00:00आज मिशेरिश में बात करेंगे जंतर मंतर की जिसे कली सरकार में प्रदर्शन की इस थल से हटा दिया है
00:05यानि अब कोई भी जंतर मंतर प्रदर्शन नहीं कर पाएगा और इसको अब विपक्ष ने एक बड़ा मुद्धा बनाया
00:10आज दिली में ही राउल गांधी के घर पर जो इंडिया ब्लॉक रुपक्ष के रिकांव को बेड़ा हुई उस पर
00:15जंतर मंतर का बुद्धा उठा सभी पक्षी पार्टियों के प्रदर्शन की जगह के तौर पर हटाने की निंदा किया और
00:36इसके खिलाफ अब आंदोलन शुर
00:40संजेर आओ क्या कहे रहे?
01:16दिखाता है कि जंतर मंतर को जो है अब प्रोटेस्ट जहां होना चाहिए था जो होता रहा है जिसका इतिहासिक
01:26महत्वर रहा है उसको बदल करके जो है बिल्ली के बॉडर पे जो है कर दिया गया है यह इनका
01:33डर दिखाता है
01:33तो हम सब लोग आगे इस लड़ाई को जारी रखेंगे हम सब लोग मिल करके लड़ेंगे और जीतेंगे और जिन
01:44लोगों ने शर्यंतर किया है
01:45चाहे वो मोदीगी हो या ग्यानेश गुपता हो या अमित्शा हो वो चोरी कराई है फरजी चुनाव कराया है देश
01:55की जंता के सामने ये मामला उजागर हो गया है और हर एक विकती देश का अब इसे हिसाब मांग
02:02रहा है
02:06कि हम लोग इसको अपोस करेंगे जंतर मंतर को डी हम जंतर मंतर में जाएंगे हमारे वाशा में घुसेंगे और
02:16जो लोग तंतर का आत्मा वहां है जो मार देते हैं जंतर मंतर में हम उसको जिन्दा करेंगे
02:23सवाल यह है कि जंतर मंतर को प्रोटेस साइट के लिश से डी नोटीफाई क्यों किया गया
02:28पिछले तीन दश्कों से जंतर मंतर हर चोटे बड़ प्रिदर्शन का गवा रहा
02:32लेकिन अब सरकार ने इसे भी हटा दिया
02:34सरकार के खिलाब प्रदर्शन करने उत्रे विपक्ष को एक नया मुद्धा मिल गया और इस मुद्धे पर विपक्ष के साथ
02:40तमाम लेफ पार्टी भी खड़ी हुई दिख रहे ही
02:42कि रज़ प्रटी बार्टी आटा करने एक रुच्छी टुर्टब ले भी खर अविपक्ष करने बुच्छी टियुत है
03:25जो संगर्ष करने के लिए एक डिसिकनेट जगा था जंदर मंदर इंगा चोरी भी करता है
03:51जनतर मंतर को कली डिनोटिफाई किया गया एक सरकार का अमेरिका है विंडिक्टिव डिसिशन है
03:58जनतर मंतर से उनको मात खानी पड़ी और इसलिए वो जनतर मंतर से ही पेंट चुड़ाना चाहते हैं
04:03तो बिलकुल हमारे लिए मन्जूर नहीं है जनतर मंतर पर हमारा दावा रहेगा बिलकुल
04:19अब आपको एक रिपोर्ट दिखाते हैं जिस देखर आप ये समझे कि सरकार ने जनतर मंतर को प्रदर्शन की जगा
04:24के तौर पर क्यूं हटाया और दिल्ली में जिन तीन जगों को प्रदर्शन के लिए दिया है उनकी क्या स्थिति
04:40जुलाई में जब जनतर मंतर के आंदोलन से सरकार के एक मंतरी का स्थिफा हुआ तो तभी से ये माना
04:47जा रहा था कि अब जनतर मंतर पर आंदोलन नहीं होगा और ऐसा ही हुआ है
04:52सरकार ने जनतर मंतर को प्रदर्शन की जबहों से अलग कर दिया है और प्रदर्शन कारियों के लिए दिल्ली में
04:58तीन नई जगहें तै कर दी है
05:01पहला है रामलीला मैदान जो जंतर मंतर से सिर्फ 3 किलोमेटर दूर है
05:06दूसरा है बुराडी का ग्राउंड जो यहां से 21 किलोमेटर दूर है
05:11और तीसरा है पूर्वी दिल्ली में शाहदरा का CBD ग्राउंड जो जंतर मंतर से 12 किलोमेटर दूर है
05:20लेकिन क्या इन मैदानों पर प्रदशन करना इतना आसान रहेगा
05:25क्योंकि प्रदशनकारी जंतर मंतर पर इसलिए प्रदशन करने आते थे
05:29क्योंकि यहां से संसद भवन पास में है
05:31सरकार के सभी बड़े दफतर बिलकुल पास में है
05:34प्रदशन कारी सीधे सरकार तक अपनी आवाज पहुचा सकते थे
05:39जैसा कि जुलाई में CJP के प्रोटेस्ट में हुआ था
05:42उस वक्त प्रदशन कारियों ने संसद मार्च भी कर दिया था
05:45जिसमें जम कर हिंसा हुई थी
05:47लेकिन ये बात भी सही है कि इस से सरकार पर दबाव पड़ा था
05:50और इसी लिए आखरकार शिक्षा मंतरी धर्मेंदर प्रदशन का स्तीफा भी हुआ
05:57अब अगर धरना प्रदशन की जगह दूर हो
05:59जहां से न संसत पास हो न प्रदशन मंतरी का घर न राश्टपती का आवास न कोई सरकारी दफ्तर तो
06:05सरकार को क्या फर्क पड़ेगा
06:07अब ये इन दो ग्राउंड्स की तस्वीर आपके सामने है
06:10एक है बुराडी का ग्राउंड जो जंतर मंतर से 21 किलोमेटर दूर है
06:14यहां अगर कोई पार्टी, कोई सामाजिक संगठन प्रदशन करने जाएगा भी तो क्या सरकार उसकी सुनेगी
06:19और यही सवाल शाहदरा के CBD ग्राउंड के लिए भी है
06:23कि पूरवी दिल्ली के इस ग्राउंड में प्रदशन करने कौन जाएगा
06:26और जो यहां जाएगा, क्या उसकी आवाज सुनी जाएगी?
06:57वो बसों का सहरा है, मेट्रो सेशन थोड़ी सी दूरी पर है
07:00यहां आना और दूसरा जंतर मंतर पर दो हजार की भीट भी इस तो लखती है
07:03लेकिन बुराडी मैदान पर अगर एक लाख लोग भी बैठ जाएगे
07:06तो भी ऐसा ख्यमता लगता है कि दो या चार या पाच अजार लोग बैठे हैं
07:09उसी के साथ साथ यहां पर क्या इतनी दूरी पर 17 किलोमेटर को की जंतर मंतर पर बैठने का संदेश
07:14होता था
07:14कि वो इस नाम पर आते थे कि संसद मार्च करेंगे
07:29अब यहां की एस उपी है कि मैदान तो प्लब्ध हो साय हो सकता आराम से
07:32लेकिन क्या प्रदर्शन करने के लिए जो सामाजी ग्रूप हैं प्रेशर ग्रूप हैं
07:49और इन मैदानों से कौन सी सरकार आवाद सुनेगी हाँ रामलीला मैदान जंतरमंतर से सिर्फ तीन किलोमेटर दूर है और
07:58ये भी एक धरना स्थल है लेकिन यहाँ दूसरी तरह की समस्या हैं क्या यहाँ प्रदशन के लिए ग्राउंड खाली
08:04मिलेगा यही सबसे बड़ा सवा
08:09इसलिए प्रदशन के लिए नहीं मिल सकता क्योंकि नवरात्रों के पर्व के चलते यहां रामलीला का मंचन हो रहा है
08:15मैदान के हिस्से में मेला भी लगा हुआ है
08:17अब विजय दश्मी पर रामर दहन से पहले
08:20रामलीला मैदान किसी और कारेकरम के लिए उपलब्द नहीं हो सकता
08:24एतिहासिक जंतर मंतर पर अब धरना मना है
08:27क्योंकि केंदर सरकार ने उसे धरना स्थल पर जो जगह दी गई हुई थी
08:30जो उसकी माननेता थी उसे रद कर दिया है
08:32लेकिन अब ये कह दिया है कि दिल्ली के तीन जगों पर धरना हो सकेगा
08:35धरना प्रदर्शन सभाएं हो सकेगी
08:37उनमें एक है दिल्ली का ये एतिहासिक रामलीला मैदान
08:41ये रामलीला मैदान अगर इसकी जगह को समझें
08:44तो अब इसको लेकर के दरसल विरोध कर रहे हैं व्यापारी
08:46कि जंतर मंतर से आपने धरना प्रदर्शन हटा दिया
08:48जिससे कारोबार सही होगा उसका तो स्वागत है
08:50लेकिन रामलीला मैदान को धरना स्थल एक तीन जगहें जो दी गई है
08:54जिसमें पूरवी दिल्ली बुराडी का मैदान और ये दिल्ली का रामलीला मैदान
08:57इसको लेकर के व्यापारी नाराज हैं
08:59वो किसलिये समझें ये पूरा रामलीला मैदान है
09:01इस समय यहाँ पर रामलीला चल रही है
09:02मेले लगे हुए है क्योंकि नवरात्री दशहरा में मेला लगता है
09:05इसी के साथ साथ अब इसके बगल में क्या है
09:07यहाँ पर ये नगर निगम का सिविक सेंटर है
09:10आप समझें यहां से नगर निगम संचालित होता है, बीच में महानगर का जो MTNL है, आप देख रहे हैं
09:15उसकी बिल्डिंग है, इसी के ठीक बगल में यहां पर अगर आप देखेंगे इस तरफ अस्पताल है, आँखों का अस्पताल
09:20है, बड़े सारे कई अस्पताल है, अब अ
09:39उपलब्ध है, 29-30 और 31 दिसंबर, यानि अगले धाई महिने रामलीला मैदान पूरी तरह से बुक है, रामलीला मैदान
09:47पर प्रदशन करना भी महगा होगा, यहां एक दिन की बुकिंग के लिए 1,21,000 रुपे खर्च करने होंगे,
09:54इसके अलाबा 50,000 रुपे सिक्योरिटी �
09:56अलग से जमा करना होगा, इसके अलाबा, रामलीला मैदान में प्रदशन के लिए, MCB की अनुमती और दिल्ली पुलिस की
10:03NOC भी अनिवार है, और अगर यह सब कर भी लिया, तो व्यापारी रामलीला मैदान को प्रदशन स्थल घोशित करने
10:10के विरोध में उतराए हैं, क्यो
10:25चावडी बाजार, नया बाजार, पहारगन, चान्मी चौक, सदर बाजार, खारी बाज़ी, भगिरत पैलस, अजमीरी गेट, कश्मीरी गेट हैं, व्यापारियों का
10:33मानना है कि अगर यहां रोज धरना प्रदशन होंगे, तो उनका व्यापार बुरी तरह से प्रभावित ह
10:39ठीक, इसके पीछे दरसल ये दिल्ली चे शुरू होता है, दिल्ली चे सबसे पुराने बाजारों में इसे एक है, यहां
10:44से रास्ता जो है, आप आगे पुरानी दिल्ली की और जाता है, चावडी बाजार की और जाता है, तो यह
10:50पूरा इलाका बाजारों से घिरा हुआ है, �
11:15जहां पर रोज लाखों नहीं बलकी करोडों का कारोबार होता है।
11:50जिसको ले करके व्यापारियों ने नाराजगी जताई है।
11:52जब सरकार ने उनकी मांग मान ली और रामलीला मैदान को नया प्रदशन इस्थल घोशित कर दिया तो अब ये
11:58व्यापारी नाराज है।
12:00लेकिन एक चीज़ को लेके हम व्यापारियों को आपती है कि आपने रामीला मैदान को प्रदशन इस्थल की सूची में
12:06ढाल दिया है।
12:07रामीला मैदान के पास ही, कमला मार्केट, दरिया गंज और तमाम दो दिल्ली छे का एरिया है, चावडी बजार, नया
12:13बजार, पहाड़ गंज, चानी चोक, संदर बजार, कश्मीरिगेट, लगबग 5 किलो मिटर के एरिये में तमाम जो दिल्ली छे है,
12:20जो बिजनिस हैब है
12:21दिल्ली का दिल है, वो रामीला मैदान के असपास ही आता है, तो अगर रामीला मैदान में फिर से अगर
12:26धरने प्रजशन होंगे, बैरिगेटिंग लगेगी, मेट्रो स्टेशन बंद होंगे, तो दिल्ली छे का व्यापार ये प्रभावित होगा, असानी चोक, सतर
12:32बजार,
12:38खारी बावित होगा, तो ये सारा प्रभावित होने से व्यापार फिर से प्रभावित होगा, तुम वांग करते हैं, फिर से
12:44ग्रहमंत्राले से और दिल्ली पुलिस से, कि आपने जो तीन इस्थान चिन्नित किये हैं, इसमें से राम निला मैदान को
12:50खटाये जाए, बुरा�
13:03राम निला ग्राउंड को चुना जाए परदर्शन के लिए,