सवाईमाधोपुर. जिला अस्पताल के नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई में चिकित्सकों की निगरानी और उपचार से समय से पहले जन्मे एक कमजोर नवजात की जान बचाई गई। जन्म के समय शिशु का वजन महज 730 ग्राम था और उसे सांस लेने में परेशानी हो रही थी। करीब 40 दिन तक चले उपचार के बाद शिशु की हालत में सुधार हुआ। 19 दिन ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा और पांच दिन तक फोटोथैरेपी मशीन पर रखा। शुक्रवार को स्वस्थ होने पर उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी। शिशु के स्वस्थ होने से परिजनों ने राहत की सांस ली।
अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. तेजराम मीना के सानिध्य में बाल रोग विशेषज्ञ एवं नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई प्रभारी डॉ. सियाराम मीना की देखरेख में शिशु का उपचार किया। जानकारी के अनुसार क्षेत्र के वेदा निवासी मंजू ने 7 सितंबर 2026 को समय से पहले शिशु को जन्म दिया था। जन्म के समय उसका वजन सामान्य नवजातों की तुलना में काफी कम था। सांस लेने में परेशानी के चलते उसे नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई में भर्ती कराया गया।
19 दिन तक सांस लेने में दी गई मदद
शिशु की गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे सीपीएपी मशीन के माध्यम से सांस लेने में सहायता दी और आवश्यक उपचार शुरू किया। उपचार के दौरान करीब 19 दिन तक ऑक्सीजन सहायता देनी पड़ी। इसके अलावा लगभग पांच दिन तक विशेष प्रकाश चिकित्सा भी दी गई। चिकित्सकों और चिकित्सा कर्मियों की टीम ने शिशु की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी और जरूरत के अनुसार उपचार किया। करीब 40 दिन के उपचार के दौरान शिशु के वजन में लगभग 320 ग्राम की बढ़ोतरी हुई। स्वास्थ्य में लगातार सुधार होने के बाद चिकित्सकों ने उसे छुट्टी देने का निर्णय किया। नवजात की देखभाल में डॉ. सियाराम मीना सहित बाल रोग विभाग और नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई के कार्मिकों ने सहयोग किया। समय पर उपचार, लगातार निगरानी और देखभाल से शिशु की हालत में सुधार हुआ और उसे स्वस्थ अवस्था में घर भेजा।