00:02यह तस्वीरे पठान कोट की हैं, जहां अपने हक की लड़ाई लड़ने के लिए दो बुज़ुर्गों ने करीब 50 दिनों
00:09तक 80-100 फीट उचे टावर को ही अपने संघर्ष का ठिकाना बनाये रखा।
00:15उम्र करीब 80 साल के आसपास, लेकिन अपने परिवार के लिए न्याय की उमीद और नौकरी की मांग को लेकर
00:22होसला आज भी बुलंद।
00:24बताया जा रहा है कि डैम निर्माड के लिए उनकी जमीन ली गई, लेकिन इसके बावजूद उनके परिवार के सदस्यों
00:31को अब तक नौकरी नहीं मिली।
00:34इसी मांग को लेकर दोनों लंबे समय से टावर पर बैठे हुए थे।
00:39आज इना नेगुशेशन जड़ी सी, यो काफी दिना तो चाल दी पाई इसी लगाता रही।
00:43आज जड़ा इना बलो भी रिस्पॉंस देता गया और कॉपरेशन भी देती गई है।
00:47और इना ने थले उतरन दा भी आशवासन जटा हुँशेशन जड़ी ना उंदी पाई है थे इना वहीं सेफली जड़ा
00:53थले उतरन ली लगे हुए है।
00:55अहल गाएं चार साब भी आ जाए हुए है इना ने मंतरी साब ना भी घल कीती हुए है।
01:08करीब पचास दिनों तक चला ये संघर्ष अब एक नए मोड पर पहुँचा है।
01:13प्रशासन की ओर से आशवासन दिये जाने के बाद दोनों बुज़ुर्गों को टावर से नीचे उतारा गया।
01:19प्रशासनिक अधिकारियों के मताबिक संघर्ष कमेटी के सदस्यों के साथ मिलकर एक कमेटी का गढ़न किया जाएगा।
01:26साथ ही एक सप्ता के भीतर सरकार के साथ बैठक करवा कर उनकी मांगों पर चर्चा की जाएगी।
01:33केना कि यह बहुत चंगा कम कीता है नहीं नीचे आगे।
01:36कोई फैसला उपर बैठके नहीं हुंदा।
01:39जो भी हुंदा है बैठके क्रॉस तर टेवल कातम हुंदा।
01:42क्योंकि केस जड़ा है कोई आज़िता नहीं है।
01:4433-34 साल प्रणा कीस है।
02:01फिलहार टावर से नीचे उतरने की प्रिक्रिया शुरू होना राहत की बात जरूर है
02:06लेकिन असली सवाल अब भी बरकरार है।
02:09डैम के लिए जमीन लेने वाले परिवारों को उनका हक कम मिलेगा।
02:13अब एक सप्ता के भीतर प्रस्ताविद बैठक और प्रशासन की अगली कारवाई पर सभी की नजरे रहेंगी।
02:19बुजर्गों का 50 दिनों का संघर्ष तभी पूरी तरह सफल माना जाएगा जब उनकी मांग पर कोई ठोस और इस्थाई
02:26समधान सामने आएगा।