00:00पीड़ित परिवार से मुलाकात करकर आया हूँ
00:04यकीनन ये घटना आपको अंदर तक विछलित करती है
00:08एक परिवार के आठाट बच्चे, एक परिवार के पांच बच्चे
00:13जिस परिवार की अगली पूरी पीड़ी ही उजड़ जाए
00:18तो उस परिवार के लिए सिवाए आसों के कुछ बच्चता नहीं है
00:22और ये द्रिश यकीनन आपको अंदर तक जगजोर देता
00:27ऐसे में प्रियास था कि इस दुख की घड़ी में उनके साथ खड़ा रहा हूँ
00:32बड़ साथ ही में इस बात को जानना भी जरूरी है
00:36कि लापरवाही हुई कहां पर है
00:39एक जो स्पच लापरवाही दिखती है
00:41कि सुरियास के बाद ये क्लारिटी है
00:45कि कोई भी नावे किस तरीके से नौ लेकर नहीं किसी को लेकर जाएगा
00:51उसके बावजूद सुरियास के बाद कैसे ये नौ वहां पर चली
00:55इसके लिए S.H.O. C.E.O. जरूर जवाब देही उनकी बनती है
01:01इस बात के निर्देश D.M. साब को मैं देखे आया हूँ
01:06कि आप इस बात को सुनिश्चित करें
01:08कि जो लोग भी दोशी इसमें हैं
01:12उसके उपर सक्से सक्क कारवाई होना जरूरी है
01:14किसी भी घटना को बरदाश नहीं किया जा सकता
01:17पर ऐसे में इन मासुमों का इस तरीके से चले जाना
01:20ये कते ही कोई बरदाश नहीं कर सकता
01:23तो जो लापरवाँ हैं वो साथी में नाव की जिस तरीके से हालत थी
01:27इस हालत में कैसे वो नाव चल रही थी
01:30इसको लेकर थोड़ा confusion है कि वो private है, सरकारी है, private के नाम पे registered है
01:36बहराल इसकी भी जाच हो रही है और तुरंट उस नौ को वहाँ से हटाने के भी निर्देश दिये गए
01:41है
01:41and in replacement, एक भैतर बड़ी नौ वहाँ पे मोहिया कराई जा
01:46इस बात के भी निर्देश दिये गए है
01:49जहां पर ये घटना घटी ऐसा नहीं है कि वहाँ पे पुल, पुलिया की विवस्ता नहीं है
01:55है जहां से मैं जब गया तो मैंने भी उसी पुल के उपर से खड़े होके ही
02:00इस पॉट को देखा जहां पर ये घटना घटी
02:04बढ़ कई बार होता क्या है कि आपको पुल के लिए वो एक थोड़ा लंबा रास्ता लेना पड़ता है
02:09और ऐसे में जो स्थानिय नाविक वो होते हैं वो तुरंट क्योंकि वो नदी बहुत ज़ादा चौड़ी है नहीं
02:17बहुत थोड़ा सा ही वो फासला है
02:20तो मुश्किल से पांच मिनट में इदर आना जाना हो जाता है
02:24और इसलिए लोग कई बार पुल का रास्ता इस्तमाल करने की बजाए नाव के रास्ते से जाना प्रिफर करते हैं
02:31बट वहराल कहीं ना कहीं ये सारी चीजों को लेकर चूक होई है
02:35हम लोग हर एक स्तर पर इसकी जाँच भी करने और काफी चीजों के तो निर्देश भी दे दिये गए
02:45हैं
02:45परिवार को बस हिम्मत मिले इस दुक की घड़ी में
02:48इसी सोच के साथ आज मैं वहाँ पर गया था परिवार से भी मिला जो बच्चे यहां आनन हॉस्पिटल में
02:56एड्मिट हैं
02:57उनसे भी मुलाकात की था कि वो जल्द स्वस्थ होकर अपने घर जा सके
03:02प्रधान मंत्री जी भी इस घटना को लेकर चिंते थे
03:06कल देरात उनके कारियले से ये संपर्क निरंतरता में चल रहा है उमीद करता हूं कि ऐसी घटना से प्रसाशन
03:16भी सीख लेगा
03:18और जितनी भी ऐसी जगाएं हैं उनको चिनित करकर जहां से ऐसी नाव चलती हैं सुर्यास के बाद ना चले
03:27और उन नाव की स्थिती उसकी कंडीशन पे एक बार थरो रिव्यू हो इसके भी निर्देश दिए गया है
03:41अच्छी बात है देखिए कलेक्टिव रिस्पॉंसिबलिटी है सबकी और हम सब सरकार का हिस्सा हैं ऐसे में कोई अपनी जवाब
03:50देही से भाग नहीं सकता
03:52रागोपूर का जो प्रात्मिक स्वास केंद्र है उसको लेकर भी चिंताएं कुछ ग्रामिनों ने वहाँ पे जाहिर की हैं जिसको
03:59लेकर मैं स्वैम स्वास मंत्री जी से भी बाचीत करूंगा
04:05उसको अपग्रेट करने का प्रोसेस हम लोग काफी समय से इनिशेट कर चुके हैं उसको अब इंप्लिमेंट करने का समय
04:13है मुख्यमंत्री जी से भी ये सारी जानकारी साजा की जाएंगी ताकि ओवरॉल इस वेवस्ता को और सुद्रिड और जहां
04:23पे गलतियां चूक हैं उ
04:27झाल झाल