00:05बिहोर के मधुबनी के बेनी पट्टी अनुमंडल में स्थित मा उच्चैट भगवती का स्थान प्रमुक शक्ती पीछों में से एक
00:13माना जाता है
00:13देश भर के शर्धालों के लिए ये अगाध आस्था का केंद्र है
00:18सालों भर भक्तों का यहां ताता लगा रहता है
00:21खासकर शार्धी नौरात्र के दौरान यहां शर्धालों का सैलाब उमड पड़ता है
00:26पौरानिक मानिताओं वगरंथों के अनुसार सती का हृदय इसी पावन इस्थान पर गिरा था
00:32जिस कारण उच्चैट को शक्ती पीट का दरजा प्राप्त है
00:42पंडत काशिनात जहा कहते हैं कि मा के आशिरवात सही कालिदास महा कवी कालिदास पने थे
00:48आज भी इस इलाके में परंपरा है कि बच्चों की पढ़ाई शुरू होने पर यहीं की मिट्टी लगाई जाती है
01:15मा ने उनको बरदान दिया जो आज तुम रात में जा करता जितने पुष्टक्चों को हाथ से लगा दोगे
01:47मा उच्चैट भगवती के मंदिर में देश भर सी तांत्रिक तंत्र साधना के लिए आते हैं
01:53मानेता है कि माता रानी सभी की मनुकामनाए पूरी करती है
01:57तांत्रिक और व्यादिक पदती से तीन समय आरती होती है
02:01और नौमी को 108 बक्रों की बली दी जाती है
02:04नौरात्र में जिला प्रिशासन सुरक्षा ववस्था संभालता है
02:09EGV भारत के लिए मधुबनी से राजकुमार छा की रिपोर्ट
02:14प्रिश्ग झालता है