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  • 6 hours ago
सौरभ हत्याकांड में मेरठ की जिला अदालत ने साहिल और मुस्कान को फांसी की सजा सुनाई है. इससे पहले 30 सितंबर को कोर्ट ने दोनों को दोषी ठहराया था. साथ ही फैसले की तिथि 14 अक्टूबर तय की थी. कोर्ट ने जो सजा सुनाई है, उसमें 7 साल की सजा धारा 238 A में दी है और 20 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है, जो डेड बॉडी छिपाने के लिए है. जबकि 50 हजार रुपये का जुर्माना हत्या के जुर्म के लिए लगाया है. कोर्ट ने महाभारत के संस्मरण का भी जिक्र किया. साथ ही इसे जघन्य अपराध मानते हुए यह फैसला सुनाया.बुधवार को वर्चुअल माध्यम से कोर्ट में मुस्कान और साहिल की वर्चुअल माध्यम पेशी हुई. वादी पक्ष के अधिवक्ता विजय बहादुर सिंह ने कहा, उन्होंने कोर्ट को यही बताया है कि हत्या का तरीका बेहद ही क्रूरतम है. यह कोई अचानक से उकसावे में आकर हत्या नहीं की गई है. बल्कि यह सोच-समझकर हत्या की गई. हत्या करने के बाद भी डेडबॉडी के टुकड़े किए गए. मृतक सौरभ के सिर को तो आरोपी साहिल अपने घर तक भी लेकर गया था. जिस तरह का दोष है, इसमें कम से कम मृत्यु दंड दिया जाए.अधिवक्ता विजय बहादुर ने कहा कि उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के एक केस का हवाला देते हुए इस मामले में मृत्युदंड की मांग की है. मृतक सौरभ की मां रेनू और भाई बबलू भी सजा सुनाए जाने के दौरान कोर्ट में रहे.

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Transcript
00:03उत्तर प्रदेश के मेरट के सौरब हत्याकांट में जिला कोट ने साहिल और मुसकान को फांसी की सजा सुनाई
00:09तीस सितंबर को कोट ने दोनों को दोशी ठहराया था
00:32सजा सुनाते वक्त दोनों की वर्चुली कोट में पेशी हुई
00:35मृतक सौरब की माँ और भाई भी इस तौरान कोट में मौझूद रहे
00:39निला ड्रम कांट से सुर्खियों में रहा इस संसनी के इस मामले में
00:42करीब 13 से 16 महीने तक चली सुनवाई के तौरान 126 पेशियां हुई
00:47अब योजन पक्ष की और से अधरत के सामने 22 एहम गवाह पेश किये गए
00:51जिनकी गवाही पर कोट ने दोनों को हत्या के साथ-साथ
00:54साक्ष मिटाने और सबूत छिपाने का दोशी माना
00:57मार्च 2025 में मुसकान रस्तोगी ने अपने प्रेमी साहिल शुकला के साथ मिलकर
01:02पत्ती सौरभ राजपूत का मुर्डर किया
01:05उसके बाद शफ के टुकडे करके सिमेंट के घोल के साथ नीले ड्रम में भर दिया था
01:09वारदात के बाद दोनों हे माजल प्रदेश फरार हो गए थे और फिर पुलिस ने दोनों को गिरफतार किया था
01:15मिरर रिपोर्ट एटीवी भारत

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