00:08दुर्गा उत्सों में आपने कई अनोखे पंडाल और आकशक प्रतिमाई देखी होंगी लेकिन ग्राइपुर में बांस की लखडी और जूट
00:16की रसियों से बनाई गई माद दुर्गा की ये प्रतिमा शायद ही पहले कभी देखा हो
00:22राजधानी के अश्वनी नगर में विराजित इन प्रतिमाओं को देखने के लिए भक्तों की भीड लग रही है खास बात
00:29ये है कि ये अस्वम्या संस्कृती से जुड़ी है यानि राइपुर में असम की जलक आपको यहाँ देखने को मिलेगी
00:38राइपुर का ये पहले एसा मुर्ती है जो देखने को मतर्फ सबसे अलग है अलग टाइप कर देख रहे है
00:46पुरा बांस से निर्मी जुग हुआ है
01:13इस पंडाल में सिर्फ मा दुर्गा ही नहीं बलकि बंगाली संस्कृती की तरह
01:18भगवान गनेश, कार्दिके, माता सरस्वती और माता लक्षमी की भी बांस से बनी प्रतिमाय विराजित की गई है
01:26इसे राइपूर के ही मूर्तिकार सुरेश प्रजापती ने तीन महिने की मेहनत के बाद बनाया है
01:32हर बार की तरह इस बार भी नौर्ट इंडिया और कलकत्ता के पैटन पे माता जी की स्थापना करती है
01:39इसमें हमेशा हम बंगाली पैटन पे पांचों मूर्ति का स्थापना करते हैं
02:06प्राचीन मूर्तियों के स्वरूप में बनाई गई इन प्रतिमाओं में एक अलग ही सादगी और आकशन दिख रहा है
02:13जहां देवी देवताओं के साथ बाग या इस्थानिय पश्वों की भी जलक दिख रही है
02:19इन प्रतिमाओं के जरिये परियावरण के साथ ही अनेक्ता में एक्ता का संदेश भी दिया जा रहा है
02:26इचिवी भारत के लिए राइपूर से रितेश कुमार तमबोली की रपोर्ट