00:22नवस्कार आप देख रहे हैं आज तक आपके साथ मैं हूँ सही दंसारी स्वागत आपका कूर्ट नीदि
00:30जब एक घाटे में डूबा हुआ बैंक का खुद को अबार कर फिर से मुनाफ़ा कमाने लगे और सरकार उसे
00:35बेशने के तैयारी कर ले तो विवाद होना तो लाजबी है
00:39आईडी बी आई बैंक इस समय ऐसी ही खीशतान में बना हुआ है किनड़ा की कमपनी फेरफेक्स फिनिशिल करीब बावन
00:47हजार आट सो अठतर करोड रुपे में आईडी बी आई बैंक का नियंतरं अपने हाथ में लेने जा रही है
00:54सरकार इसे एतियासिक निवेश बता रही है तो बैंक के कर्मचारी निर्णे पर सवाल उठा रही है
01:00सवाल सर्फ मालिकाना हक का नहीं सवाल ये भी है कि इस डील से किसे क्या मिला और जोखिम यानि
01:06के खत्रा किसके हिस्से में आया
01:08तो कूटर नीती में आज बात IDBI बैंक के निजी करण, कैनडाई कंपनी की एंट्री और इसके पीछे के पूरे
01:16आर्थिक गणित
01:1714 ऑक्टूबर को केंद्रिया क्याबिनिट ने फियर फेक्स समर्थेतर कैनडा इंक को IDBI बैंक की 60.72 प्रतिशत हिस्सेदारी बेशने
01:28को सुख्रती दी
01:29इसमें सरकार अपनी 30.48 प्रतिशत LIC की 30.24 प्रतिशत हिस्सेदारी बेश देगे
01:38सौदा 81.80 रुपे प्रतिश शेर के हिसाब से ताय हुआ जो करीब 5.5 अरब डॉलर बैगता है
01:47बिक्री के बाद भी सरकार और LIC के पास सहीं तुरूप से 34 प्रतिशत हिस्सेदारी बनी रहेगी
01:53अलांकि इस हेंड़ोवर से पहले रिजर्फ बैंक यानि के अरबियाई की सुख्रिती मिलना पाकी है
02:00आईडी बियाई कोई दिवालिया बैंक नहीं है जिससे कौडियों के भाव बेचा जा रहा है
02:06आईडी बियाई बैंक का फसा हुआ कर्ज यानि बैड लून सितंबर 2018 के 31.78 प्रतिशत से घड़कर मार्च 2026
02:15में सिर्फ 2.32 प्रतिशत पर आगए
02:18वितवर्श 2026 में बैंक को 9513 करोड रुपे का रिकॉर्ड मुनाफ़ा हुआ
02:25ऐसे में कर्मचारी संग ये सवाल उठा रहा है कि जब जनता के पैसे से बैंक को हमने उबार लिया
02:31और अब इसका सरकारी नियंतरन क्यूं सरकार छोड़ रही
02:36सरकार की दलील है
02:3781 रुपे की बोली उसके तए बेंचमार कियानी की 75 रुपे 99 पैसे से कहीं ज्यादा है
02:55भारत कैनाडा के आर्थिक रिष्टों से भी चुटते हैं
02:57दोनों देश 2026 के अंत तक एक व्यापक आर्थिक साज़ेदारी समझोता यानि की CEPA को अंतिम रूप देने में जुटे
03:05हैं
03:06जिसका लक्ष दुविपक्षिय वेपार को 2030 तक 70 अरब कैनाडाई डॉलर तक पहुंचाना है
03:12इस दील से फेयर फैक्स को भारत में 2000 से अधिक शाखाओं वाला एक मजबूत बैंक मिल गया
03:18सरकार और एलाइसी को भारी भरकम फंड बिल गया
03:21जिसे वो अन्य विकास कारियों में लगा सकते हैं
03:24लेकिन कर्मचारियों के सामने अपने भविश्य के पुनर गठन की चिंता है
03:28तो अल्प संखे के शेयर धारों को को शेयर बाजार के उतार चलाव का सामना करना पड़ रहा है
03:34IDBI बैंक के शुरुआत एक विकास बैंक के रूप में हुई थी जिसका गाम और द्योगों को बढ़ावा देना था
03:40अब एक नीची मालिक से मुनाफिक के उमीद होगी
03:43देखना ये होगा कि क्या नया मालिक और नया प्रबंधन मुनाफिक साथ साथ
03:49आम गराकों छोटे व्यापारियों के हितों का ध्यान रखेगा या बिलकुल नहीं
03:53गूटनीते में आज के लिए वस इतना ही आप प्लीज अपना बहुत ख्याल रखेगा देखते रहिए आज दो