00:00परसनल लाइफ में मनाना चाहते थी लेकिन जब से नवरात्री आई उससे पहले हमारी नाइटशिफ लगना शुरू हो गई
00:05जी तो बट ये तुम पुरा फोलो कर रही हो हां ड्रेस कोट कौन से दिन कौन से कहनना है
00:13कोशिश कर लेती हूं कि कल क्या दिन था जो भी दिन था कल और इंज डे था बेसे के
00:20लिए और इंज अटायर पहना था तो वह मैंने पहल लिए तो फर्स दे था तो फास्टिंग कर लेते हैं
00:25आई लोकीं फॉवड टो अश्मी जब हम गर पे बुलाते हैं और उनको प्रशाद खिलाते हैं खुद फ्रशाद बनाते हैं
00:32सुबह सुबह उठकर जो चने अंभ़बवा पूरी होती है जो बेकिल प्रशाद होता है और लड़कियों को बुलाते हैं उनको
00:42पर आपने हातों
00:55बहुत अच्छा लगता है यह जो हमारे दिन होते हैं देवी मा के पूजा करने के लिए हमारी अपने अपनी
01:15सुसाइटी में भी नवराथरी के फंक्शन चालू रहते हैं
01:17तो वहाँ पें पंडाल बंदा हुआ है माता की मूर्ती है वहाँ बहुत सारे भागते हैं तो आइटिंग सबसे जादा
01:26इसमें अगर कुछ बहुत जादा पसंद होगा तो यह जो कॉस्ट्यूम है मतलब जिस कलर के यह बहुत साले कलर
01:34होते हैं तो देख के कुछ ऐसी जरौन ह
01:47ज्योता है ऐसे बहुत सारे दोस्त है यह ज्यूष्ट इन की तो फार दमिपस के लोग हैं तो अभी तो
02:01नहीं बद चार पांच 54 दिन के बाद टाटा पहुँच जाएंगे
02:07अब से तीन चार साल पहले जूगू के जो ग्राउंड है वहां पर हम घर्भा कहला करते हैं
02:12जालता है यसा आपने का कि उसके बाद भी मुझा नहीं आता है
02:16मुझे भी नहीं आता है, it's okay
02:17मतलब मुझे वह कभी वो समझ नहीं आया, actually
02:20वो.. I know, I know
02:21समझ गया है पर आपको मजाया होगा और आपको वहां देखे और लोगों को मजाया होगा
02:26आप जैसे आपने का क्या पीव बगएरा जिती हैं बच्पन का ऐसा कुछ गिफ्ट मिलने का भी एक वक्ता होगा
02:33बच्पन की मेंबरी तो मुझे आसाच नहीं है
02:36अब भाट खुद गंजग बनना भी बहुत अच्छा लगता था
02:40हमें बुलाया चाता था लोगों के घर हमें भी प्रशाद दिया चाता था
02:44पैसे दिये जाते थे कुछ स्टिफिन बॉक्से दिये चाते थे तो अच्छा लगता था
02:48अब भी नवरात्री आप सब्सक्राइब