Skip to playerSkip to main content
  • 16 minutes ago
'प्रदर्शन के दौरान के सभी CCTV फुटेज सुरक्षित रखें', सुप्रीम कोर्ट का निर्देश

Category

🗞
News
Transcript
00:00सुप्रीम कोट से एक और याचिका को लेकर खबर आया जी आपको बताए कि प्रदर्शन के दोरान पुलिस की जातियों
00:05और कतिज जातियों वाली अर्जी पर सुनवाई करते वे सुप्रीम कोट ने पुलिस सदिकारियों को प्रदर्शन से जुड़े सभी CCTV
00:12फुटेज सुरक्
00:18सुरक्षित रख सकते हैं ताकि उन्हें अदालत में सबूत के तौर पर पेश किया जा सके और हमारे साथ हमारे
00:24सयोगी संजे शर्मा एक बार फिर से जुड़े संजे देखिए ये भी कोट ने सुनवाई के तौरान कहा कि तमाम
00:30जितने CCTV फुटेजेज या नीजी पक्षों क
00:32जो वीडियो रिकॉर्डिंग्स है उनको भी सुरक्षित रखा जाये ताकि सुनवाई के तौरान सुप्रीम कोट उनको भी देख सके उनको
00:38भी सबूतों के तौर पर सुप्रीम कोट आपके सकता है एडमिट कर सकता है
00:45जिहां बिल्कुल यह आवशक है आवशक इसलिए भी है कि अक्सर जब भी कोई चीज होती है उसके वीडियो कोट
00:50में दिये जाते हैं
00:51पुलिस के पास अपने पक्ष को मजबूत करने के वीडियो है जब कि याच्छ का करताओं के पास अपने पक्ष
00:56को लेकर वीडियो है कि पुलिस कैसे उनसे जादती कर रही है और पुलिस के पास वीडियो है कि प्रदर्शन
01:01कारियों उनसे कैसे जादती कर रहे हैं कैसे महिला �
01:04पुलिस कर्मियों का असॉल्ट कर रहे हैं, कैसे वो जाती सुचक शब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिस पर वो
01:09F.I.R. दर्ज की गई है, तो मामले दोनों तरफ से कहते हैं कि दोनों तरफ आग बराबर लगी
01:14हुई, तो दोनों तरफ है, लहाजा अदालत को न्याय करने के
01:17आवशिक होगा कि वो दोनों तरफ के फुटेज वीडियो देखे, एक तरफ के वीडियो देखने से तो एक ही पक्षपता
01:22चलता है, दोनों तरफ के वीडियो देखे, ताकि अदालत उसमें पूर नहाय कर सके, लहाजा इसे को ध्यान में रखते
01:27हुए, अदालत ने दोनों �
01:28कहा है कि अपने वीडियो फोटेज सुरक्षित रखें ताकि जब मामला सुनवाई के लिए आए उसमें अदालत के सामने दोनों
01:35अपने अपने सबूत के तोर पर उसे पेश कर सके उसके बाद अदालत अपने विवेक से निरने लेगी कि आखिर
01:40गलते किसकी थी और जिसकी भी
01:42गलते थी अगर दोनों पक्षों की गलती थी तो उसके लिए सजा तजवीज क्या की जाएं।
02:12होता है कि सारे मामले सुनने के बाद ये कोट लंच के लिए जाता है तो ये ये परिस्थितियों पर
02:17निर्भर करता है कि अदालत किन चीजों पर अमूमन तो अदालत टाइम की पाबंद होती है और एक बजे सवा
02:24बजे के बीच अदालत भोजना वकाश के लिए चली जाती है �
02:27लेकिन कई बार मामले बड़े होते हैं

Recommended