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सितंबर में खुदरा महंगाई दर बढ़कर 5.54% पहुंच गई, जबकि खाद्य महंगाई दर में भी तेजी आई और यह 7.74% हो गई। खाने-पीने की चीजों की बढ़ती कीमतों से आम आदमी के घर का बजट बिगड़ सकता है। आखिर महंगाई बढ़ने की वजह क्या है? क्या सिर्फ सब्जियों, अनाज और दूसरी खाद्य वस्तुओं के दाम बढ़ने से महंगाई बढ़ रही है या डॉलर की मजबूती और रुपये की कमजोरी का भी इसमें बड़ा योगदान है? कच्चे तेल, सोने और आयात की बढ़ती लागत का आम आदमी की जेब पर क्या असर पड़ता है? इस वीडियो में जानिए CPI यानी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक क्या है, खुदरा महंगाई दर कैसे तय होती है, खाद्य महंगाई क्यों बढ़ रही है और रुपये की कमजोरी से रोजमर्रा की चीजें कैसे महंगी हो सकती हैं। साथ ही समझिए कि महंगाई को नियंत्रित करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) क्या कदम उठा रहा है और आने वाले दिनों में किन आंकड़ों पर नजर रखना जरूरी होगा।

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Transcript
00:00महँगाई फिर से बढ़ने लगी है अगस्त में खुद्रा महँगाई दर 4.83% थी जो सितंबर में बढ़कर 5
00:06.54% हो गई है लेकिन सबसे जादा चिंता खाने पीने की चीजों को लेकर हैं अगस्त में खाद महँगाई
00:13दर 5.97% थी जो सितंबर में बढ़कर 7.74% तक पहुच �
00:18यानि घर का राशन खरीदने से लिकर रोजमर्रा की जरूरते पूरी करने तक आम आदमी के खर्च पर दबाव बढ़
00:25रहा है।
00:25सवाल है कि आखिर महंगाई बढ़ क्यों रही है।
00:40उसी की कीमत 9 अक्टूबर को करीकरी 96.73 रुपए तक पहुच गई थी।
00:45जब भारत मिदेश ते तेल खरीदता है, सोना और दूसरी चीजे खरीदता है तो उसका फुकतान बड़े पैमाने पर डॉलर
00:51में करना पड़ता है।
00:52ऐसे में डॉलर महंगा होने का मतलब है कि उसी समान के लिए जादा रुपए खर्च करने पड़ सकते हैं।
00:57लेकिन क्या डॉलर की बढ़ती कीमत का असर आपकी रसोई तक पहुच रहा है।
01:01क्या रुपए की कमजोरी महंगाई को और बढ़ा सकती है।
01:04और इसे रोकने के लिए भारतिय रिजब बैंक यानि की RBI क्या कदम उठा रहा है।
01:08नमस्कार मैं हूँ सुमीत कुमार और आप देख रहे हैं Good Returns।
01:11आज समझेंगे कि CPI यानि की उप्भोगता मोल्य सुचकां क्या बताता है।
01:15महंगाई बढ़ने के पीछे कौन से कारण है और रुपए डॉलर की चाल का आपकी जेप से क्या कनेक्शन है।
01:21सरकार की ओर से जाड़ी आक्रों के मुताविक सितंबर में ग्रामिन इलाकों में खुद्रा महंगाई दर 6.08% और
01:27शहरी इलाकों में 4.88% रहें।
01:30यानि महंगाई का दबाओ ग्रामिन शित्र में जादा देखने को मिले।
01:33CPI यानि की उभुपता मुल्य सुचकांग के जरिये यह पता लगाया जाता है कि आम लोग जिन बस्तूओं और सेवाओं
01:39पर खर्च करते हैं उसकी कीमत में समय के साथ कितना बदला वाया है।
01:44इससे खाने पीने की चीज़े कपड़े, अवास, इंधन और दूसरी घरेलू जरूरते शामिल होती है।
02:14खाने पीने की चीज़े की कीमतों में लगतार सीधा असर पड़ता हुआ दिखाई दिया।
02:18असर घर के बज़र तक महुँच गया। क्योंकि भोजन पर खर्च हर परिवार की जरूरत होती है।
02:23सबजिया, अनाज और दूसरी खादे वस्तूएं महंगी होने पर लोगों को उतने ही समान के लिए जादा पैसे खर्च करने
02:29पड़ते हैं।
02:30लेकिन महंगाई के कहाने सिर्फ खाने पीने की चीजों तक सीमित नहीं है।
02:33भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है।
02:37अंतरा श्रीय वाजार में तेल महंगा होने पर देश का आयात बिल बढ़ सकता है।
02:41इसके साथ अगर डॉलर भी महंगा हो जाये तो तेल खरीदने के लिए और ज्यादा रुपए खर्च करने पर सकते
02:47हैं।
02:47इससे परिवहन और उत्पादन की लागत पर दबाव पर सकता है और आगे चल कर दूसरी वस्तूओं की कीमते भी
02:52प्रभावित हो सकती है।
02:54और इससे ही खाने पीने की चीजों पर सीधा असर पड़ता हुआ दिखाई देता है।
02:57यहीं पर रुपए और डॉलर का कनेक्शन भी समझना जरूरी है।
03:00मालेजिए किसी भारतिये कमपनी को विदेश ते 100 डॉलर का समान खरीदना है।
03:05जब 1 डॉलर 89 रुपए का था तब कमपनी को 8900 रुपए देने पड़ते थे।
03:09लेकिन डॉलर की कीमत 97 रुपए हो जाए तो उसी समान के लिए 9700 रुपए खर्च करने होगे।
03:15यानि बिदेशी वाजार में समान की कीमत नहीं बदली लेकिन रुपए की कमजोरी के कारण कमपनी की लागत 800 रुपए
03:22तक बढ़ गे।
03:22अगर कमपनियों का कच्चा माल, मशीने या जरूरी पूर्जे आयाद से आते हैं तो बढ़ी हुई लागत का कुछ हिस्सा
03:27ग्रापों तक पहुँच सकता है।
03:29अर्थव्योस्ता में इस तरह आयाद की लागत बढ़ने से महंगाई पर जो दबाव बनता है उससे आयातित महंगाई कहा जाता
03:35है।
03:59विदेशी निवेस, निर्याद से होने वाली कमाई, तेल की कीमते और वैश्विक वाजार की स्थिती इसमें भूमिका निभाते हैं।
04:59वाजूर डॉलर महंगा होने से घरेलू कीमतों पर दबावा सकता है।
04:59दॉलर खरीदने का दबाव कम करना, RBI ने विदेशी मुद्रा से जुड़े कुछ लेंदेन और जोखिम से बचाओ के नियम
05:05भी सकत किया है।
05:06इन कदमों से रुपए में उतार जढ़ाव कम करने में मदद मिल सकती है, लेकिन तेल की उची कीमते और
05:11विदेशी निवेशकों की विक्वाली जैसी चुनोतियां बनी रह सकती है।
05:15अब आते हैं CPI यानि की महंगाई के आकड़ों को लेकर तो महंगाई के आकड़ों पर नजा रखना भी ज़रूरी
05:34होगा।
05:45कि इसका संबंध आप पीरसोई, यात्रा, खरीदारी और बचत से भी है।
05:49आप बताइए बढ़ती महंगाई का सबसे जादा असर आपके घर में किस चीज पर पढ़ता हुआ नजारा रहा है।
05:54अपनी दाए कमेंट सेक्शन में जरूर साजा कीजिए और ऐसे ही तमाम अपडेट्स और शियर मार्केट से जोड़ी तमाम जानकारी
05:59के लिए आप बने रहें गुड रिटरंस डिश्टल के साथ।

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