग जी ने भी उस AI समीट के अभी बहुत तारीप भी किये।
14:44इसमें हमने humanity के लिए AI के उप्योग के साथ ही animals को कैसे AI का फाइदा हो इससे भी
14:59चर्चा का विशय बनाया।
15:06यानि भारत जितना सक्षम होगा मानवता के लिए दुनिया के लिए उतना ही फाइदेमंद होगा।
15:20Friends, power is not just the ability to move ahead. It is also the ability to empower others to move
15:34ahead.
15:34भारत का मानना है, competition जरूरी है, लेकिन compassion भी होना चाहिए।
15:46Innovation जरूरी है, लेकिन उसके लाप का विस्तार भी होना चाहिए।
15:53National strength जरूरी है, लेकिन global challenges के लिए solutions में भी योगदान देना होगा।
16:03Climate change हो, water governance हो, public health हो या emerging technologies का responsible use हो।
16:16दुनिया को ऐसा सामर्थ चाहिए, जो solution दे, नए आउसर पैदा करे।
16:26साथियों, मैं आप सभी को एक और उदान देता हूं।
16:31Paris Agreement के तहत, climate change से निपटने के लिए बारत एक बड़ा commitment किया था।
16:41साल 2015 में हमने लक्ष रखा था कि 2030 तक
16:50अपनी installed electricity capacity का 40% non-fossil sources से हासिल करेंगे।
17:01और भारत ये यूपलब्दी November 2021 में ही हासिल कर ली।
17:15यानि तए समय से नौ साल पहले भारत ऐसा करने वाला पहला G20 देश बना।
17:29यह केवल एक commitment पूरा करने की बात नहीं थी। यह भारत की बदलती हुई
17:38एनर्जी जर्नी का भी संकेत था। साथियो 2014 में भारत की renewable energy capacity करीब 75 गिगावट थी।
17:58आज यह करीब 300 गिगावट हो चुकी है। यानि हमने लगबग four time ज्यादा capacity aid की है।
18:12साथियो भारत में हो रहे इस energy transition के नए अवसर भी बन रहे है।
18:19आज हमारे यहाँ PM सूर्यगर और PM कुसम जैसी schemes चल रही है।
18:28एक योजना घरों को solar power से जोट रही है।
18:34दूसरी योजना किसानों को solar energy पैदा करने और उसके use से input cost कम करने का सामर्थ दे रही
18:43है।
18:43इन दोनों योजनाओं के माध्यम से भारत को 30 gigawatt से अधिक solar capacity हासिल हुई है।
18:56इन से हर साल करीब 30 million tons से अधिक carbon emission कम होने का अनुमान है।
19:07यानि solar power प्रकृती की रक्षा करने का माध्यम भी बन रहा है।
19:14और लोगों को empower भी कर रहा है। साथियों दुनिया में power की इस भागदोड में भारत एक अलग मिजाज
19:29लेकर चल रहा है।
19:30और उसका गवाँ यह दशक भी है। साथियों 21st century का यह decade अभूत परवा global challenges लेकर आया है।
19:46हम अगर पिछले 6 वर्सों को देखे। हमने global pandemic देखी।
19:53फिर अलग-अलग regions में युद्य छीड गए। जैसे इतना ही काफी नहीं था।
20:00फिर trade हो, critical minerals हो, energy supply हो, उसमें भी अर्चने आ रही है।
20:09दुनिया एक संकट से बाहर निकलने का रास्ता तलास्ती है, तब तक एक नया संकट सामने आ जाता है।
20:18जिन चीजों ने कभी दुनिया को जोडा था, वही आज weapon बन रहे हैं।
20:26supply chains हो, energy हो, minerals हो, payments हो या technology ये दबाव और दबदवे का माध्यम बन रहे हैं।
20:41बीते दशकों में, globalization ने जो roots बनाए, वो कम और कहां, chalk points बन गए।
20:53ये हम सब देख रहे हैं।
20:57इन सब के बीच, artificial intelligence है।
21:03हर sector में, काम करने के तरीके बदल रही हैं।
21:09अनेक देशों में, aging से जोड़े challenges भी तेजी से बढ़ रहे हैं।
21:15ऐसे में, आज दुनिया के सामने एक बड़ा सवाल, trust का है, भरोसे का है।
21:24भरोसा ये, कि जरुवत के समय, supply जारी रहेगी।
21:32भरोसा ये, कि जो promise किये हैं, वो निभाए भी जाएंगे।
21:39भरोसा ये, कि संकट के समय, हमारा partner country साथ खड़ा रहेगा।
21:46और यहीं पर, भारत एक अलग बिजाज, एक अलग सोच के साथ, आपके सामने है।
21:56साथ योट 21st century में, भारत की प्रगती सबके साथ मिलकर, सबको साथ लेकर आगे बढ़ने की कहानी है।
22:08जब दुनिया को affordable medicines की जरुत होती है, तो हर पांच में से एक जनरिक medicine भारत से आती
22:19है।
22:22जब digital identity और payment के solutions चाहिए, तो भारत में विक्सित model दिखता है।
22:33जब दुनिया को talent की जरुत होती है, तो भारत के skill युवाओं पर भरोसा होता है।
22:41आज भारत में 2000 से अधिक Global Capability Centers हैं, जो दुनिया भर की companies को अपनी services दे रहे
22:55हैं।
22:56साथियों, ये स्पस्त हैं कि जब भी दुनिया को एक स्टेडी पिलर की जरुत होती हैं, तो भारत अपना दाईत्व
23:08समझते हुए हाथ आगे बढ़ाता है।
23:13We do not grow at anyone's cost. We grow with the world and for the world.
23:31और साथियों, भारत जो करता है, उसका credit भी नहीं चाहता।
23:38दुनिया गर्व से कहती है कि भारत ने दुनिया को zero दिया।
23:44इस zero ने पूरी मानोता का लाब किया। लेकिन भारत ने इसके के लिए कभी भी royalty नहीं मागिये।
24:00और आज भी भारत इसी भावना के साथ काम करता है।
24:07और आज की चुनोतियों से निपटने के लिए हमारे जो विचार हैं, उनमें भी उप सारी बाते दिखती हैं।
24:20इत्यास में अनेक वैस्विक संगठन बने हैं, उनके अपने अपने हीत रहे हैं।
24:31लेकिन भारत ने किस तरह के ग्लोबल प्लैफॉंस बनाए।
24:39आप भी गौर कीजिए।
24:45हमने कैसी कैसी समस्ताओं को जन्म दिया।
24:49और दुनिया में क्या क्या हुआ है उसका जरा एक बार तुलना करके देख लेना।
24:54हमने क्या दिया।
24:56इंटरशन वडिया।
24:59हमने क्या दिया।
25:01कोलेशन वडिजास्टर रिजिलियन इंफरसेक्टर।
25:04हमने क्या दिया।
25:06बिक चैट आलाइंस।
25:08ग्लोब बावफिल आलाइंस।
25:11इंडिया मिलेलीस युरोप एकनोमिक कोरिडॉर इमेंग।
25:22जिन से सबका भला हो, हर जीवन का भला हो।
25:30ऐसे इनिशेटिव भारत ने लिए है।
25:34साथियों, भारत किन विचारों को लेकर सामने आया है।
25:39ये भी आपके सामने है।
25:41वन सन, वन वर्ड, वन ग्रीड का वीजन।
25:48वन अर्थ, वन फैमिली, वन फ्यूचर ये हमारी सोच।
25:54वन अर्थ, वन हेल्थ ये हमारी द्रदश्टी है।
25:59यानि भारत जोडने पर और जुडने पर बल देता है।
26:06और इसमें भी पावर का इस्तेमाल दूसरों को एम पावर करने के लिए ही है।
26:15साथियों, अनिस्ताओं से भरी इस दुनिया में भारत रिलाइबिलेटी और स्टेबिलीटी का विश्वाद देता है।
26:26इस साल एपरिल-जून क्वाटर में भारत की ग्रोथ रेट 7.8% रही है।
26:37और यह ग्रोथ मजबूत नीव पर खड़ी है।
26:4312-13 साल पहले भारत का करन्ट एकाउंट डेफिसित GDP के 4% से भी अधिक था।
26:55पिछले साल यह घटकर लगभग आधा प्रतिशत यानि 0.61% रह गया है।
27:06आज हमारे foreign exchange reserves 700 billion dollars से अधिक है।
27:15हमारा banking system अनेक देशों में सबसे मजबूत स्थिति में है।
27:23साथियों इसी मजबूती का प्रणाम है कि भारत की sovereign ratings अप्ग्रेड की जा रही है।
27:34आज भारत का confidence अभूत पुर्व उंचाई पर है।
27:41हमें clear policy direction के साथ reform कर रहे हैं।
27:46जी एस्टी के जरिया हमने taxes के एक complex web को national market में बदला है।
27:56हमने insolvency law बनाया है।
28:0029 labor courts अब four simple courts में सिमट चुके है।
28:0629 से जुड़े सेंकडों छोटी मोटी गलतियों को decriminalize किया गया है।
28:13और अब यहां रूके नहीं है।
28:17भारत की reform express तेज गती से आगे बढ़ रही है।
28:22हमारे लिए reforms कोई compulsion नहीं है।
28:28reforms हमारा conviction है।
28:32साथियों हजारों वर्स पहले हमारे वेदों ने हमें एक मंत्र दिया था।
28:40संगच्छद्वं संवदद्वं संभो मनासि जानताम।
28:49आईए।
28:50आज फिर उस मंत्र को दोर आएं।
28:53लेट उस वॉक टुगेदर।
28:56लेट उस पिक टुगेदर।
28:59लेट उस ट्राइट टौ अंडरस्टैंड वन अनदर।
29:03क्योंकि साथ चलने से हमारी शक्ति बढ़ती हैं।
29:08संभात से हमारी समझ बढ़ती हैं।
29:12और एक दुसरे को समझने से
29:15हम मिलकर बड़ी चुनोतियों का समाधान कर सकते हैं।
29:20यही है पावर टू एमपावर।
29:24अपनी पावर को केवल अपनी प्रगती तक सिमित न रखना।
29:30बलकि उससे दूसरों के लिए भी नए अवसर बनाएगा।
29:34मुझे विश्वास है कि Bloomberg Economic Forum का यही मंच
29:39इसी भावना को आगे बढ़ना केगा।
29:43एक बड़ा प्लेटफर्म बनेगा।
29:46एक बार फिर आप सभी पार्टिसिपेंट्स को इस कार्खम के लिए
29:53मेरी धेर सारी सुबकावनाएं।
29:56आप सब का बहुत-बहुत धन्यवाद।