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  • 8 hours ago
डेस्क: दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन और CJP नेताओं की गिरफ्तारी का मामला अब सियासी तूल पकड़ने लगा है. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सौरव दास और आशुतोष रांका की गिरफ्तारी पर सवाल उठाते हुए उनके समर्थन में आवाज उठाई है. राहुल गांधी ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन में तिरंगा लहराना कोई अपराध नहीं है। वहीं, राहुल गांधी के समर्थन पर अभिजीत दिपके ने उनका आभार जताया है। उधर, दिल्ली पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों को ड्यूटी करने से रोका था। आखिर क्या है पूरा मामला, देखिए ये रिपोर्ट।

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Transcript
00:03दिल्ली का जनतरमंतर, प्रदर्शन, विरोध और अब गिरफतारी को लेकर सियासत का नया केंद्र
00:09CJP यानि कौकरुद जनता पार्टी के नेताओं सौरवदास और आशुतोश रंका को पाच दिन की न्याईक हिरासत में तिहार जेल
00:18भेज दिया गया है
00:19इस का रिवाई के बाद मामला राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है
00:24लोगसभा में नीता प्रतिपक्षर राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर दोनों नीताओं का समर्थन किया
00:32राहुल गांधी ने कहा कि जंतर मंतर पर शांती पूर्ण विरोध प्रदर्शन के दोरान तिरंगा लहराना कोई अपराध नहीं है
00:40इसके लिए युवाओं को जेल भेजना कायरता पूर्ण काम है
00:43छात्र, युवा, पत्रकार और इंडिया गड़ बंधन भले ही बैनर अलग-अलग हो लेकिन मकसद एक ही है
00:52सभी विरोध प्रदर्शन एक ही है नागरिक अपने सम्विधानिक अधिकारों की मांग कर रही है
00:58जंतरमंतर भारत के लोगों का है हम इसे वापस हांसिल करेंगे
01:03राहुल गांधी के इस बयान पर अभिजी दिपके ने उनका धन्यवाद दिया
01:07दिपके ने सौरबदास और आशुतोष रांका की गिरफतारी के खिलाफ आवाज उठाने के लिए राहुल गांधी के प्रती आभार जताया
01:16अभिजी दिपके ने एक्सपर लिखा आशुतोष रांका और सौरवदास की गैर कानूनी गिरफतारी के खिलाफ आवाज उठाने के लिए धन्यवाद
01:25विपक्षि के नेता राहुल गांधी जी
01:28दूसरी तरफ दिल्ली पुलिस ने कारिवाई को कानून विवस्था से जोड़ते हुए अपना पक्ष रखा
01:34पुलिस के मताबिक 13 अक्टूबर को CJP के 14 सद से जनतर मंतर पहुँचे थे
01:40प्रदर्शन इस्थल को लेकर लागो प्रतिबंधों के बावजूद ये लोग एक निजी परिसर के रास्ते वहाँ पहुचे और पुलिस कर्मियों
01:48के काम में बाध हडा ली
01:49दिल्ली पुलिस ने इस मामले में केनोट प्लेस और संसत मार्ग थानू में दो FIR दर्श की हैं
01:56पुलिस के मताबिक सौरबदास, आशुतोष रांका और आजिंग के शिंदे के खिलाफ एतियातन कारिवाई की गई
02:03तीनों को स्पेशल एग्जिक्यूटिव मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया
02:07सौरबदास और आशुतोष रांका को पाँच दिन की न्याएक हिरासत में भीजा गया
02:12जबकि आजिंग के शिंदे को पाँच हजार रुपए के बॉन्ड पर रिहा कर दिया गया
02:17फिलहाल इस पूरे मामले में एक तरफ पुलिस कानून व्यवस्था और ड्यूटि में बाधा का हवाला दे रही है
02:23तो दूसरी तरफ गिरफतारी को लेकर सवाल उठ रही है
02:26राहुल गांधी के समर्थन के बाद मामला और राजनीतिक हो गया है
02:31अब सबकी नजर इस बात पर है कि कानूनी कारिवाई आगे क्या मोड लेती है और प्रदर्शन कारियों को कब
02:38रहत मिलती है

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