00:03मेरे रहत्यकान में साइल और मुस्कान को शजा और मौत मुकरर की गई है नीले ड्रं में मुस्कान के पती
00:10को काटकर
00:12काटकर डाल दिया गया था हमांशू मेरे सहीयो की चुड़ रहे है ताजा जांकारी के साथ हेमांशू क्या कहा अदालत
00:19ने
00:19rarest of rare mana इस मामले को
00:52अर्विन कुमार मिश्रा ने बोला कि साहिल शुकला और बुस्कान आप दोनों को मित्यु दंड की सजा दी जाती है
01:00क्योंकि दोनों जेल से वीडियो कॉंसरेंसिंग के जरिये जुड़े थे
01:04जी उसके बाद तुरंस यही जो कि पूरा कोट रूम खचा खच भरा था यहाँ पर गौरो आपको बताए कि
01:12लोग वहाँ पर नारे लगाने लगे कोट रूम के अंदर ही और इस वक्त जो कोट रूम में जो फैमिली
01:18थी सौरब राजपूत की वो भी पहुची हुई थी यहा�
01:24आगे जाते हैं और और बात करने की कोई चीज करते हैं हमने पहले भी पीपी से जब बात कि
01:29ती जो कृच्छन कुमार चौबे जी है उन्होंने कहा था कि उनकी तरफ से सीधे मांग की गई है मृत्यु
01:35दंज की से देने जाना गया है और आपको नजर आएंगे सामने को यहा
01:5322 गवाहों की गवाही बेहत महत्तोपूर थी क्योंकि इसमें जो गवाह थे वो डैरेक्ट एविडेंस के तोर पर थे जहां
02:00से अलाय कतल खरीडा गया था हत्या के बाद जिन होटलों में वो रुके थे जाकर के मनाली में कसौल
02:08में शिमला में वहां के मैनेजर का स्टेटमें
02:11था यानि ये जो गवाही थी ये डायरेक्ट गवाही थी जिन लोगों ने हत्या के बाद देखा था और दूसरी
02:18चीज़ जो मुबाइल फोन लगातार इस्तिमाल किया गया था उसको भी देखा गया कि किस तरीके से मुसकान ने अपने
02:27पती सौरब राजपूत के मुबाइल
02:29को हत्या के बाद अपने पास रखा ताकि वो पूरे परिवार को गुमरा कर सके लगातार लोगों को ऐसा लगे
02:36कि सौरब जो है अपनी पत्नी मुसकान के साथ घूमने गया हुआ है लेकिन हकीकत में उसकी कतल करने के
02:43बाद उसकी बॉड़ी को डम कर दिया गया था ड्रम में
02:46अब इस पूरे मामले में जो साइंटिफिक एविडेंसेज थे क्योंकि जो नशा दिया गया था खाने में सब्जी में उस
02:52नशे को कहां ते खरीदा गया था उसने भी आइडेंटिफाई किया मुसकान को आइडेंटिफाई किया कि किस तरीके से ये
02:59कतल के पहले खरीदी थी
03:01CCTV फुटेज कतल के पहले और बात का कौन आया कौन गया
03:05ये सारी चीजे इतनी बहुत पूर थी और डारिक्ट एविडेंस के तौर पे काम किया
03:10जिसके बाद आज ये दिन आया 30 सितंबर को दोशी ठहराया गया था
03:14और आखिरकार आज जो मेरेट कोट है मुईट ठीक मौजूद है
03:18यहाँ पर अजविन कुमार मिश्रा की कोट ने दोनों को फासी की सजा सुनाई है
03:24सुबा हम पहुँचे थे जी बहुत मुआ तो पूर था जब हम जेल पहुँचे थे गौरब
03:29तो वहाँ पर हमें ये पता लगा था
03:30कि मुपकान से मिलने कोई नहीं आया था पिछले गेर साल
03:33ऊसकी फैमली में से कोई नहीं पहुचा था
03:35जो जाए और मुपकान से बाठशीत करे
03:38और यहाँ अने पर हमें कोट में पता चला
03:40कि किस तरीके से मुतकान के पैरेंट्स ने यहां पर लिखके दिया था कि अगर फासी की सजा होती है
03:45तो मुतका विरोध नहीं करेंगे
03:46हार कोट में नहीं जाएंगे बहुत अच्छा लड़का था सौरब राजपूर यह लिकर के दिया गया था जो सजाज सुनाने
03:53से पहले जो सभी से बाच्चीत की जाती है
03:55आज सुबा भी दोनों करीब साड़े-दस बजे के आसपास दोने दोने टेक कोट रूंगे
03:59आपने बिल्कुल सही कहा मेरे सही होगी शमस ताहर खान भी हमारे साथ जुड़ रहे हैं
04:04शमस न केवल निर्मम हत्या बलकि निर्मम हत्या के बाद जिस तरह से शव को कई टुकडों में काट काट
04:12के
04:13उसको नीले ड्रम में सिमिंट के साथ पैक किया गया और उसके बाद छुटी पर निकल गए
04:18तो कोई रिमोर्स नहीं था मन में कोई बुरा नहीं लग रहा था दोनों को कि सौरब की हत्या कर
04:24दिये
04:29देखे गौरफ ये जो फैसला है आज सुबह से मैं कोट में हूँ ठीक मेरे पीछे मेरा कोट है
04:34और हर एक को यही लगा कुछ सरकारी वकील को भी ये लग रहता कि शायद उम्रकैत की सजा मिलेगी
04:39मुसकान और साहिल को लेकिन जजज साहब चार बच कर पंदरा मिनट पर जैसे ही आते हैं
04:44मुस्कुराते हुए वो महाभारत के बारे में जिकर करते हैं और फिर कहते हैं कि दंड भी धर्म है
04:50और इसके बाद जो वो कहते हैं अदालत के अंदर पहले तो लोग थोड़े से सन्ने थे
04:56उसके बाद तालिया भारत माता की जाये के नारे कोट के अंदर लगे
05:00और जट साहब ने कहा कि इन्होंने जो जुर्म किया है उसके लिए हम आप दोनों को मौत की सजा
05:05दे रहे हैं
05:06विडियो कॉंफरेंसिंग के जरीए साहिल और मुस्कान दोनों मेरट जेल से लाइव थे
05:10उनका चेहरा जट साहब के सामने था क्योंकि स्क्रीन उनी की तरफ और उसके बाद मौत की सजा सुनानी का
05:16दाएव थे कि बाद मेरे साथ वकील का क्या कहने हम आपको सुनाते है जल्दी से
05:24उत्राद बिलाओ
05:52जर्मना भी लगाएगा है
05:54तीन सबक के लिए पचास जर जुर्माना है दो सर तिस के लिए 20 जर उपे के जुर्माना है दिल्कुल
06:01नजीर बन गया ये नजीर बनना चाहिए ही था अदालत में हमारी भावनाओं को जनता की भावनाओं को और सारे
06:08आप तक के निड्नेों के भावनाओं को समझते हुए �
06:10यह बहुत अच्छा निर्णा दिया गया है अब उसको पढ़ेंगे तब और कोई बात कह पाएंगे
06:54अधालत ने दोनों अपराधियों को जगन्य हत्यकाद अपराधी माना है और इसके लिए उनको अधिक्तम सजा मिर्टु दंड की सजा
07:04मुकर्र की है
07:07और इसके लिए 302 के लिए 50,000 पर जुर्माना नगत और 238 के लिए 20,000 पर जुर्माना दे
07:18किया है
07:19दोनों को मिर्टु दंड बिला है
07:22मावारत का बताया मैंने उन्होंने वर्णा बेकर यह था कि अपराधि को के अपराध के लिए सजा देना भी धर्म
07:31है
07:31यानि अच्छा काम है उचित काम है अपराधी को उसके अपराध के खिर्थ के अनुसार सजा मिलें चाहिए
07:40अभियोजन की तरफ से बहुत मजबूत सटीक पैरवी की गई उसी का परिणाम है कि इन अपराधियों को खिर्थ का
07:46उचित सजा मिलें
07:51बिल्कुल पूरे देश में एक नजीर बनेगा और जो इस परकार की घटनाओं की बाढ़ हा रही थी वह बाढ़
08:02हो पर मुझे लगता है कुछ सोचने पर मजबूर होंगे अपराधी कि इस परकार का किर्थ भाईस में ना हो
08:20अपराधियों के खिर्थ के अनुसार अपराधियों के भयावच्ट परकार कि अनुसार अपराधियों के
08:36भयावच्ट को ऐए अपराध को भयावच्ट को देखते एगुए घंभीता को देखते हुए पती-पत्नी के रिष्टे के ऊपर कलंकित
08:43करने
08:43वाना अपराध के रुप में ये साम्दय था स्माज के लिए सन्देश है कोई भी
08:54परादी अपने निकटतम रिश्टेजार को अपने पती पत्नी का पत्नी-पती का या बेटे का या डोरा बेटे का किसी
09:03में परकार के छोटी लालच में आ करके ऐसा जगन्य हर्थयकाँ अंगाम नहीं देनाओ नहीं तो उसको सघा
09:10जो आज मिर्तु दन की मिली है ऐसी मिले की अपने आपको बचाने के मारे बोल रहे थे कि सौरों
09:14बहुत अच्छा अगर उनको यह उसका साथ देते और अपनी लड़की का साथ नहीं देते वह जिस तरीके से पिछला
09:22डेर साल भी ता उसको आप आप कैसे देखती है जब यह को
09:37अब आप बताएं कि अब आप जिस तरीके से नीला ड्रम एक कहें कि पूरे देश में एक सिंबल बन
09:43गया था अब आप क्या संदेश देना चाहेंगे आप तक हम तो यहीं देना संदेश आते हैं किसी का भी
09:52बच्चे को मारो मत नहीं रहना उनके साथ अलग हो जा अगर कोई
10:06कि अब रत है सौरब की मां हमारे साथ ही सौरब राजपूत की मां
10:14यह बड़ी बात है अदालत ने यह कहा कि दंड भी धर्म है और श्रीमत भगवत गीता में योगेश्वा श्री
10:24कृष्ण का के श्रीमत भगवत गीता का उधरण उन्होंने लिया
10:29कि धर्म दंड देना धर्म का काम है श्रम्स और जिस तरह से जिस निर्ममता से सौरब की हत्या की
10:37गई
10:37एक सोची समझी साज़िश के तहट यह नहीं कि एका एक हत्या हो गई
10:42सोचा उन्होंने पती का कतल किया आलाइक कतल भी बरावाद कर दिया गया है
10:47पूरी सीक्वेंस आफ इवेंट्स को अदालत में प्रोसिक्यूशन दिखा पाया
10:57जी इसमें जिस तरीके से आज सजा पर चुके गिल्टी तीस सतंबर को ही करार दिया गया था आज सिर्फ
11:02यह थी कि सजा क्या मिलेगी
11:03उम्र कैय दिया फिर सजा मौत दो ही चीज थी जो प्रोसिक्यूशन है सरकारी वकील है उन्होंने ये बताया कि
11:10इनकी कम उम्र या फिर इनका ये पहला अपराद है ये मत देखिए
11:13आपराद किस तरीके का था किस कुरूर तरीके से पहले कटले किया सौरफ का मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल ने
11:22और फिर लाश के टुपड़े किये फिर उसको नीले ड्रम में पैक किया
11:25तो ये सारी चीजों को देखने के बाद और फिर सारी investigation जो ही forensic report आई उससे थाबित हुआ
11:30और एक जजज ने आज ये भी कहा बहस के दोरान कि हमें फैसला देने से पहले ये भी देखना
11:36है कि समाज और जनता की opinion क्या है
11:39जिससे समाज पे असर पड़ता है उनका इशारा ये था कि हाल के वक्त में बहुत सारी पत्निया के हाथों
11:45पती का कतल हो रहा है पती के हाथों पत्निया का कतल हो रहा है तो समाज में जिस तरीके
11:49से ये सारी चीज़े चल रही है तो एक ऐसा फैसला होना चाहिए जो जनता चाह
12:06रहते हैं खुद सरकारी वकील से मेरी इस फैसले से थोड़ी देर पहले बात हुई उनका भी ये कहना था
12:10कि शायद लाइफ इंपरिज्मन्ट यानि उम्रकैद लेकिन सबाद चार बजे जस सहाब ने जिस तरीके से मुस्कुराते हुए दंड और
12:18धर्म की बात कहने के बाद सी
12:34दो मिनिट की बात थी लेकिन जिस तरीके का फैसला आया शायद उसकी उम्मीद नहीं थी लेकिन परिवार को में
12:41जो हुआ ये हाल के वक्त में जो समाज में हुआ है शायद उसके लिए एक मैसिज था
12:46निश्यत तोर पर ये नजीर बननी चाहिए ये बात लोग भी वहां कह रहे थे और एक और बात जो
12:53परिवार है सौरप का वो यही विंती लगातार कर रहा था कि अगर मृत्यूदन नहीं दिया गया तो इस तरह
13:01के अपराद होते रहेंगे और उनकी मान एक और बड़ी महत्
13:04की शमस उन्होंने ये कहा कि अगर आपको लड़की नहीं पसंद अप छोड़ दीजे अगर आपको लड़का नहीं पसंद आप
13:12छोड़ दीजे आप किसी की हत्या मत कीजे पूरा परिवार मर जाता है और संभवता ये जो आज निरणय आया
13:19है अदालत का ये इस और भी एक �
13:21इशारा है कि हद्धा नहीं कर सकते हैं
13:29देखिए गौरव इसमें सबसे एहम बात एक और चीज थी
13:32जिस सौरफ ता कतल हुआ उसकी पत्नी मुस्छान
13:35लेकिन मुस्छान के माबाप सौरप को जादा मानते थे
13:39और मुस्कान के माबाप ने बाकाइदा सरकारी वकील के जरीए जज साहब तक एक लेटर भिजवाया और उसमें ये कहलवाया
13:45कि मैं चाहती हूँ या मैं चाहता हूँ उनके माबाप कह रहे हैं कि मुस्कान को उसके किये की मैकसिमम
13:51सजा यानि के सजा मौत मिले खुद मुस्का
14:06किवल हत्या की उन्होंने सौरब की बलकि हत्या के बाद नीला ड्रम खरीद के लाए, सिमिंट खरीद के लाए, लाश
14:13के टुकड़े किये और पहले सिमिंट फिर एक टुकड़ा उसके ओपर सिमिंट की ताकि बदबू भी बाहर ना है और
14:20उसके बाद छुट्टी मनाने के लि�
15:05परशाता है ताहिर
15:05मुसकान पहली बार अपनी माँ से खुलासा करती है कि सौरब जब पूस्तिये कहां है तो वो कहती है मैंने
15:23उसको माँ डाला
15:27पिर उसको उठाकर पुलिस स्टेशन ले जाया जाता है, वहां मजदूरों को बुलाया जाता है, बड़े उसको एहतियात से काटा
15:34जाता है थाकि बॉडी को को नुकसान ना हो क्यों को एक एविडेंस था और तब जाकर कहीं ये लाश
15:38सामने आती है।
15:57पंदरा दिन तक आप वादियों में घूम रहें, ये दर्शाता है कि इन दोनों की सोच कितनी करूर और कितनी
16:03खतरनाक थी। इसलिए ऐसे लोगों को फिर वही वाप थी कि दंड जो है वो धर्म है और इसलिए मृत्यू
16:09डंड इनके लिए बनती है।
16:27बचेंगे ऐसे कई प्रश्ण हैं उस पर हम विस्तार से चर्चा करेंगे लेकिन उससे पहले अदालत से फैसला आते ही
16:33निकलते ही वकील ने क्या कहा शुनिए।
16:37अपरादियों के भयावत्ता को देखते हुए अपराद को भयावत्ता को देखते हुए गंभीरता को देखते हुए पती-पत्नी के रिष्टे
16:44के उपर कलंकित करने वारा अपराद के रूप में यह सामाज के लिए यह संदेश है कि कोई भी अपरादी
16:56अपने निकटतम रि
17:16प्रवारत के बारे में उन्हों ने यह बताया यह अपरादियों को अपराद के अनुरूप सजा देना भी धर्म का काम
17:26है यह धर्म है इसलिए उसके अपराद के अनुरूप सजा मिलनी चाहिए
17:39इसको ब्लू ड्रम मर्डर केस के रूप में भी देश भर में जाना गया हाला कि मेरट का यह मामला
17:45लेकिन पूरे देश में इसको लेकर एक तरह से हड़कम था जब छानडीन हुई शम्स इस पूरे मामले की तो
17:53एक जो इसमें अक्यूजड है यानि मुस्कान उसका कबूल नाम
17:57फिर साहिल की गिरफतारी आलाई कतल का बरामत किया जाना और क्या-क्या सबूत पूलीस ने जुटाए जिससे ये सावित
18:06हुआ कि इन्हीं दोनों ने एक कतल किया और फिर एविडिन्स को मिटाने की कोशिश की
18:15अदालत ने जिस सबूत को सबसे एहम सबूत माना था गौरव वो ये था कि वो मुस्कान और साहिल थे
18:21जिनकी निशान देही पर सौरव की लास नीले ड्रम में है ये पता चला और फिर उस नीले ड्रम से
18:27वो बाड़ी मिली डियने से पता चला कि ये वही है
18:30इसके लावा इन दोनों की तीन मार्ज की रात को उस घर में मौजूदगी जहां सौरव का कतल हुआ इन
18:37तीनों के पास से वो मॉबाइल जिसमें इन दोनों के चैट थे और उसके जरीए इनके रिश्टे पिर पंदरा दिन
18:43ता कि इनका ठीक उसी वक्त गायब हो जाना
18:45साहिल का इस क्राइम से आठ घंटे पहले अपना मॉबाइल बंद कर देना ये वो एविडेंस थे जो कोड ने
18:52पुखता माना हलाकि इसमें दो तीन लूपोर्स भी थे एक ये कि जिस रात क्राइम सीन पर इन तीनों की
18:58मौजूदगी एक साथ दिखानी थी मेरट पुलिस दि
19:15ले चुकी थी तलाशी ले चुकी थी तो ये चाबी कहां से आई लेकिन इन चीजों को दरकिनार करते हुए
19:19कोट ने फॉरंसिक एविडेंस और सबसे बड़ी बात कि इनकी निशान देही पर उस लाश की बरामदगी को सबसे एहम
19:26सबूत माना हाला कि पूरे केस में 132 पेश
19:42रहे कि असल में सौरफ के कातिल मुसकान और साहिल हैं और मोटीव ये था कि ये दोनों शादी करना
19:48चाहते थे और सौरफ से छुटकारा पाना चाहते थे
19:50और क्या सौरफ ये छुटकारा देने से इनकार कर रहा था पहली बात क्या सौरफ को इन दोनों के संबंध
19:57के बारे में जानकारी थी क्या अदालत में ये बाते भी निकल कर आईं और आगे की कारवाई अब इस
20:03मामले में क्या होगी हाला कि मुसकान की मा ने कहा कि वो अपील
20:07नहीं करेंगी लेकिन जो दोनों अब दोशी हैं अब अदालत के निर्ड़े के बाद वो आरोपी नहीं दोशी हैं वो
20:14हाई कोट का दर्वाजा खट खट आएंगे उनके वकीलों का क्या कहना है
20:21देखे सौरव पहले सवाल के जब आप देता हूं दोज़सोला में शादी हुई थी सौरव और मुस्कान की जी उसके
20:27बाद जब सौरव चुके लंदन में था पीछे प्ले स्कूल में उसकी एक बेटी हुई जहां स्कूल जाते जाते साहिल
20:33से मुलाकात ही दोनों में प्यार ह�
20:46तब ये लोग उसे रास्ते से हटाने का फैसला करते हैं और उसके बाद तीन मार्च को कतले कर देते
20:51हैं अलाकि ये वो सौरव था जो यहां 24 फरवरी 2025 को आता है मेरट सिर्व इसलिए क्योंकि अगले दिन
20:57यानी 25 फरवरी 2025 को उसकी वाइफ मुस्कान का बढ़्डे था अप
21:15अलाबाद हाई कोट जाएंगे वहाँ इस फैसले को चनौती देंगे हाई कोट अगर इस फैसले को बरकरार रखती है तो
21:21इसके बाद उनके पास एक और मौका है और वह सुप्रीम कोट फिर वह सुप्रीम कोट जाएंगे मतलब कानूनी लड़ा
21:27यह भी लंबी है बेशक आ�
21:44यह कि फासी की सजा बेशक हो चुकी है लेकिन अभी आठ दस साल से पहले ऐसा हो मुझे नहीं
21:50लगता इस देश में अभी भी चार सो से जादा ऐसे लोग है जिनों फासी की सजा हुई है लेकिन
21:55फासी नहीं हो पाई है आखरी फासी भी आपको पता है आजादी से लेके आज त
22:14प्रित्यु दंड को उम्रकैद में तब्दील भी कर सकते हैं और उसके अलग-अलग कारण देते हुए लेकिन एक बार
22:21जब दोशी पालिये गए हैं वो भी हत्या के मामले में वो भी इस तरह की जगन्य हत्या के मामले
22:27में तो आजीवन कारावास तो होगा ही जब तक जीवित ह
22:31जेल में रहेंगे लेकिन अभी कई प्रक्रियाएं और भी हैं साहिल की और से अब दोनों अपने आपको लगातार बेगुना
22:40साबित करने की कोशिश करते रहें साहिल के और से या उनके परिवार की और से क्या कुछ सफाई आई
22:46है
22:51देखें मैं गौरव आपको बताओं जब आज इस सजा के उपर बहस हुई तो यहां पर सीकुरिटी के वज़ा से
22:57साहिल अव मुसकान को कोट में ही लाया गया वो मेरट जेल बे थे
23:00वहाँ वीडियो कांफरेंसी के रूम के जरिए उन दोनों को यहां से जोड़ा गया
23:04जद साहब ने आज शुरुवात दस बचकर दस मिनट पर मुसकान से एक सवाल से पूछा कि क्या आपको पता
23:10है कि आज आज आपको हम सजा सुनाने जा रहे हैं
23:12मुसकान ने हां में जवाब नहीं दिया सिर्फ गर्दन लाई फिर उन्हें पूछा आपको कुछ कहना है मुसकान ने कुछ
23:17नहीं का मुसकान से तीन चार सवाल पूछे मुसकान ने एक का भी जवाब मुसे नहीं दिया
23:21इसके बाद साहिल से सवाल पूछा गया
23:24क्या आपको पता है साहिल ने भी का हाँ
23:26फिर जजसाब ने पूछा कि आपके उपर कोई मतलब फैमली ऐसी है
23:29जो डिपेंडेंट है आपके उपर उसने बताया सिर्फ मेरी एक नानी है
23:32पूछा आप पढ़े लिकिया उसने बताया मैं ग्रेजवेट हूँ
23:35पूछा क्या का बनना चाहते है उसने का मैं सीए बनना चाहता ता अभी सीए बनना चाहता हूँ
23:39इसके बाद बाद खत्म हो गई
23:40शाम चार बच कर दस मिनट पर दोबारा वीडियो कांफरेंसिंग से उन दोनों को जोड़ा गया
23:45इस बार उनसे कोई सवाल नहीं था जजज सहाब ने सीधे कहा
23:49मैं आप दोनों को मिर्ती और डंड देने जा रहा हूँ
23:53और इसके बाद वो वीडियो कांफरेंसिंग लाइफ खत्म हो गई
23:56अब यहां एक और चीज़ है
23:58अपील करने कहा कूपरी अदालत में
24:00चुक्के सजा मिली है साहिल को सजा मिली है मुसकान को
24:03इनके फैमली अपील करें ना करें उससे इस कानूनी केस पे कोई फरक नहीं पड़ेगा
24:08अगर मुसकान और साहिल अपील करते हैं वही माना जाएगा
24:11और यह जाहिर सी बात है मौत का मामला है
24:13अपील नहीं करेंगे तो फिर इसका मतलब है कि निचली अदालत से ही मामला निपड़ जाएगा और इन्हें सजाय मौत
24:19मिल भी जाएगी
24:19लेकिन आज तक ऐसा हुआ नहीं है क्योंकि बात मौत की है तो ये उपरी अदालत जरूर जाएंगे और ये
24:25दोनों खुद अपील करेंगे इनके पास 90 दिनों का वक्त है भी