00:01मेरड के चर्चित नीले ड्रमवाले सौरब हत्यकान में अदालत ने 591 दिन बाद मुस्कान रस्तोगी और साहिल चुकला को नित्यू
00:10दंड की सजा सुनाई है।
00:12बुद्वार की शाम सवा चार बजे निर्णे के बाद कोट्रूम तालियों की गड़गड़ा हट से गूंज उठा। वहां मौजूत सौरब
00:19की मा की आँखों से आसो छलक पड़े। इस दोरान मा रेनू ने जज से कहा आज मेरे बेटे सौरब
00:26की आत्मा को आज शान्ती मिली ह
00:28सजा सुनाते हुए जज ने कहा दंड भी धर्म है. महाभारत में भी दंड को धर्म ही बताय गया है,
00:37यानि अपराधी को दंड देना धर्म है. अधर्म के काम पर सजा देना धर्म होता है. मुस्कान साहिल आप दोनों
00:44ने ही सौरब की निशंक हत्या की है. इसलिए माफी स्व
00:58मुसकान और साहिल को वीडियो कॉन्फरेंसिंग के जरिये कोट में पेश किया गया। इस दोरान जज ने दोनों से अलग
01:05-अलग पूछा कि क्या उन्हें कुछ कहना है। तो मुसकान ने कहा मेरी दो बेटियां हैं। बस इसका ख्याल रखा
01:11जाए। जबकि साहिल इस सवाल पर
01:13चुप रहा। आखिरकार दोनों को जिला जज ने फासी की सजा सुना दी। कोट रूम में हुई सुनमाई के दोरान
01:20क्या हुआ, मुसकान और साहिल फैसला सुनने के बाद कैसे हैरान हुए और कोट रूम का रियक्शन क्या था। इसकी
01:28जानकारी मेरट के वरिष्ट जेल अ�
01:42पालका में सबसे बड़ी सजा होती है। यह एकदम सदमे में आये और फूट फूट कर रोने लगे। बहुत ज़्यादा
01:50देर तक बात नहीं की किवल मानी नैले ने इनको सजा समय मिद्बंद की। तो उनको हम लोगों ने फिर
01:55कांसलिंग की है। हम लोगों ने समझाया है क
02:00आगे की पिरक्रिया क्या होती है यदे आप लोग समय में अपील करना चाहें तो समय कर सकते हैं या
02:04करागार विभाग अपील करेगा। जिसका नेड़ा ये दो दिन में लेकर हमको बताएंगे। हम लोगों ने अपनी एक सुरच्छा संबंदी
02:11बैठक भी जेल में की है जिस
02:28सुनिए पक्ष और विपक्ष के नेता क्या कुछ कह रही हैं।
02:58अपराधी मन जी उनके होते हैं, उनके मन में एक दहसत हो, इस बात का डर हो कि अगर अपराध
03:03करेंगे तो कानून के सिकंजों से बच नहीं पाएंगे।
03:28उन दोनों लोगों को फासी की सजा सुनाई गई है।
03:32ये सजा जितनी जल्दी एक्जिक्यूट हूँ, ये सजा उतनी अच्छी है, क्योंकि ये सजा कहीं न कहीं रिष्टों को सरमसार,
03:40जिन लोगों ने किया, विश्वास घात किया, समाज के साथ एक दुश्चक्र रचा, और जस सहाब का जो फैंसला है,
03:48वो तमाम लोगों के आ
04:01अनवता को शरमसार करता है, जस साब का फैंसला पूरी तरीके से सम्मिधान संबने।
04:31हिमाशल फरार हो गए थे, 18 मार्च को दोनों की गिरफतारी की गई, जिसके बाद सौरप की लाश ड्रम से
04:38बरामत की गई, इसी मामले में जिलाजथी कोर्ट में सुनवाई चल रही थी।