00:25प्रक्रिया क्या है?
00:28किन राजियों में कब होगी और SIR से ये कितनी अलग है इस रिपोर्ट में समझते हैं
00:34चुनाव आयोग ने 17 राजियों और केंदर शाषित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को पत्र लिख कर इस प्रक्रिया की
00:40जानकारी दी है
00:41आयोग के मुताबिक 1 जनवरी 2027 को पातरता की तारीख माना जाएगा
00:46मतदान केंदरों का युक्तिकरण और पुनर विवस्थापन 2 नवंबर तक पूरा किया जाएगा
00:53इसके बाद 12 नवंबर को एकी कृत मसौदा मतदाता सूची प्रकाशित होगी
00:5812 नवंबर से 11 दिसंबर तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराई जा सकेंगी
01:04इनका निप्टारा 28 दिसंबर तक किया जाएगा और फिर 4 जनवरी को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होगी
01:11अब जानिये ओन राजियों और केंदर शाशित प्रदेशों के नाम जहां ये प्रक्रिया आयोजित की जाएगी
01:17अंडमान और निकोबार द्वीप समहू, असम, बिहार, चत्तिसगर, गोवा, गुजरात, केरल, लक्ष्वदीप, मध्यप्रदेश, मडिपूर, पुड़ुचेरी, पंजाब, राजिस्थान, तमिलाडू, उत्रप्रदेश, उत्राखंड
01:31और पश्यमंगाल
01:32इस प्रक्रिया का उदेश, मतदाताओं, खास कर युवाओं और पहली बार मतदान करने वाले को सूची में शामिल करना, प्रविष्ठियों
01:42में सुधार करना और मतदाता सूची को बहतर बनाना है
01:46अब समझ ही दोनों प्रक्रियाओं में अंतर क्या है?
01:49SSR यानि विशेश संशिप्त पुनरिक्षण का मुख्य उदेश नए पात्र मतदाताओं को जोड़ना और मतदाता सूची में सामान्य सुधार करना
02:00है
02:00उधारन के लिए अगर कोई मतदाता अपना घर बदलता है तो वो फॉर्म भर कर अपना पता अपडेट कर सकता
02:06है
02:06इसके विपरीत ऐसा यार यानि विशेश गेहन बुनरिक्षण अधिक व्यापक प्रक्रिया है इसमें घर घर जाकर सत्यापन किया जाता है
02:15मतदाता सूची की प्रविष्ठीयों की बारीकी से जाच होती है और बड़े स्तर पर आकडों का परिक्षण किया जाता है
02:23Bureau Report, ETV Bharat